दिल्ली दौरे पर DK शिवकुमार का बड़ा बयान — शीर्ष नेताओं से मुलाकात, विवरण देने से इनकार

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दिल्ली दौरे पर DK शिवकुमार का बड़ा बयान — शीर्ष नेताओं से मुलाकात, विवरण देने से इनकार

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। बोले — 'सिर्फ ताजी हवा के लिए नहीं आया।' मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्य में अंदरूनी कलह के बीच यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

Key Takeaways

  • उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 24 अप्रैल को नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।
  • शिवकुमार ने किन नेताओं से मिले, इसका विवरण देने से स्पष्ट इनकार किया।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें शुक्रवार सुबह 11:45 बजे बेंगलुरु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए समय दिया।
  • शिवकुमार ने तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव प्रचार की रिपोर्ट पार्टी नेताओं को सौंपनी है।
  • कर्नाटक में मंत्रिमंडल फेरबदल और मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है।
  • शिवकुमार ने वरिष्ठ विधायकों के दिल्ली दौरे की योजना पर कहा — "इंतजार करें और देखें।"

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने गुरुवार, 24 अप्रैल को नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। राज्य में पार्टी के भीतर जारी असंतोष और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिवकुमार ने स्पष्ट कहा कि वे किन नेताओं से मिले, इसका खुलासा नहीं करेंगे।

दिल्ली दौरे का उद्देश्य और शिवकुमार का बयान

डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं दिल्ली सिर्फ यहां की ताजी हवा का आनंद लेने नहीं आया हूं।" उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन बैठकों का विवरण सार्वजनिक करने से साफ इनकार कर दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें शुक्रवार सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर मिलने का समय दिया है, जिसमें बेंगलुरु से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हैदराबाद में परिवार से मिलने के बाद दिल्ली पहुंचे हैं।

चुनाव प्रचार की रिपोर्ट और पार्टी जिम्मेदारी

केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में तमिलनाडु, केरल और असम में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझे इन राज्यों में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी थी, इसलिए मुझे अपने नेताओं को वहां के घटनाक्रमों की जानकारी देनी होगी।"

उन्होंने असम चुनावों के संदर्भ में बताया कि बुधवार को एक जूम बैठक भी आयोजित की गई थी और वे शीघ्र ही असम का पुनः दौरा करेंगे। उनके अनुसार तमिलनाडु और केरल में गठबंधन सरकार बनाने की संभावनाएं प्रबल हैं और असम में भी गठबंधन को सकारात्मक जनसमर्थन मिला है।

कर्नाटक में अंदरूनी कलह और मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच सत्ता संतुलन को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। मुस्लिम समुदाय में असंतोष की खबरों के बीच कई विधायकों और मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात की रिपोर्टें सामने आई हैं। इस पर शिवकुमार ने कहा, "हमें पार्टी स्तर पर कुछ जानकारी मिली है, हम सभी को मिलकर काम करना होगा।"

जब उनसे वरिष्ठ विधायकों द्वारा मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए दबाव बनाने हेतु दिल्ली की एक और यात्रा की योजना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आइए इंतजार करें और देखें।" यह कूटनीतिक उत्तर इस बात का संकेत देता है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण अभी भी तरल अवस्था में हैं।

मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे पर शिवकुमार का पक्ष

मुस्लिम नेताओं के निलंबन को रद्द करने की मांगों पर शिवकुमार ने स्पष्ट किया, "हमने किसे निलंबित किया है? उन्होंने स्वयं अपने पदों से इस्तीफा दिया है। कृपया त्यागपत्र में लिखी बातों की जांच करें।" यह बयान पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय की नाराजगी के मुद्दे को और जटिल बनाता है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर जो अनकही प्रतिस्पर्धा रही है, वह समय-समय पर सतह पर आती रहती है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद यह तय हुआ था कि दोनों नेता बारी-बारी से या साझा नेतृत्व में सरकार चलाएंगे, हालांकि इस समझौते की कोई आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई।

अब जबकि स्थानीय निकाय चुनाव और उपचुनाव नजदीक हैं, दिल्ली में हाईकमान से शिवकुमार की यह मुलाकात कर्नाटक की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। आने वाले दिनों में राज्य में मंत्रिमंडल पुनर्गठन या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।

Point of View

बल्कि कर्नाटक की सत्ता की बिसात पर एक सुविचारित चाल है। जिस तरह उन्होंने मुलाकातों का विवरण देने से इनकार किया और 'इंतजार करें और देखें' जैसे कूटनीतिक शब्द चुने, वह बताता है कि पर्दे के पीछे बड़ी बातचीत हो रही है। विडंबना यह है कि जो पार्टी 'एकता' का नारा देती है, उसी के भीतर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खेमों में स्पष्ट विभाजन दिख रहा है। मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे और वरिष्ठ विधायकों की बेचैनी — ये सब मिलकर संकेत देते हैं कि कर्नाटक कांग्रेस में जल्द एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ सकता है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

डीके शिवकुमार दिल्ली क्यों गए थे?
डीके शिवकुमार दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मिलने और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बेंगलुरु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने गए थे। उन्होंने तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव प्रचार की रिपोर्ट भी पार्टी नेताओं को देनी थी।
क्या कर्नाटक में मंत्रिमंडल फेरबदल होने वाला है?
शिवकुमार ने इस पर सीधा जवाब नहीं दिया और कहा 'इंतजार करें और देखें।' राज्य में वरिष्ठ विधायकों और मंत्रियों के बीच असंतोष की खबरें सामने आई हैं, जिससे फेरबदल की अटकलें तेज हैं।
कर्नाटक में मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे का मामला क्या है?
कर्नाटक में कुछ मुस्लिम नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है, जिससे समुदाय में असंतोष की चर्चा है। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उन्हें निलंबित नहीं किया गया, बल्कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
शिवकुमार ने किन राज्यों में चुनाव प्रचार किया था?
शिवकुमार ने तमिलनाडु, केरल और असम में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने बताया कि असम चुनावों पर एक जूम बैठक भी हुई और वे शीघ्र असम का दौरा करेंगे।
डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच क्या विवाद है?
2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच अनकही प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। दोनों खेमों के बीच सत्ता संतुलन को लेकर समय-समय पर तनाव सामने आता रहता है।
Nation Press