नकली इनो फैक्ट्री का भंडाफोड़: सोनीपत के खेतों में चल रहा था स्वास्थ्य से खिलवाड़

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नकली इनो फैक्ट्री का भंडाफोड़: सोनीपत के खेतों में चल रहा था स्वास्थ्य से खिलवाड़

सारांश

सोनीपत के गांव अटेरना के खेतों में छिपी नकली इनो फैक्ट्री का पुलिस-स्वास्थ्य विभाग ने भंडाफोड़ किया। हजारों पैकेट जब्त, मुख्य आरोपी अमरजीत दहिया फरार। मुरथल में नकली हार्पिक फैक्ट्री भी पकड़ी गई। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए।

Key Takeaways

  • सोनीपत के गांव अटेरना के खेतों में चल रही अवैध फैक्ट्री में नकली इनो फ्रूट साल्ट बनाया जा रहा था, जिसे कुंडली थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त छापेमारी में पकड़ा।
  • फैक्ट्री से हजारों पैकेट नकली इनो और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई, जो बिना किसी मानक जांच के तैयार की जा रही थी।
  • मुख्य आरोपी अमरजीत दहिया फरार है, पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज की है।
  • मुरथल थाना इलाके के शाहपुर तुर्क में भी नकली हार्पिक टॉयलेट क्लीनर बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, तीन ट्रक भरकर माल जब्त।
  • स्वास्थ्य विभाग ने बरामद उत्पादों के सैंपल प्रयोगशाला भेजे हैं, लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और कड़ी होगी।
  • प्रशासन ने जनता से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें।

सोनीपत, 24 अप्रैल। हरियाणा के सोनीपत जिले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गांव अटेरना के खेतों में छिपकर चल रही एक अवैध नकली उत्पाद निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस फैक्ट्री में नकली इनो फ्रूट साल्ट समेत कई अन्य संदिग्ध उत्पाद बनाए जा रहे थे, जो सीधे आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा थे। कुंडली थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

कैसे हुआ भंडाफोड़

कुंडली थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव अटेरना के खेतों के बीच एक गोदामनुमा ढांचे में नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सूचना पर तुरंत संयुक्त टीम गठित की गई और छापेमारी की गई। मौके पर पहुंची टीम ने हजारों पैकेट नकली इनो और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री लंबे समय से गुप्त रूप से संचालित हो रही थी। यहां उत्पाद बनाने में न तो किसी मानक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था और न ही FSSAI या किसी अन्य नियामक संस्था से कोई अनुमति ली गई थी।

मुख्य आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

इस अवैध कारोबार का संचालन अमरजीत दहिया नामक व्यक्ति कर रहा था। छापेमारी की भनक लगते ही वह मौके से फरार हो गया। कुंडली थाना पुलिस ने उसके खिलाफ खाद्य अपमिश्रण, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से बरामद इनो और अन्य उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़ी की जाएगी।

मुरथल में नकली हार्पिक फैक्ट्री का भी पर्दाफाश

इसी अभियान के तहत मुरथल थाना इलाके में भी एक बड़ी कार्रवाई हुई। गुरुग्राम स्थित चेक आईपी सोल्यूशन्स प्रा. लि. कंपनी के प्रतिनिधि पप्पू कुमार शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी कि शाहपुर तुर्क गांव में प्रवेश नामक व्यक्ति रेकिट बेंकाइजर के प्रसिद्ध उत्पाद हार्पिक टॉयलेट क्लीनर की नकल तैयार कर बेच रहा है।

शिकायत मिलते ही मुरथल थाना पुलिस ने तत्काल छापा मारा। फैक्ट्री में हार्पिक के कई नकली उत्पाद, खाली बोतलें, ढक्कन और नकली स्टीकर बड़ी मात्रा में मिले। बरामद सारे माल को तीन ट्रकों में लादकर थाने लाया गया।

जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा — विशेषज्ञों की चिंता

यह मामला केवल कानूनी उल्लंघन तक सीमित नहीं है। इनो जैसे एंटासिड उत्पाद सीधे पेट की तकलीफों में इस्तेमाल होते हैं। नकली और बिना मानक के बने ऐसे उत्पाद पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

गौरतलब है कि हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में नकली उत्पादों की फैक्ट्रियों के विरुद्ध अभियान तेज हुए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के बीच इस तरह की इकाइयां स्थापित करना निगरानी तंत्र की चुनौतियों को उजागर करता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें।

लैब रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और आरोपियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। पुलिस फरार अमरजीत दहिया और प्रवेश की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

Point of View

बल्कि हरियाणा में फल-फूल रहे नकली उत्पाद उद्योग की एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा हैं। सवाल यह है कि ये फैक्ट्रियां 'लंबे समय से' चल रही थीं — तो निगरानी तंत्र कहां था? ग्रामीण इलाकों में खेतों के बीच छिपाकर चलाई जाने वाली इन इकाइयों तक पहुंचना तभी संभव हुआ जब किसी ने शिकायत की — यह प्रतिक्रियाशील प्रशासन की सीमा दर्शाता है। जरूरत है कि FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित और अघोषित निरीक्षण को संस्थागत रूप दें, वरना ऐसे गोरखधंधे आम आदमी की थाली और दवाखाने तक पहुंचते रहेंगे।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

सोनीपत में नकली इनो फैक्ट्री कहां पकड़ी गई?
सोनीपत के गांव अटेरना के खेतों में चल रही अवैध फैक्ट्री में नकली इनो बनाया जा रहा था। कुंडली थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 24 अप्रैल को यहां छापा मारकर हजारों पैकेट जब्त किए।
नकली इनो फैक्ट्री का मालिक कौन है और क्या वह गिरफ्तार हुआ?
इस अवैध फैक्ट्री का संचालन अमरजीत दहिया नामक व्यक्ति कर रहा था। छापेमारी की सूचना मिलते ही वह फरार हो गया और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
सोनीपत में नकली उत्पादों से जनता को क्या खतरा है?
बिना किसी मानक और गुणवत्ता जांच के बने नकली इनो जैसे एंटासिड उत्पाद पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये विशेष रूप से खतरनाक हो सकते हैं।
मुरथल में नकली हार्पिक फैक्ट्री का पर्दाफाश कैसे हुआ?
गुरुग्राम की चेक आईपी सोल्यूशन्स कंपनी के पप्पू कुमार शर्मा ने मुरथल थाना पुलिस को शिकायत दी कि शाहपुर तुर्क में प्रवेश नामक व्यक्ति नकली हार्पिक बना रहा है। शिकायत पर तुरंत छापा मारकर भारी मात्रा में माल जब्त किया गया।
नकली उत्पाद की जानकारी मिलने पर क्या करें?
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें। समय पर सूचना देने से इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सकती है।
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