कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन: सिद्दारमैया और शिवकुमार की 'ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी', गुरुवार को 'कावेरी' में अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद परिवर्तन की अटकलें चरम पर पहुँचते ही उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष डीके शिवकुमार 28 मई को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के सरकारी आवास 'कावेरी', बेंगलुरु में नाश्ते पर बैठक करेंगे। शिवकुमार के कार्यालय ने बुधवार, 27 मई को इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है।
बैठक का कार्यक्रम
शिवकुमार गुरुवार सुबह 5 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होंगे और सुबह 8:30 बजे बेंगलुरु पहुँचेंगे। वहाँ पहुँचते ही वह सीधे सुबह 9 बजे 'कावेरी' में सिद्दारमैया से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद दोनों नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
पहले भी हो चुकी है 'ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी'
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में भी दोनों नेताओं के बीच इसी तरह की चर्चित 'ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी' बैठक हो चुकी है, जो शिवकुमार के आवास पर आयोजित हुई थी। उस अवसर पर पारंपरिक 'नाटी कोली' (देसी चिकन) के साथ इडली, डोसा और कॉफी परोसी गई थी। उस समय भी कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली और सत्ता साझेदारी की अटकलों के बीच एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्ता हस्तांतरण की चर्चा एक बार फिर उसी मुकाम पर पहुँच गई है।
सुरजेवाला का बेंगलुरु दौरा
कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बुधवार को बेंगलुरु पहुँच रहे हैं। आधिकारिक तौर पर उनका दौरा ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वह सत्ता हस्तांतरण को सुचारु बनाने के उद्देश्य से आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और सुरजेवाला की मौजूदगी में औपचारिक घोषणा भी संभव है।
राहुल गांधी और सत्ता हस्तांतरण का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिद्दारमैया से पद छोड़ने को कहा है ताकि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। सिद्दारमैया खेमे का कहना है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं, क्योंकि राहुल गांधी ने उन्हें दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालाँकि, उनके समर्थक मंत्री और करीबी नेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि सिद्दारमैया किसी भी स्थिति में पद न छोड़ें।
पैकेज और सामाजिक संतुलन की कोशिश
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्दारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने और उनके बेटे यतींद्र सिद्दारमैया को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही कुछ अहम मंत्रालय देने का भरोसा भी दिया गया है। सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए तीन या चार उपमुख्यमंत्री पद बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके। सूत्रों के मुताबिक, सिद्दारमैया पद छोड़ने से पहले मंत्रियों और विधायकों के साथ डिनर बैठक भी कर सकते हैं।
पार्टी की आधिकारिक चुप्पी
कांग्रेस ने अब तक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मंगलवार को पार्टी ने कर्नाटक में चल रहे संकट और दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद को कमतर दिखाने की कोशिश की थी। इस बीच, शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनने की बधाई देते हुए पोस्टर लगाना और सोशल मीडिया पर संदेश साझा करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में सामान्य रूप से भाग ले रहे हैं — नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बावजूद उनके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। गुरुवार की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि कर्नाटक की सत्ता का अगला अध्याय किस दिशा में जाएगा।