कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन: मंत्री सतीश जारकीहोली बोले — गुरुवार की ब्रेकफास्ट मीटिंग में सभी शंकाएं होंगी दूर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने बुधवार, 27 मई को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उठ रहे सभी सवालों के जवाब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई गुरुवार सुबह की ब्रेकफास्ट मीटिंग में सामने आ जाएंगे। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले जारकीहोली ने यह भी कहा कि सभी नेताओं को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना होगा।
मुख्य घटनाक्रम
जारकीहोली ने कहा, 'हमें नहीं मालूम है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया क्या कहने जा रहे हैं और शीर्ष नेतृत्व की ओर से क्या निर्देश दिया जा रहा है। हालांकि, हमें अब कल का इंतजार है।' उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद वे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से अभी तक नहीं मिले हैं। कर्नाटक भवन में ठहरे जारकीहोली के अनुसार, सिद्धारमैया वहाँ से सीधे बेंगलुरु रवाना हो गए।
KPCC अध्यक्ष पद और डिप्टी सीएम की चर्चा
जारकीहोली से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की कमान सौंपी जा सकती है, तो उन्होंने कहा कि अभी केवल चर्चाएं हैं और इस संबंध में अभी तक किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'जब मुझसे संपर्क किया जाएगा, तब मैं अपने विचार साझा करूंगा।' डिप्टी सीएम पद की संभावना पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेताओं को शीर्ष नेतृत्व के हर निर्णय को सहर्ष स्वीकार करना चाहिए।
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने भी स्वीकार किया कि उन्हें मुख्यमंत्री पद में संभावित परिवर्तन की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होने के लिए उन्होंने अपने अन्य कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं। बंगारप्पा ने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक घटनाक्रम के चलते सिद्धारमैया का शिवमोगा कार्यक्रम रद्द हो सकता है।
डीके शिवकुमार और सुरजेवाला की भूमिका
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को और बल तब मिला जब यह सामने आया कि डिप्टी सीएम और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार भी गुरुवार की ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे। शिवकुमार दिल्ली वापस लौट रहे हैं, जहाँ वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसी बीच, कांग्रेस के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बुधवार को बेंगलुरु पहुँचे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उनके इस दौरे को ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे क्या
गुरुवार सुबह होने वाली यह ब्रेकफास्ट मीटिंग कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय कर सकती है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या कोई नया चेहरा इस जिम्मेदारी को संभालेगा।