कर्नाटक नेतृत्व बदलाव पर केएन राजन्ना का स्पष्ट इनकार, सिद्दारमैया दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिले
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक केएन राजन्ना ने मंगलवार, 26 मई को बेंगलुरु केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर किसी भी बदलाव का कोई सवाल नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नई दिल्ली के इंदिरा भवन में पार्टी आलाकमान के साथ उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए।
राजन्ना का बयान: नेतृत्व बदलाव नहीं
राजन्ना ने कहा, 'मुख्यमंत्री में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ नेताओं की मंत्री या मुख्यमंत्री बनने की इच्छा हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी खुद ऐसी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें मंत्री पद की पेशकश हो तो क्या वे स्वीकार करेंगे, तो राजन्ना ने कहा, 'अगर मिलता है तो स्वीकार करूंगा, नहीं मिला तो कोई अफसोस नहीं।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर चर्चाएं संभव हैं।
दिल्ली में हाई-वोल्टेज बैठक
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मंगलवार को इंदिरा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों मौजूद रहे। सिद्दारमैया के कार्यालय द्वारा जारी तस्वीरों में दोनों नेताओं को गहन चर्चा में देखा गया, जिसने अटकलों को और हवा दे दी।
राजन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कैबिनेट फेरबदल की संभावना के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच खींचतान
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए एक प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कई बार सार्वजनिक रूप से अपना पूरा कार्यकाल पूरा करने की इच्छा जताई है, साथ ही यह भी कहा है कि वे पार्टी आलाकमान के फैसले का सम्मान करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर विभिन्न गुटों के बीच नेतृत्व को लेकर तनाव की खबरें लगातार आ रही हैं।
दलित नेता को CM बनाने की मांग
सिद्दारमैया खेमे के मंत्रियों और विधायकों ने मांग रखी है कि यदि नेतृत्व बदलाव होता है, तो राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर — जो दलित समुदाय से आते हैं — को मुख्यमंत्री बनाया जाए। यह मांग जातीय समीकरणों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे की राह
बैठक के नतीजों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के दिल्ली से लौटने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्नाटक की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आता है या नहीं। कैबिनेट फेरबदल की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा।