27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क में क्लास-एक्शन मुकदमा, CEO जगदीशन भी प्रतिवादी; शेयर 1.75% फिसले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क में क्लास-एक्शन मुकदमा, CEO जगदीशन भी प्रतिवादी; शेयर 1.75% फिसले

सारांश

भारत के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी पर न्यूयॉर्क में संघीय क्लास-एक्शन मुकदमा — आरोप है कि MSRDC को दिए ₹45 करोड़ के छिपे ब्याज को मार्केटिंग खर्च बताया गया, SEC फाइलिंग में भ्रामक जानकारी दी गई। चेयरमैन के अचानक इस्तीफे के बाद ADS 7.28% टूटे, घरेलू शेयर भी 1.75% फिसले।

मुख्य बातें

एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में 27 अगस्त 2026 को क्लास-एक्शन मुकदमा दायर हुआ; CEO शशिधर जगदीशन और CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन भी प्रतिवादी।
आरोप: MSRDC को 6.01% ब्याज देने के लिए ₹45 करोड़ की राशि मार्केटिंग खर्च में छिपाई गई, जो RBI के नियमों का उल्लंघन है।
क्लास पीरियड: 17 जुलाई 2023 से 26 मई 2026 के बीच ADS खरीदने वाले निवेशक शामिल।
चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को नैतिक आधार पर अचानक इस्तीफा दिया; ADS 7.28% गिरकर $26.62 पर बंद।
खुलासे के बाद ADS अतिरिक्त 4.1% गिरकर $23.78 पर; घरेलू शेयर 1.75% गिरकर ₹714.45 पर बंद।
एचडीएफसी बैंक ने मुकदमे को 'निराधार' बताया और मजबूत बचाव का ऐलान किया।

भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में एक संघीय सिक्योरिटी क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि बैंक ने एक गुप्त योजना के तहत महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) को दी जाने वाली अतिरिक्त ब्याज राशि को मार्केटिंग व्यय के रूप में छिपाकर वित्तीय विवरणों में हेरफेर किया। 27 अगस्त 2026 को यह खबर सामने आने के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर BSE पर 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹714.45 पर बंद हुए।

मुकदमे का विवरण और प्रमुख आरोप

निवेशक ज्वलंत नटवरलाल सोनेजी ने यह मुकदमा उन सभी निवेशकों की ओर से दायर किया है जिन्होंने 17 जुलाई 2023 से 26 मई 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी शेयर (ADS) खरीदे थे। प्रतिवादियों में बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन और मुख्य वित्तीय अधिकारी श्रीनिवासन वैद्यनाथन भी शामिल हैं।

मुकदमे के अनुसार, बैंक ने MSRDC को बड़ी जमा राशि आकर्षित करने के लिए 6.01 प्रतिशत ब्याज दर देने का वादा किया था, जबकि सामान्य बचत खाताधारकों को केवल 3.5 प्रतिशत की दर दी जाती थी। यह अंतर 2.51 प्रतिशत का था और कथित तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के उन नियमों का उल्लंघन था जो व्यक्तिगत जमाकर्ताओं को बातचीत के आधार पर अलग रिटर्न देने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाते हैं।

छिपाई गई राशि और तरीका

शिकायत में दावा किया गया है कि 2023 से 2025 के बीच एचडीएफसी बैंक ने MSRDC को करीब ₹45 करोड़ का अतिरिक्त ब्याज भुगतान किया। यह राशि ब्याज के रूप में दर्ज करने के बजाय मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाई गई और कथित तौर पर तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के माध्यम से MSRDC द्वारा संचालित एक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के प्रायोजन के नाम पर भेजी गई।

बैंक की एक आंतरिक सतर्कता जाँच ने स्वयं निष्कर्ष निकाला कि यह तरीका RBI के मास्टर निर्देशों और एचडीएफसी बैंक की अपनी रिश्वत-रोधी नीतियों, दोनों का उल्लंघन करता है।

SEC फाइलिंग में गलत जानकारी का आरोप

वादियों का तर्क है कि क्लास पीरियड के दौरान एचडीएफसी बैंक की अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) में दाखिल रिपोर्टों में भ्रामक जानकारी दी गई। वित्त वर्ष 2024 और 2025 की Form 20-F वार्षिक रिपोर्टों में बैंक प्रबंधन ने निवेशकों को आश्वस्त किया था कि वित्तीय रिपोर्टिंग पर 'आंतरिक नियंत्रण प्रभावी था।' शिकायत के अनुसार, मार्केटिंग बजट में ब्याज भुगतान छिपाकर बैंक ने अपने परिचालन खर्च और शुद्ध ब्याज आय (NII) दोनों को कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया।

चेयरमैन का इस्तीफा और शेयरों में भारी गिरावट

यह मामला 18 मार्च 2026 को उस समय सार्वजनिक रूप से गंभीर हो गया जब एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बैंक के भीतर 'कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं' का हवाला दिया जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद अमेरिका में कारोबार करने वाले एचडीएफसी बैंक के ADS असामान्य रूप से भारी कारोबार के बीच 7.28 प्रतिशत गिरकर $26.62 पर बंद हुए।

इसके बाद 27 मई 2026 को एक प्रमुख समाचार पत्र ने MSRDC को किए गए भुगतानों की आंतरिक जाँच का खुलासा किया, जिसमें 10 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता बताई गई। कथित तौर पर सीईओ जगदीशन ने वरिष्ठ स्तर की चर्चाओं के दौरान इन छिपाए गए भुगतानों को मौखिक मंजूरी दी थी। इस खुलासे के बाद एचडीएफसी के ADS में 4.1 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट आई और वे $23.78 पर बंद हुए।

बैंक की प्रतिक्रिया और आगे की राह

एचडीएफसी बैंक ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 'अमेरिका में शेयरधारकों द्वारा इस तरह के मुकदमे किसी कंपनी के शेयरों में गिरावट के बाद बेहद आम हैं और अमेरिका में सूचीबद्ध कई कंपनियाँ हर साल नियमित रूप से ऐसे मुकदमों का बचाव करती हैं।' बैंक ने मुकदमे को 'निराधार' बताते हुए कहा कि वह इसका 'मजबूती से बचाव' करेगा।

वादियों ने 1934 के सिक्योरिटी एक्सचेंज एक्ट की धारा 10(b) और 20(a) के उल्लंघन का आरोप लगाया है और मुकदमे को क्लास-एक्शन के रूप में प्रमाणित करने, निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि तथा जूरी ट्रायल की माँग की है। यह मामला अब अमेरिकी अदालत में आगे बढ़ेगा और इसका असर भारत में बैंक की नियामकीय स्थिति पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत स्तर पर स्वीकृत व्यवहार था। RBI के नियमों को दरकिनार करने के लिए तीसरे पक्ष के विक्रेताओं का उपयोग एक परिष्कृत संरचना की ओर इशारा करता है जो अनायास नहीं बनती। सवाल यह है कि क्या भारतीय नियामक इस मामले में स्वतंत्र जाँच करेंगे या अमेरिकी अदालत के फैसले का इंतज़ार करेंगे।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचडीएफसी बैंक पर अमेरिका में क्या मुकदमा दायर हुआ है?
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में एचडीएफसी बैंक के खिलाफ एक संघीय सिक्योरिटी क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि बैंक ने MSRDC को दिए गए ₹45 करोड़ के अतिरिक्त ब्याज को मार्केटिंग खर्च में छिपाकर SEC फाइलिंग में भ्रामक जानकारी दी।
इस मुकदमे में CEO शशिधर जगदीशन की क्या भूमिका बताई गई है?
मुकदमे में CEO शशिधर जगदीशन को प्रतिवादी बनाया गया है। आंतरिक जाँच रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया गया है कि जगदीशन ने वरिष्ठ स्तर की चर्चाओं के दौरान MSRDC को किए गए छिपे हुए भुगतानों को कथित तौर पर मौखिक मंजूरी दी थी।
MSRDC और एचडीएफसी बैंक के बीच विवाद की असली वजह क्या है?
बैंक ने MSRDC को बड़ी जमा राशि के बदले 6.01% ब्याज देने का वादा किया था, जबकि RBI के नियम बातचीत के आधार पर अलग ब्याज दर देने पर रोक लगाते हैं। इस नियम को दरकिनार करने के लिए ₹45 करोड़ की अतिरिक्त ब्याज राशि को तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के जरिए मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया।
चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे का शेयरों पर क्या असर पड़ा?
18 मार्च 2026 को चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद एचडीएफसी बैंक के अमेरिकी ADS असामान्य रूप से भारी कारोबार के बीच 7.28% गिरकर $26.62 पर बंद हुए। इसके बाद 27 मई 2026 को आंतरिक जाँच के खुलासे पर ADS अतिरिक्त 4.1% गिरकर $23.78 पर आ गए।
एचडीएफसी बैंक ने इस मुकदमे पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
एचडीएफसी बैंक ने एक आधिकारिक बयान में मुकदमे को 'निराधार' बताया है और कहा है कि अमेरिका में सूचीबद्ध कंपनियों के खिलाफ शेयर गिरावट के बाद इस तरह के मुकदमे आम हैं। बैंक ने कहा कि वह इस मुकदमे का 'मजबूती से बचाव' करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले