HDFC बैंक के शेयर 2.27% टूटे: ₹45 करोड़ के कथित अनियमित भुगतान की आंतरिक जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
एचडीएफसी बैंक के शेयर बुधवार, 27 मई को दोपहर 12:30 बजे IST तक 2.27% की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर ₹761.20 पर आ गए — यह गिरावट उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई जिसमें बैंक की आंतरिक शासन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को किए गए ₹45 करोड़ के भुगतान में कथित अनियमितता का आरोप लगाया गया। देश के सबसे बड़े निजी बैंक के लिए यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक के शीर्ष नेतृत्व में हाल ही में बदलाव हुए हैं।
जांच का विषय: क्या है ₹45 करोड़ का मामला
एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, एचडीएफसी बैंक की ऑडिट कमेटी ऑफ द बोर्ड (ACB) ने 12 मार्च को एक औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच का आदेश दिया। यह जांच वित्त वर्ष 2024 और 2025 के दौरान MSRDC को किए गए ₹45 करोड़ के भुगतान से संबंधित है।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ये भुगतान MSRDC द्वारा बैंक में जमा की गई राशि पर दी जाने वाली अलग-अलग ब्याज दरों से जुड़े थे। कथित तौर पर यह धनराशि राज्य एजेंसी को सीधे ब्याज के रूप में जमा करने के बजाय बैंक के मार्केटिंग विभाग के माध्यम से भेजी गई और चार स्थानीय विक्रेताओं के ज़रिए सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में योगदान के रूप में दर्शाई गई।
वरिष्ठ प्रबंधन की कथित संलिप्तता
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस व्यवस्था पर एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीश की उपस्थिति में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर चर्चा हुई थी। गौरतलब है कि इन आरोपों पर अभी तक बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों को कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाशन से पहले भेजे गए विस्तृत प्रश्नों का न तो बैंक ने और न ही भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कोई जवाब दिया।
अध्यक्ष का अचानक इस्तीफा और नेतृत्व परिवर्तन
रिपोर्ट में इन घटनाक्रमों को बैंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष अतानु चक्रवर्ती के 18 मार्च को दिए गए अचानक इस्तीफे से भी जोड़ा गया है। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में 'मूल्यों और नैतिकता पर मतभेद' का हवाला दिया था। हालांकि, बैंक प्रबंधन ने बाद में कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें किसी विशिष्ट चिंता की जानकारी नहीं दी गई।
उनके इस्तीफे के बाद एचडीएफसी समूह के वरिष्ठ अनुभवी केकी मिस्त्री को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। मिस्त्री ने कहा है कि बैंक का संचालन और प्रशासन स्थिर बना हुआ है।
RBI का रुख और बाज़ार पर असर
इससे पहले मार्च में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया था कि एचडीएफसी बैंक के संचालन या आचरण के संबंध में कोई महत्वपूर्ण चिंताएं नहीं हैं। यह बयान अब बाज़ार विश्लेषकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गया है, क्योंकि नई रिपोर्ट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
आने वाले दिनों में बाज़ार की नज़र इस बात पर होगी कि बैंक की ACB की आंतरिक जांच के नतीजे क्या निकलते हैं और क्या बैंक प्रबंधन कोई आधिकारिक सफाई देता है।