एचडीएफसी बैंक ने अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की समीक्षा के लिए नियुक्त की बाहरी कानूनी फर्में

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एचडीएफसी बैंक ने अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की समीक्षा के लिए नियुक्त की बाहरी कानूनी फर्में

सारांश

एचडीएफसी बैंक ने गवर्नेंस मानकों को मजबूत करने के लिए अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की जांच हेतु बाहरी कानूनी फर्मों की नियुक्ति की है। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में सुधार के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • बैंक ने गवर्नेंस मानकों को मजबूत करने के लिए कदम उठाया है।
  • चक्रवर्ती के इस्तीफे की जांच के लिए कानूनी फर्मों की नियुक्ति की गई है।
  • आरबीआई ने केकी मिस्त्री को अंतरिम अध्यक्ष बनाया है।
  • बैंक की पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • एनआरआई ग्राहकों के मामले में आंतरिक जांच की गई है।

मुंबई, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एचडीएफसी बैंक ने अपने बोर्ड के निर्णय के तहत गवर्नेंस मानकों को और मजबूत करने के लिए पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे पत्र की जांच हेतु विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनी फर्मों को नियुक्त करने की स्वीकृति दी है।

बैंक ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में उल्लेख किया कि यह महत्वपूर्ण निर्णय 23 मार्च को आयोजित बोर्ड की बैठक में लिया गया था, जिसमें कानूनी फर्मों को चक्रवर्ती के इस्तीफे की स्थिति का गहन विश्लेषण करने और निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है।

इस निजी बैंक ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रथाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह निर्णय चक्रवर्ती द्वारा 18 मार्च को तुरंत प्रभाव से दिए गए इस्तीफे के बाद लिया गया है। उन्होंने अपने इस्तीफे पत्र में स्पष्ट किया कि पिछले दो वर्षों में बैंक में घटित कुछ घटनाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुकूल नहीं थीं। हालांकि, बैंक ने यह भी बताया कि उन्होंने किसी विशेष घटना या प्रथा का उल्लेख नहीं किया जो उनके सिद्धांतों के विपरीत हो।

चक्रवर्ती ने सार्वजनिक रूप से यह भी स्पष्ट किया है कि उनका इस्तीफा बैंक के अंदर किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता से संबंधित नहीं था, बल्कि यह विचारधाराओं और दृष्टिकोणों में भिन्नता के कारण हुआ था। वे 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे।

उनके इस्तीफे के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 19 मार्च से तीन महीने के लिए केकी मिस्त्री को अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति दी। मिस्त्री ने यह संकेत दिया है कि चक्रवर्ती के जाने के बाद बैंक के समक्ष कोई बड़ी समस्या नहीं है।

बैंक ने दोहराया कि बाहरी समीक्षा का उद्देश्य शासन व्यवस्था की निगरानी को और सुदृढ़ करना और इस्तीफे की परिस्थितियों के बारे में स्पष्टता प्रदान करना है।

सूत्रों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक ने अपने विदेशी संचालन में एनआरआई ग्राहकों को उच्च जोखिम वाले एटी1 बॉंड की कथित गलत बिक्री के मामले में आंतरिक जांच के बाद तीन वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

एचडीएफसी बैंक का शेयर मंगलवार को दोपहर 12 बजे 1.79 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 757.45 रुपये पर था। पिछले एक सप्ताह में इसका मूल्य 9 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है।

Point of View

NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

अतानु चक्रवर्ती ने क्यों इस्तीफा दिया?
अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि बैंक के भीतर कुछ घटनाक्रम उनके व्यक्तिगत मूल्यों के अनुकूल नहीं थे।
एचडीएफसी बैंक ने किस उद्देश्य से कानूनी फर्मों को नियुक्त किया?
बैंक ने गवर्नेंस मानकों को मजबूत करने और इस्तीफे की परिस्थितियों की जांच के लिए कानूनी फर्मों को नियुक्त किया है।
आरबीआई ने किसे अंतरिम अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया?
आरबीआई ने केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है।
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक की स्थिति क्या है?
बैंक ने कहा है कि चक्रवर्ती के जाने के बाद बैंक के सामने कोई बड़ी समस्या नहीं है।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति क्या है?
एचडीएफसी बैंक का शेयर वर्तमान में 1.79 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 757.45 रुपये पर है, लेकिन पिछले सप्ताह में 9 प्रतिशत गिर चुका है।
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