क्या आरबीआई गवर्नर ने एनबीएफसी कंपनियों के साथ बैठक की और एसेट गुणवत्ता पर निगरानी रखने की सलाह दी?

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क्या आरबीआई गवर्नर ने एनबीएफसी कंपनियों के साथ बैठक की और एसेट गुणवत्ता पर निगरानी रखने की सलाह दी?

सारांश

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एनबीएफसी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की, जहां उन्होंने एसेट गुणवत्ता पर निगरानी और अच्छे अंडरराइटिंग स्टेंडर्ड अपनाने पर जोर दिया। यह बैठक देश के आर्थिक विकास और स्थिरता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • एनबीएफसी की एसेट गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है।
  • अच्छे अंडरराइटिंग स्टेंडर्ड अपनाना जरूरी है।
  • बैठक में 53 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी वाली कंपनियों के अधिकारी शामिल थे।
  • ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • महंगाई न्यूनतम स्तर पर है और विकास दर स्थिर है।

मुंबई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्हें अच्छे अंडरराइटिंग स्टेंडर्ड को अपनाने और एसेट की गुणवत्ता पर गहरी निगरानी रखने के लिए प्रेरित किया गया।

आरबीआई गवर्नर द्वारा आयोजित इस संवाद में विभिन्न एनबीएफसी कंपनियों के MD और CEO शामिल हुए, जिनमें सरकारी एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और माइक्रोफाइनेंस कंपनियां शामिल थीं।

बैठक के दौरान, आरबीआई गवर्नर ने लोन के प्रवाह में एनबीएफसी कंपनियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए अच्छे अंडरराइटिंग स्टेंडर्ड को अपनाना और एसेट की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है।

मल्होत्रा ने सेक्टर में विश्वास बनाए रखने और इसके स्थायी विकास की दिशा में ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण, नैतिक आचरण और जिम्मेदार लेंडिंग के महत्व पर भी जोर दिया।

रिजर्व बैंक ने आखिरी बार एनबीएफसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से ऐसी बैठक 13 फरवरी, 2025 को की थी।

बैठक में भाग लेने वाली कंपनियों के पास एनबीएफसी क्षेत्र की कुल संपत्तियों का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा है।

इस संवाद में उद्योग के स्व-नियामक संगठनों, जैसे सा-धन, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क और फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

आरबीआई ने बताया कि चर्चा के दौरान, प्रतिभागियों ने एनबीएफसी क्षेत्र से जुड़े नीति मुद्दों और संचालन संबंधी मामलों पर अपने विचार साझा किए।

इस बैठक में डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर, स्वामिनाथन जे, पूनम गुप्ता, और एस सी मुर्मू, तथा नेशनल हाउसिंग बैंक के MD और CEO और रिजर्व बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह बैठक उस समय आयोजित की गई है जब देश तेजी से विकास कर रहा है और जीडीपी वृद्धि 8.4 प्रतिशत पर स्थिर है। साथ ही, महंगाई कमतम स्तर पर है और केंद्रीय बैंक लगातार ब्याज दरों में कटौती कर रहा है।

Point of View

बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिरता और विकास पर भी गहरा प्रभाव डालता है। आरबीआई की सक्रियता इस क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा का संकेत है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

आरबीआई गवर्नर ने एनबीएफसी कंपनियों के साथ बैठक क्यों की?
आरबीआई गवर्नर ने एनबीएफसी कंपनियों के साथ बैठक की ताकि एसेट गुणवत्ता पर निगरानी रखने और अच्छे अंडरराइटिंग स्टेंडर्ड अपनाने पर जोर दिया जा सके।
बैठक में किन कंपनियों के अधिकारी शामिल थे?
बैठक में सरकारी एनबीएफसी कंपनियां, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के MD और CEO शामिल थे।
बैठक का महत्व क्या था?
यह बैठक एनबीएफसी कंपनियों के लोन प्रवाह और देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण थी।
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