गर्मियों में सूरज की रोशनी से सेहत और मूड में सुधार कैसे करें?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों का मौसम अब समाप्त हो चुका है और गर्मियों की शुरुआत हो गई है। इस दौरान खास ध्यान देने योग्य बात यह है कि लोग ठंड के दिनों में धूप का आनंद लेते हैं, जबकि गर्मियों में इससे बचते हैं। लेकिन गर्मियों में भी सूरज की रोशनी लेना आवश्यक है, बशर्ते कुछ सावधानियां बरती जाएं। सूरज की किरणें न केवल गर्मी प्रदान करती हैं, बल्कि सेहत और मूड को बेहतर बनाने का एक प्राकृतिक उपाय भी हैं।
विशेष रूप से गर्मियों में, जब धूप तीव्र होती है, तब सही समय और तरीके से धूप लेना लाभकारी होता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सूरज की किरणें शरीर में विटामिन डी के उत्पादन को बढ़ाती हैं, जो इम्युनिटी को मजबूती प्रदान करती हैं। विटामिन डी हड्डियों को मज़बूत रखता है, जोड़ों के दर्द को कम करता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारता है।
सुबह की धूप में थोड़ा समय बिताने से सेरोटोनिन हार्मोन में वृद्धि होती है, जो मूड को बेहतर बनाता है। इससे डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसे समस्याओं में कमी आती है। यह दिल को स्वस्थ रखने, रक्तचाप को नियंत्रित करने, और वजन प्रबंधन में भी मदद करता है। प्रतिदिन कुछ मिनट धूप में बिताने से दिन की शुरुआत ऊर्जा से भरी होती है।
गर्मियों में धूप लेने के समय और मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी के लिए सूर्योदय के कुछ समय बाद से लेकर सुबह 9 बजे तक की धूप सबसे उपयुक्त होती है, क्योंकि इस समय यूवीबी किरणें अधिक प्रभावी होती हैं। लेकिन लंबे समय तक धूप में रहना त्वचा के जलने का कारण बन सकता है, सनबर्न या एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए 10-20 मिनट धूप लेना पर्याप्त है।
इस दौरान हाथ, पैर और चेहरे को खुला रखें, लेकिन चेहरे पर सनस्क्रीन का उपयोग करें। गर्मियों में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच की तेज धूप से बचें। हल्के कपड़े पहनें, टोपी या छाता का सहारा लें और अधिक पानी पीएं। धूप के लाभ उठाने के लिए रोज सुबह खुली हवा में टहलें या बालकनी में बैठें। यह एक प्राकृतिक तरीका है जो बिना दवा के शरीर को मज़बूत बनाता है।