क्या बिना धूप के सर्दियों में विटामिन डी की कमी को पूरा करना संभव है?

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क्या बिना धूप के सर्दियों में विटामिन डी की कमी को पूरा करना संभव है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत में हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी का सामना कर रहा है? जानिए सर्दियों में धूप के बिना विटामिन डी की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। इस लेख में जानें कुछ असरदार तरीके!

Key Takeaways

  • विटामिन डी की कमी से शरीर कमजोर होता है।
  • सर्दियों में धूप की कमी से विटामिन डी की कमी हो सकती है।
  • फोर्टिफाइड फूड का सेवन करें।
  • मशरूम एक अच्छा विकल्प है।
  • डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लें।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत जैसे देश में, जहाँ साल के अधिकांश दिन सूर्य की किरणें चमकती हैं, फिर भी हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है। माघ के महीने में सर्दियों का समय अपने उच्चतम स्तर पर होता है और सूर्य की ऊर्जा कम हो जाती है। कुछ दिनों तक आसमान में केवल बादल और घना कोहरा छाया रहता है। ऐसे में विटामिन डी की मात्रा शरीर को पूरी नहीं मिल पाती। विटामिन डी शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विटामिन डी की कमी शरीर को कमजोर कर देती है, जिससे हड्डियां, मांसपेशियां, दांत और इम्यून सिस्टम प्रभावित होते हैं। सर्दियों में वात दोष की वृद्धि तेजी से होती है, और विटामिन डी की कमी जोड़ों के दर्द का कारण भी बनती है। इसलिए, विटामिन डी की पूर्ति करना आवश्यक है।

विटामिन डी दो रूपों में पाया जाता है: पहला विटामिन डी-3 और दूसरा विटामिन डी-2विटामिन डी-3 धूप से बनता है, जबकि विटामिन डी-2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है। एक वयस्क को प्रतिदिन 600-800 आईयू, बच्चों को 400 आईयू, 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 800-1000 आईयू और गर्भवती महिलाओं को 800-1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है। यदि आप विटामिन डी की जांच करते हैं, तो रक्त में इसकी मात्रा 30-50 एनजी/एमएल होनी चाहिए। यदि यह मात्रा कम है, तो आप विटामिन डी की कमी के शिकार हैं।

बिना धूप के विटामिन की कमी को पूरा करना संभव है, हालाँकि यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसके लिए फोर्टिफाइड फूड का सेवन करें, जिसमें पहले से खनिज और पोषक तत्व समाहित होते हैं। आहार में फोर्टिफाइड दूध, अनाज, बादाम, और सोया का सेवन करें।

दूसरा तरीका है मशरूम का सेवन। मशरूम में विटामिन डी-2 की भरपूर मात्रा होती है। इसे मसालों के साथ नहीं पकाना चाहिए, बल्कि इसे उबालकर सलाद के रूप में या हल्के घी, जीरे और नमक के साथ शैलो फ्राई करके खा सकते हैं। तीसरा, डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट लेना। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर हफ्ते और महीने में एक बार विटामिन का सेवन करने की सलाह देते हैं। यह भी एक तरीका है जिससे विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।

दूध और दही में भी विटामिन डी पाया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम होती है। फिर भी, अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो दूध और दही का सेवन आवश्यक है, क्योंकि विटामिन डी और कैल्शियम दोनों ही हड्डियों और जोड़ो को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हें एक साथ लेने से शरीर को दोगुना लाभ होता है, क्योंकि कैल्शियम विटामिन डी के अवशोषण को बढ़ा देता है।

Point of View

जो एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इस कमी से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है। उचित खान-पान और डॉक्टरी सलाह से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

विटामिन डी की कमी से क्या होता है?
विटामिन डी की कमी से शरीर कमजोर हो जाता है, हड्डियां और मांसपेशियां प्रभावित होती हैं, और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।
कितना विटामिन डी चाहिए?
एक वयस्क को प्रतिदिन 600-800 आईयू, बच्चों को 400 आईयू, और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 800-1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है।
बिना धूप के विटामिन डी कैसे प्राप्त करें?
फोर्टिफाइड फूड, मशरूम और डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स का सेवन करें।
क्या दूध और दही विटामिन डी का स्रोत हैं?
हाँ, दूध और दही में विटामिन डी होता है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम होती है।
विटामिन डी की कमी का पता कैसे करें?
रक्त परीक्षण से विटामिन डी की मात्रा का पता लगाया जा सकता है।
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