एचडीएफसी बैंक के अंतरिम चेयरमैन बने केकी मिस्त्री, कहा- 'यह जिम्मेदारी मेरे सिद्धांतों के अनुकूल'
सारांश
Key Takeaways
- केकी मिस्त्री को एचडीएफसी बैंक का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया।
- उनकी नियुक्ति आरबीआई द्वारा मंजूर की गई है।
- मिस्त्री ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके मूल्यों के अनुरूप है।
- एचडीएफसी बैंक की वित्तीय स्थिति संतोषजनक है।
- बैंक के शेयर में गिरावट आई है।
मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अनुभवी बैंकर केकी मिस्त्री को एचडीएफसी बैंक का अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उनकी नियुक्ति को 19 मार्च से तीन महीनों के लिए मंजूरी दी है। इसके बाद, बैंक ने विश्लेषकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल का आयोजन किया।
इस दौरान, केकी मिस्त्री ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी इसलिए स्वीकार की क्योंकि यह उनके व्यक्तिगत मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप है।
उन्होंने कहा, "71 वर्ष की उम्र में अगर यह जिम्मेदारी मेरे मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होती, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करता।"
उन्होंने बताया कि अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद उनकी नियुक्ति से जुड़े घटनाक्रम तेजी से हुए, और इसके तुरंत बाद बोर्ड की बैठक हुई जिसमें कुछ निदेशकों ने आरबीआई से बातचीत की।
मिस्त्री के अनुसार, आरबीआई द्वारा इतनी जल्दी मंजूरी दिया जाना इस बात का संकेत है कि केंद्रीय बैंक को एचडीएफसी बैंक की स्थिति पर पूरा भरोसा है।
इसी बीच, आरबीआई ने कहा कि एचडीएफसी बैंक के संचालन या गवर्नेंस को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है। यह बयान अतानु चक्रवर्ती के नैतिक मतभेदों के कारण इस्तीफे के बाद आया है।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति संतोषजनक है और यह पर्याप्त पूंजीकृत बना हुआ है।
आरबीआई ने अपने बयान में कहा, "रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक में हालिया घटनाक्रमों का संज्ञान लिया है और बैंक द्वारा अनुरोध की गई अंतरिम व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।"
आरबीआई ने यह भी बताया कि एचडीएफसी बैंक घरेलू स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैंक (डी-एसआईबी) है, जिसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है, बोर्ड पेशेवर तरीके से कार्य करता है और प्रबंधन टीम सक्षम है।
बैंक ने अपनी फाइलिंग में कहा कि अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे का कारण वही है जो उन्होंने अपने पत्र में बताया था और इसके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है। साथ ही, उन्होंने किसी अन्य कंपनी में निदेशक पद भी नहीं संभाला है।
बोर्ड ने चक्रवर्ती के कार्यकाल के दौरान उनके योगदान की सराहना की और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
चक्रवर्ती मई 2021 में बोर्ड में शामिल हुए थे, और उन्होंने पिछले दो वर्षों में बैंक के कुछ कार्यों और प्रक्रियाओं को अपने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप न मानते हुए पद छोड़ दिया।
इस खबर के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर में गिरावट देखी गई। खबर लिखे जाने तक (दोपहर 1.22 बजे) एनएसई पर एचडीएफसी बैंक के शेयर 3.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 811.50 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे। हालांकि दिन के कारोबार में बैंक स्टॉक 8.40 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 770 रुपए के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया।