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आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी पर आरबीआई गवर्नर का बयान: 'कोई सिस्टमैटिक खतरा नहीं, स्थिति पर ध्यान है'

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आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी पर आरबीआई गवर्नर का बयान: 'कोई सिस्टमैटिक खतरा नहीं, स्थिति पर ध्यान है'

सारांश

आरबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी के मामले पर चिंता न जताते हुए कहा है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।

मुख्य बातें

आरबीआई ने कहा, कोई सिस्टमैटिक खतरा नहीं है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ की धोखाधड़ी हुई।
बैंकिंग सिस्टम में पूंजी और तरलता का समर्थन है।
शेयर बाजार में 20% की गिरावट आई।
आरबीआई ने स्थिति पर बारीकी से नज़र रखने का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि देश के बैंकिंग सिस्टम में कोई व्यापक या सिस्टमैटिक जोखिम नहीं है। केंद्रीय बैंक ने यह भी बताया कि वह किसी विशेष बैंक या विनियमित संस्था पर कोई टिप्पणी नहीं करता। यह बयान उस समय आया है जब आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा किया है।

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है, लेकिन वित्तीय स्थिरता को कोई बड़ा खतरा नहीं है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी से संबंधित सवाल के जवाब में मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक पूरी तरह से सतर्क है।

उन्होंने कहा, "हम किसी विशेष बैंक या विनियमित संस्था पर टिप्पणी नहीं करते। हम स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और यहाँ कोई सिस्टमैटिक समस्या नहीं है।"

यह प्रेस ब्रीफिंग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आरबीआई बोर्ड के साथ बैठक के उपरांत आयोजित की गई थी।

गवर्नर ने कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम मजबूत है और इसे पर्याप्त पूंजी और तरलता का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने बताया कि बैंकों का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) लगभग 17 प्रतिशत है, जो कि एक मजबूत स्तर माना जाता है।

यह भी कहा कि अगर अगले पांच वर्षों में नई पूंजी नहीं भी आती है, तो भी बैंक अपनी पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम रहेंगे।

इस बीच, पिछले सप्ताह स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी में बैंक ने बताया कि यह मामला चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों तक सीमित है। बैंक ने कहा कि उसने नियामकों को इसकी सूचना दे दी है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। जांच लंबित रहने तक चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटनाक्रम के कारण सोमवार को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर में 20 प्रतिशत की गिरावट आई और लोअर सर्किट लग गया।

दिन के कारोबार में बैंकिंग शेयर 20 प्रतिशत गिरकर 66.80 रुपए तक पहुँच गया। शेयर की शुरुआत 10 प्रतिशत की गिरावट से हुई थी, और बाद में नुकसान बढ़ गया।

हालांकि, बाद में कुछ सुधार देखा गया और दोपहर करीब 2:33 बजे शेयर 16.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.05 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

आरबीआई ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम के बारे में क्या कहा?
आरबीआई ने बताया कि बैंकिंग सिस्टम में कोई व्यापक या सिस्टमैटिक जोखिम नहीं है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी का आंकड़ा क्या है?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा किया है।
आरबीआई किस पर टिप्पणी नहीं करता?
आरबीआई किसी विशेष बैंक या विनियमित संस्था पर टिप्पणी नहीं करता।
बैंकिंग सिस्टम की पूंजी पर्याप्तता अनुपात क्या है?
बैंकों का पूंजी पर्याप्तता अनुपात लगभग 17 प्रतिशत है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर में गिरावट का कारण क्या है?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी के खुलासे के बाद शेयर में 20 प्रतिशत की गिरावट आई।
राष्ट्र प्रेस
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