जेफरीज ने एचडीएफसी बैंक को अपने पोर्टफोलियो से हटाया, शेयर में आई 3 प्रतिशत की गिरावट
सारांश
Key Takeaways
- जेफरीज ने एचडीएफसी बैंक को अपने पोर्टफोलियो से हटाया।
- बैंक के शेयर में 3 प्रतिशत की गिरावट आई।
- अतानु चक्रवर्ती ने 'मूल्यों और नैतिकता' के मुद्दे पर इस्तीफा दिया।
- रिपोर्टों के अनुसार, आरबीआई इस मामले की जांच कर सकता है।
- एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 5.82 लाख करोड़ रुपये है।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज कंपनी जेफरीज ने एचडीएफसी बैंक में अपने निवेश को समाप्त कर दिया है और भारत में अपने कई महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो में एक्सपोजर को घटा दिया है। यह निर्णय बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद लिया गया है।
जेफरीज के विश्लेषक क्रिस वुड्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट “ग्रीड एंड फियर (लालच और डर)” में बताया कि कंपनी ने एचडीएफसी बैंक को एशिया (जापान को छोड़कर), वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो से हटा दिया है। हालांकि, इस निर्णय के पीछे कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है।
इस बदलाव के तहत, जेफरीज ने एचडीएफसी बैंक की जगह एचएसबीसी को 4 प्रतिशत वेटेज के साथ शामिल किया है। इसके परिणामस्वरूप भारत के कुल वेटेज में हल्की कमी आई है।
जेफरीज ने अपने एशिया प्रशांत क्षेत्र (जापान को छोड़कर) के पोर्टफोलियो में भी संशोधन किए हैं। इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया का वेटेज 2-2 प्रतिशत घटाया गया है, जबकि ताइवान का वेटेज 4 प्रतिशत बढ़ाया गया है। वर्तमान में इस पोर्टफोलियो में भारत का हिस्सा 13 प्रतिशत है, जो एमएससीआई बेंचमार्क से थोड़ा अधिक है।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब एचडीएफसी बैंक ने 18 मार्च को सूचित किया कि उनके अंशकालिक अध्यक्ष अतानु चक्रवर्ती ने 'मूल्यों और नैतिकता' के मुद्दे पर मतभेद के कारण इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद, बैंक ने केकी मिस्त्री को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया है।
सूत्रों के अनुसार, बैंक ने इस मामले की जांच के लिए लॉ फर्म्स भी नियुक्त की हैं। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में बैंक की कुछ प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों के अनुरूप नहीं थीं, हालाँकि उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं कहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम का प्रभाव निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। जेपी मॉर्गन के अनुज सिंघल के अनुसार, भले ही कोई गलत काम साबित नहीं हुआ है, लेकिन इससे निवेशकों का विश्वास कमजोर हो सकता है और शेयर पर दबाव बढ़ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भी इस इस्तीफे से संबंधित मामलों की जांच कर सकता है।
इस बीच, बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर लगभग 3 प्रतिशत गिरकर 758 रुपये तक पहुँच गया है। पिछले एक महीने में बैंक के शेयर में 14.3 प्रतिशत और पिछले 6 महीने में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। बैंक का 52 हफ्तों का निचला स्तर 741.05 रुपये और उच्चतम स्तर 1,020.50 रुपये है। वहीं, बैंक का मार्केट कैप 5.82 लाख करोड़ रुपये है।