आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया रद्द, शेयरों में 16% की बड़ी गिरावट

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आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया रद्द, शेयरों में 16% की बड़ी गिरावट

सारांश

सरकार ने आईडीबीआई बैंक के हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया को रद्द कर दिया है, जिससे शेयरों में 16% की गिरावट आई। यह निर्णय निवेशकों की उम्मीदों पर भारी पड़ा है।

मुख्य बातें

सरकार ने आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया रद्द की।
शेयरों में 15.17% की गिरावट आई।
सरकार और एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 94.71% प्रतिशत है।

मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार द्वारा आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री (डिसइन्वेस्टमेंट) प्रक्रिया को रोकने के निर्णय के बाद, सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बैंक के शेयरों में काफी गिरावट देखी गई।

सोमवार के कारोबारी सत्र में, जब यह समाचार लिखी जा रही थी (दोपहर लगभग 1.52 बजे), आईडीबीआई बैंक के शेयर एनएसई पर 15.17 प्रतिशत घटकर 78.20 रुपए पर पहुंच गए। वहीं, प्रारंभिक कारोबार में बैंक स्टॉक 77.56 रुपए पर व्यापार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव 92.18 रुपए की तुलना में लगभग 15.86 प्रतिशत कम था। कारोबार के दौरान शेयर 77 रुपए के इंट्राडे लो तक गिर गया।

सरकार ने आईडीबीआई बैंक के डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया इसीलिए रद्द की क्योंकि प्राप्त बोलियां सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं थीं। रिपोर्टों के अनुसार, फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी द्वारा दी गई दोनों बोलियां आरक्षित मूल्य से कम थीं।

सरकार ने पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित की थीं और उम्मीद थी कि मार्च के अंत तक विजेता बोलीदाता की घोषणा की जाएगी। हालांकि, यह भी माना जा रहा था कि इस डील की प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष के बाद भी चल सकती है।

प्रस्तावित योजना के तहत, सरकार बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही थी, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत के आधार पर लगभग 36,000 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

इसके अलावा, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना में था, जिससे कुल मिलाकर 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए प्रस्तुत की जानी थी। इस हिस्सेदारी की कुल संभावित कीमत लगभग 72,000 करोड़ रुपए बताई गई थी।

इससे पहले, एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण व्यापक डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ा है, जिससे इस हिस्सेदारी बिक्री में देरी हो रही है। हालांकि, इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार भविष्य में सावधानी के साथ फिर से हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

आईडीबीआई बैंक के डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया 7 जनवरी 2023 को शुरू हुई थी, जब डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (डीआईपीएएम) को संभावित निवेशकों से कई एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) प्राप्त हुए थे।

16 मार्च तक, आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 94.71 प्रतिशत है, जिसमें सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया क्यों रद्द की गई?
सरकार ने यह प्रक्रिया इसलिए रद्द की क्योंकि प्राप्त बोलियां सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं थीं।
आईडीबीआई बैंक के शेयरों में कितनी गिरावट आई?
आईडीबीआई बैंक के शेयरों में 15.17 प्रतिशत की गिरावट आई है।
सरकार की हिस्सेदारी बिक्री की योजना में क्या शामिल है?
सरकार ने बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी।
एलआईसी की हिस्सेदारी बिक्री की योजना क्या है?
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना में है।
आईडीबीआई बैंक का डिसइन्वेस्टमेंट कब शुरू हुआ?
आईडीबीआई बैंक का डिसइन्वेस्टमेंट 7 जनवरी 2023 को शुरू हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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