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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का, आईटी सेक्टर पर भारी दबाव

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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का, आईटी सेक्टर पर भारी दबाव

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स ने 500 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की है। जानिए इस गिरावट के पीछे की वजह और विशेषज्ञों की राय।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई है।
सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का।
आईटी शेयरों पर भारी दबाव है।
विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देने का सुझाव।

मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी बाजार से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट के साथ लाल निशान में खुलाव किया।

सेंसेक्स 242 अंक की गिरावट के साथ 83,053 पर प्रारंभ हुआ और लगभग 500 अंक लुढ़ककर 82,725.30 के दिन के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया। जबकि, एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद (25,713.00) से 71 अंक गिरकर 25,641.80 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.30 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 557.14 अंकों यानी 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,737.52 पर था, वहीं एनएसई निफ्टी 154.20 (0.60 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,558.80 पर था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की गिरावट, और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप 250 में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी में सबसे अधिक 3.34 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 0.54 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 25 शेयरों में गिरावट देखी गई, जिसमें एचसीएल टेक, इटरनल, इंफोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर, एसबीआई, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, पावरग्रिड, टाटा स्टील और कोटक बैंक के शेयरों में तेजी देखने को मिली।

विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 ने 100 अंकों की बढ़त के साथ गैप-अप ओपनिंग की, जिसने बाजार में मजबूत तेजी का माहौल बना दिया।

तकनीकी स्तर पर, निफ्टी में 25,850-25,900 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 25,550-25,600 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, दो सत्रों की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 23 फरवरी को वापसी करते हुए 3,843 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इसके साथ ही वे इस महीने के लिए भी नेट खरीदार बन गए हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,292 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती उतार-चढ़ाव के बीच, निवेशकों को सतर्क और चयनात्मक रणनीति अपनानी चाहिए। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।

निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई खरीदारी का मजबूत अवसर बन सकता है। तब तक जोखिम प्रबंधन के साथ स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाना समझदारी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली है।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट आई?
सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का और निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई।
क्या निवेशकों को इस गिरावट के दौरान खरीदारी करनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए।
निफ्टी के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं?
निफ्टी में 25,850-25,900 का रेजिस्टेंस है और 25,550-25,600 का सपोर्ट स्तर है।
भविष्य में क्या उम्मीद की जा सकती है?
विश्लेषकों के अनुसार, 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती के बाद नई खरीदारी का अवसर बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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