मध्य पूर्व संघर्ष का प्रभाव: सेंसेक्स में 1,097 अंकों की गिरावट, बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली

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मध्य पूर्व संघर्ष का प्रभाव: सेंसेक्स में 1,097 अंकों की गिरावट, बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली

सारांश

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार ने एक बड़ी गिरावट का सामना किया है। जानिए सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में 1,097 अंकों की गिरावट आई है।
  • बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली हुई है।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का असर बाजार पर पड़ा है।
  • कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं।
  • मध्य पूर्व संघर्ष का प्रभाव बाजार पर जारी है।

मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को एक बड़ी गिरावट का सामना किया। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत की कमी के साथ 78,918.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,450.45 पर रहा।

यह गिरावट मुख्यतः बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण हुई। निफ्टी बैंक 2.15 प्रतिशत की कमी के साथ 57,783.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.01 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.81 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.06 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 1.02 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.89 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

हालांकि, निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.77 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.12 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.04 प्रतिशत की मामूली मजबूती के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप में कम बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.69 प्रतिशत या 399.20 अंक की कमी के साथ 57,393.35 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 39.90 अंक की गिरावट के साथ 16,498.90 पर रहा।

सेंसेक्स में बीईएल, सनफार्मा, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एचसीएल टेक प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और एचयूएल प्रमुख लूजर्स रहे।

बाजार में इस भारी गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का लगातार बने रहना है। यह युद्ध अगर लंबा खींचता है तो ऊर्जा की आपूर्ति को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिससे निवेशकों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ा है।

इससे पहले, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रही है। एफआईआई ने गुरुवार को 3,752.52 करोड़ रुपए

युद्ध के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है।

Point of View

खासकर जब वैश्विक संघर्षों का असर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। निवेशकों को इस समय सतर्क रहने की जरूरत है और बाजार की हर गतिविधि पर ध्यान रखना चाहिए।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

सेंसेक्स में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
सेंसेक्स में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली है।
क्या इस गिरावट का असर लंबे समय तक रहेगा?
यदि संघर्ष जारी रहता है, तो इसका असर लंबे समय तक रह सकता है, खासकर ऊर्जा आपूर्ति पर।
निवेशकों को इस स्थिति में क्या करना चाहिए?
निवेशकों को इस समय सतर्क रहना चाहिए और बाजार की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
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