मध्य पूर्व के तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
सारांश
Key Takeaways
- मध्य पूर्व में तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित किया है।
- सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आई है।
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में नकारात्मक असर पड़ा है।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार सुबह के कारोबारी सत्र में गहरी गिरावट के साथ शुरुआत की। सुबह 9:28 बजे सेंसेक्स 1,309 अंक या 1.78 प्रतिशत की कमी के साथ 73,223 पर और निफ्टी 408 अंक या 1.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,705 पर था।
प्रारंभिक कारोबार में, सभी क्षेत्रों में गिरावट देखने को मिली। सूचकांकों में मेटल, पीएसयू बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अधिक प्रभावित रहे। रियल्टी, डिफेंस, आईटी, हेल्थकेयर, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, सर्विसेज और पीएसई सूचकांक भी लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट का सामना करना पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,248 अंक या 2.28 प्रतिशत की कमी के साथ 53,607 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 387 अंक या 2.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,331 पर था।
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इंडिगो, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स थे। केवल एचसीएल टेक ही हरे निशान में दिखा।
विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेल की ऊंची कीमतें बाजार को जोखिम से बचने की ओर धकेल रही हैं।
उन्होंने कहा, "वैश्विक संकेत अभी भी बेहद कमजोर हैं, उच्च अस्थिरता और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निरंतर बिकवाली से बाजार की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।"
साथ ही यह भी बताया गया है कि भारत सहित उभरते बाजार बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों में भी बड़ी बिकवाली हो रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार के सत्र में लाल निशान में बंद हुए थे।
भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 5,518.39 करोड़ रुपये की इक्विटी में निकासी की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 5,706.23 करोड़ रुपये का निवेश किया था।