मध्य पूर्व के तनाव से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की कमी

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मध्य पूर्व के तनाव से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की कमी

सारांश

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में महत्वपूर्ण कमी देखी गई है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में **963 अंक** की गिरावट
  • निफ्टी में **303 अंक** की कमी
  • मध्य पूर्व में **बढ़ता तनाव**
  • कच्चे तेल की कीमतों में **तेजी**
  • विदेशी निवेशक कर रहे हैं **बिकवाली**

मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लाल निशान में शुरुआत की। सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स में 963 अंक या 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,899 और निफ्टी में 303 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमी के साथ 23,563 का स्तर देखा गया।

शुरुआती कारोबार में अधिकांश सूचकांक लाल निशान में थे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर सबसे अधिक दबाव पड़ा।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट की प्रवृत्ति देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,070 अंक या 1.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,390 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 286 अंक या 1.75 प्रतिशत की कमी के साथ 16,127 पर था।

सेंसेक्स पैक में इटरनल, इंडिगो, एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बीईएल, आईटीसी, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ।

अन्य एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार भी लाल निशान में खुले। अमेरिकी बाजार का मुख्य सूचकांक डाओ भी बुधवार को लाल निशान में समाप्त हुआ था।

बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अब तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

इस स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी आई है। खबर लिखे जाने तक, ब्रेंट क्रूड की कीमत 9.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बिकवाली जारी रखी है और बुधवार को उन्होंने इक्विटी में 6,267.31 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपये की इक्विटी में निवेश किया।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

मध्य पूर्व में तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर है?
मध्य पूर्व में तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी देखने को मिली है।
सेंसेक्स में कितनी गिरावट आई है?
सेंसेक्स में **963 अंक** या **1.25 प्रतिशत** की गिरावट आई है।
क्या अन्य एशियाई बाजारों में भी गिरावट है?
हाँ, अन्य एशियाई बाजारों जैसे **टोक्यो, शंघाई** और **हांगकांग** में भी बिकवाली का माहौल है।
कच्चे तेल की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
कच्चे तेल की कीमतों में **बड़ी तेजी** आई है, ब्रेंट क्रूड की कीमत **100.54 डॉलर प्रति बैरल** तक पहुंच गई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की स्थिति क्या है?
विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली जारी रखे हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक ने निवेश बढ़ाया है।
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