अहमदाबाद: फायर एनओसी रिश्वत मामले में पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे 12 अगस्त तक रिमांड पर
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के पूर्व प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे और उनके सह-आरोपी भावसिंह झाला को 8 अगस्त 2026 को स्थानीय अदालत ने 12 अगस्त शाम 5 बजे तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अहमदाबाद की छह इमारतों के लिए फायर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मंजूर कराने के बदले कथित तौर पर ₹36,000 की रिश्वत माँगी और स्वीकार की।
मामले का पूरा घटनाक्रम
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 7 अगस्त को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान 47 वर्षीय अमित डोंगरे और 31 वर्षीय भावसिंह झाला को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक फायर सेफ्टी ऑफिसर है जो अहमदाबाद में इमारतों को अग्नि सुरक्षा सेवाएं प्रदान करता है। उसने राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से छह इमारतों के लिए एनओसी आवेदन किए थे।
रिश्वत की माँग होने पर शिकायतकर्ता ने वडोदरा सिटी एसीबी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने अहमदाबाद के मेमनगर क्षेत्र स्थित विजय क्रॉस रोड्स के पास यश इक्वा कॉम्प्लेक्स के निकट दो सरकारी पंच गवाहों की उपस्थिति में जाल बिछाया।
रिश्वत की माँग और गिरफ्तारी
एसीबी के अनुसार, प्रत्येक फायर एनओसी के लिए ₹6,000 की दर से कुल ₹36,000 की रिश्वत माँगी गई थी। ट्रैप के दौरान भावसिंह झाला ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से बातचीत कर पूरी रकम स्वीकार कर ली, जिसके बाद एसीबी ने उसे हिरासत में लेकर पूरी राशि बरामद कर ली।
एसीबी का दावा है कि ट्रैप के दौरान भावसिंह झाला ने फोन पर अमित डोंगरे से बातचीत की और डोंगरे ने कथित तौर पर रिश्वत राशि को लेकर सहमति जताई। जाँच एजेंसी के अनुसार, झाला ने डोंगरे के निर्देश पर ही रिश्वत माँगी और स्वीकार की।
एएमसी की कार्रवाई
एसीबी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अहमदाबाद नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से अमित डोंगरे की नियुक्ति समाप्त कर दी। डोंगरे नगर निगम के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग में प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
अधिकारियों ने बताया कि एएमसी के फायर सर्विस पोर्टल पर जारी सभी एनओसी का रिकॉर्ड उपलब्ध है, जिसकी जाँच की जाएगी।
आगे की जाँच
एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और आपसी बातचीत की विस्तृत जाँच की जाएगी। एजेंसी के अनुसार, आगे की जाँच में आरोपियों की कथित भूमिका और मामले के व्यापक पहलुओं का खुलासा हो सकता है। दोनों आरोपी फिलहाल 12 अगस्त शाम तक रिमांड पर हैं।