9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद: फायर एनओसी रिश्वत मामले में पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे 12 अगस्त तक रिमांड पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद: फायर एनओसी रिश्वत मामले में पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे 12 अगस्त तक रिमांड पर

सारांश

अहमदाबाद नगर निगम के पूर्व प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे और सह-आरोपी भावसिंह झाला को 7 अगस्त को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा — छह इमारतों की फायर एनओसी के बदले ₹36,000 की रिश्वत का आरोप। अदालत ने दोनों को 12 अगस्त तक रिमांड पर भेजा; एएमसी ने डोंगरे की नियुक्ति तत्काल समाप्त की।

मुख्य बातें

अमित डोंगरे (47) और भावसिंह झाला (31) को 7 अगस्त 2026 को एसीबी ने ट्रैप ऑपरेशन में गिरफ्तार किया।
आरोप है कि अहमदाबाद की 6 इमारतों की फायर एनओसी के बदले प्रत्येक के लिए ₹6,000 यानी कुल ₹36,000 रिश्वत माँगी गई।
स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को 12 अगस्त शाम 5 बजे तक पुलिस रिमांड पर भेजा।
अहमदाबाद नगर निगम ने गिरफ्तारी के बाद डोंगरे की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।
एसीबी दोनों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जाँच करेगी; मामले के व्यापक पहलू सामने आ सकते हैं।

अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के पूर्व प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे और उनके सह-आरोपी भावसिंह झाला को 8 अगस्त 2026 को स्थानीय अदालत ने 12 अगस्त शाम 5 बजे तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अहमदाबाद की छह इमारतों के लिए फायर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मंजूर कराने के बदले कथित तौर पर ₹36,000 की रिश्वत माँगी और स्वीकार की।

मामले का पूरा घटनाक्रम

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 7 अगस्त को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान 47 वर्षीय अमित डोंगरे और 31 वर्षीय भावसिंह झाला को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक फायर सेफ्टी ऑफिसर है जो अहमदाबाद में इमारतों को अग्नि सुरक्षा सेवाएं प्रदान करता है। उसने राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से छह इमारतों के लिए एनओसी आवेदन किए थे।

रिश्वत की माँग होने पर शिकायतकर्ता ने वडोदरा सिटी एसीबी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने अहमदाबाद के मेमनगर क्षेत्र स्थित विजय क्रॉस रोड्स के पास यश इक्वा कॉम्प्लेक्स के निकट दो सरकारी पंच गवाहों की उपस्थिति में जाल बिछाया।

रिश्वत की माँग और गिरफ्तारी

एसीबी के अनुसार, प्रत्येक फायर एनओसी के लिए ₹6,000 की दर से कुल ₹36,000 की रिश्वत माँगी गई थी। ट्रैप के दौरान भावसिंह झाला ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से बातचीत कर पूरी रकम स्वीकार कर ली, जिसके बाद एसीबी ने उसे हिरासत में लेकर पूरी राशि बरामद कर ली।

एसीबी का दावा है कि ट्रैप के दौरान भावसिंह झाला ने फोन पर अमित डोंगरे से बातचीत की और डोंगरे ने कथित तौर पर रिश्वत राशि को लेकर सहमति जताई। जाँच एजेंसी के अनुसार, झाला ने डोंगरे के निर्देश पर ही रिश्वत माँगी और स्वीकार की।

एएमसी की कार्रवाई

एसीबी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अहमदाबाद नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से अमित डोंगरे की नियुक्ति समाप्त कर दी। डोंगरे नगर निगम के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग में प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।

अधिकारियों ने बताया कि एएमसी के फायर सर्विस पोर्टल पर जारी सभी एनओसी का रिकॉर्ड उपलब्ध है, जिसकी जाँच की जाएगी।

आगे की जाँच

एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और आपसी बातचीत की विस्तृत जाँच की जाएगी। एजेंसी के अनुसार, आगे की जाँच में आरोपियों की कथित भूमिका और मामले के व्यापक पहलुओं का खुलासा हो सकता है। दोनों आरोपी फिलहाल 12 अगस्त शाम तक रिमांड पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैसे फायर एनओसी, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं। गौरतलब है कि फायर एनओसी इमारत की सुरक्षा की बुनियादी शर्त है, और इसे रिश्वत से 'मंजूर' कराना सीधे जनजीवन को खतरे में डालता है। एएमसी का तत्काल कार्रवाई करना सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे मामले अपवाद हैं या एक गहरी जड़ें जमाई प्रवृत्ति का हिस्सा। एसीबी की जाँच का दायरा यदि केवल दो आरोपियों तक सीमित रहा, तो व्यवस्था में बदलाव की संभावना कम होगी।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद फायर एनओसी रिश्वत मामला क्या है?
यह मामला अहमदाबाद नगर निगम के पूर्व प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे और उनके सहयोगी भावसिंह झाला से जुड़ा है, जिन पर छह इमारतों की फायर एनओसी मंजूर कराने के बदले ₹36,000 की रिश्वत माँगने और स्वीकार करने का आरोप है। एसीबी ने 7 अगस्त 2026 को ट्रैप ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया।
अमित डोंगरे और भावसिंह झाला को कब तक रिमांड पर रखा जाएगा?
स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को 12 अगस्त 2026 की शाम 5 बजे तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड अवधि में एसीबी उनके बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जाँच करेगी।
एसीबी ने गिरफ्तारी कैसे की?
शिकायतकर्ता फायर सेफ्टी ऑफिसर की शिकायत पर एसीबी ने अहमदाबाद के मेमनगर स्थित यश इक्वा कॉम्प्लेक्स के पास जाल बिछाया। दो सरकारी पंच गवाहों की उपस्थिति में भावसिंह झाला ने ₹36,000 स्वीकार किए और एसीबी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
अहमदाबाद नगर निगम ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
एसीबी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अहमदाबाद नगर निगम ने अमित डोंगरे की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। वह अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग में प्रोबेशनरी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर थे।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एसीबी दोनों आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और आपसी बातचीत की विस्तृत जाँच करेगी। एजेंसी के अनुसार, जाँच में मामले के और व्यापक पहलू सामने आ सकते हैं। एएमसी के फायर सर्विस पोर्टल पर जारी सभी एनओसी का रिकॉर्ड भी खँगाला जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले