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अहमदाबाद AMC का 15 दिवसीय अतिक्रमण अभियान: 708 हाथगाड़ियाँ हटाईं, ₹8.62 लाख जुर्माना वसूला

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अहमदाबाद AMC का 15 दिवसीय अतिक्रमण अभियान: 708 हाथगाड़ियाँ हटाईं, ₹8.62 लाख जुर्माना वसूला

सारांश

अहमदाबाद नगर निगम का 15 दिवसीय अतिक्रमण-विरोधी अभियान सात ज़ोन में एक साथ चला — 708 हाथगाड़ियाँ, हज़ारों शेड-तिरपाल, 1,987 विज्ञापन बोर्ड और 1,159 वाहन लॉक। ₹8.62 लाख जुर्माने के साथ यह शहर के सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त करने की अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 24 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक 15 दिवसीय सघन अतिक्रमण-विरोधी अभियान चलाया।
सार्वजनिक सड़कों और हाईवे से 708 हाथगाड़ियाँ और स्टॉल हटाए गए; 313 अवैध शेड और 1,066 तिरपाल भी ध्वस्त किए गए।
1,987 विज्ञापन बोर्ड जब्त या हटाए गए; लगभग 5,196 अन्य वस्तुएँ भी कार्रवाई में आईं।
अवैध पार्किंग पर 1,159 वाहन लॉक और 10 वाहन टो किए गए; 35 पक्के ढाँचे हटाए गए।
नियम-उल्लंघन पर ₹8.62 लाख का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया।
अभियान AMC के सभी सात ज़ोन में एक साथ चलाया गया; आगे भी कार्रवाई जारी रहने की घोषणा।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के एस्टेट विभाग ने 24 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच शहर के सातों ज़ोन में चलाए गए सघन अतिक्रमण-विरोधी अभियान में सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और हाईवे से 708 हाथगाड़ियाँ और स्टॉल हटाए तथा नियमों के उल्लंघन पर ₹8.62 लाख का प्रशासनिक जुर्माना वसूला। इस अभियान में हज़ारों अन्य अवैध कब्जे भी साफ किए गए, जो यातायात की सुगम आवाजाही में बाधा बन रहे थे।

अभियान में क्या-क्या हटाया गया

15 दिनों की इस कार्रवाई के दौरान 313 अवैध शेड और 1,066 तिरपाल हटाए गए। सार्वजनिक सड़कों पर लगे 1,987 विज्ञापन बोर्ड जब्त किए गए या हटाए गए, जबकि लगभग 5,196 अन्य प्रकार की सामग्री भी कार्रवाई के दायरे में आई। अवैध पार्किंग के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए गए — 1,159 वाहनों को लॉक किया गया और 10 वाहनों को टो कर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त सड़कों पर बने 35 पक्के ढाँचे भी ध्वस्त किए गए।

किन-किन इलाकों में हुई कार्रवाई

पश्चिम ज़ोन में गोल्डन ट्रायंगल, स्टेडियम चार रास्ता, स्वास्तिक चार रास्ता, पंचवटी फाइव रोड, परिमल गार्डन अंडरपास, नारणपुरा चार रास्ता, अंकुर चार रास्ता और शास्त्रीनगर को कवर किया गया।

नॉर्थ-वेस्ट ज़ोन में घाटलोडिया के डमरू सर्कल से चाणक्यपुरी रोड, गुजरात हाई कोर्ट कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाला मार्ग, जजेज़ बंगलो रोड, पकवान चार रास्ता, मानसी सर्कल, केशवबाग, इस्कॉन चार रास्ता, थलतेज और वैष्णो देवी सर्कल शामिल रहे।

साउथ-वेस्ट ज़ोन में कैनयुग चार रास्ता से श्यामला चार रास्ता, प्रहलाद नगर, एसजी हाईवे और इस्कॉन सर्कल से उजाला सर्कल तक का क्षेत्र अभियान में रहा। ईस्ट ज़ोन में हस्तिनापुर, हटकेश्वर सर्कल रोड, रबारी कॉलोनी, निकोल, सोनीनी चाली, सारंगपुर ब्रिज और ठक्करबापा नगर से जशोदा नगर तक कार्रवाई की गई।

सेंट्रल ज़ोन में जमालपुर फ्लावर मार्केट, एपीएमसी मार्केट, गीता मंदिर, कालूपुर रेलवे स्टेशन, प्रेम दरवाजा, दिल्ली दरवाजा और माणिक चौक को लक्षित किया गया। नॉर्थ ज़ोन में मेमको से कुबेरनगर, हीरावाड़ी बीआरटीएस, नरोडा गाँव और न्यू नरोडा तक टीमें सक्रिय रहीं। साउथ ज़ोन में पिपलाज-पिराना रोड, सैजपुर, पी.डी. पांड्या कॉलेज रोड, गोविंदवाड़ी, इसानपुर, घोड़ासर कैनाल रोड, हटकेश्वर और सीटीएम क्रॉस रोड शामिल थे।

नगर निगम की अपील और आगे की कार्रवाई

AMC एस्टेट विभाग ने संपत्ति मालिकों, व्यापारियों, दुकानदारों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक सड़कों और हाईवे पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी यातायात-बाधक अतिक्रमणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब अहमदाबाद में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है और शहरी विस्तार के साथ फुटपाथों पर अतिक्रमण एक पुरानी समस्या रही है। गौरतलब है कि इस पैमाने का अभियान — सात ज़ोन, 15 दिन, हज़ारों कार्रवाइयाँ — शहर के नागरिक प्रशासन की ओर से एक असामान्य रूप से व्यापक कदम है। छोटे विक्रेताओं और हाथगाड़ी चालकों पर इसका तात्कालिक आर्थिक असर पड़ेगा, जबकि दीर्घकालिक रूप से सार्वजनिक स्थलों की बहाली शहरवासियों के लिए राहत का कारण बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह टिकाऊ है। शहरी अतिक्रमण एक चक्रीय समस्या है — कार्रवाई के बाद कब्जे फिर लौट आते हैं, क्योंकि विकल्प की व्यवस्था नहीं होती। छोटे विक्रेताओं और हाथगाड़ी चालकों के पुनर्वास की कोई ठोस योजना के बिना, यह अभियान राहत कम और विस्थापन ज़्यादा साबित हो सकता है। AMC को चाहिए कि वह नियमित निगरानी तंत्र और विक्रेता-नीति दोनों को साथ लेकर चले, अन्यथा अगले 15 दिनों में वही तस्वीर फिर दिखेगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद नगर निगम का अतिक्रमण-विरोधी अभियान कब और कहाँ चला?
यह अभियान 24 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक, यानी 15 दिनों तक, AMC के सभी सात ज़ोन में एक साथ चलाया गया। इसमें पश्चिम, नॉर्थ-वेस्ट, साउथ-वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल, नॉर्थ और साउथ ज़ोन की प्रमुख सड़कें और चौराहे शामिल थे।
इस अभियान में AMC ने कितनी हाथगाड़ियाँ और स्टॉल हटाए?
AMC एस्टेट विभाग ने 15 दिनों में 708 हाथगाड़ियाँ और स्टॉल हटाए। इसके अलावा 313 अवैध शेड, 1,066 तिरपाल और लगभग 5,196 अन्य प्रकार की सामग्री भी जब्त या हटाई गई।
अभियान में कितना जुर्माना वसूला गया और किस पर?
नियमों के उल्लंघन पर कुल ₹8.62 लाख का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया। यह जुर्माना सार्वजनिक सड़कों और हाईवे पर अवैध कब्जा करने वाले संपत्ति मालिकों, व्यापारियों और दुकानदारों पर लगाया गया।
अवैध पार्किंग पर क्या कार्रवाई की गई?
अभियान के दौरान 1,159 वाहनों को लॉक किया गया और 10 वाहनों को टो कर ले जाया गया। सड़कों पर बने 35 पक्के ढाँचे भी ध्वस्त किए गए।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी?
हाँ, AMC एस्टेट विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़कों पर यातायात में बाधा डालने वाले अतिक्रमणों के विरुद्ध आने वाले दिनों में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं अवैध कब्जे न करें।
राष्ट्र प्रेस
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