अहमदाबाद में ₹900 करोड़ की जल निकासी परियोजना: रिकॉर्ड बारिश के बाद AMC ने कसी कमर
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 24 जुलाई 2026 को घोषणा की कि नवगठित पंचायत क्षेत्रों और शहर के पश्चिमी उपनगरों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए ₹900 करोड़ के टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे। रिकॉर्ड तोड़ वर्षा के बाद शहर में उत्पन्न जलभराव संकट ने इस बड़े ढाँचागत निर्णय की पृष्ठभूमि तैयार की।
घोषणा की पृष्ठभूमि
गुजरात सरकार में अहमदाबाद जिले के प्रभारी मंत्री ऋषिकेश पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अंबली और घुमा सहित बारिश-प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद यह जानकारी दी। दोनों नेताओं ने पिछले दो दिनों में हुई भारी वर्षा के प्रभाव का सीधे स्थल पर जाकर जायजा लिया।
मंत्री ने बताया कि शहर के दो क्षेत्रों में अत्यंत कम समय में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई, जिसके चलते मौजूदा बुनियादी ढाँचे के बावजूद जल निकासी में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
मुख्य घोषणाएँ और दायरा
मंत्री ऋषिकेश पटेल ने स्पष्ट किया कि बोपाल, घुमा और एसपी रिंग रोड से जुड़े नवगठित पंचायत क्षेत्रों तथा पश्चिमी इलाकों में स्थायी जल निकासी लाइनों के लिए ₹900 करोड़ के निविदा जल्द जारी किए जाएंगे। अहमदाबाद के विस्तार के साथ पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगरपालिका सीमा में शामिल किए जाने के कारण इन इलाकों में व्यापक जल निकासी ढाँचे की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले से चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर बाढ़ की समस्या पूर्व की तुलना में कम हुई है, परंतु नए शामिल हुए क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का अभाव स्पष्ट है। सड़क धँसने की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि ये तकनीकी प्रकृति की हैं और मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है।
मौजूदा राहत अभियान
AMC की स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने शुक्रवार की बैठक में बताया कि पिछले 36 घंटों में असाधारण रूप से भारी वर्षा हुई है और 126 आवासीय सोसाइटियों से जलभराव की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 52 सोसाइटियों से पानी निकाल दिया गया है, जबकि शेष में कार्य जारी है।
AMC ने शहर भर में जलभराव वाले 148 स्थानों की पहचान की है। 42 तूफानी जल निकासी केंद्रों पर 245 पंप और 83 जल निकासी केंद्रों पर 305 पंप पूरी क्षमता से संचालित किए जा रहे थे। प्रशासन ने शाम 6 बजे तक अधिकांश हिस्सों से पानी उतरने का लक्ष्य रखा।
वर्षा के आँकड़े
प्रशासन के अनुसार, अहमदाबाद में औसतन 18.42 इंच वर्षा दर्ज की गई — एक असाधारण आँकड़ा जिसके चलते वासना बैराज के सभी 22 गेट खोलने पड़े। यह ऐसे समय में आया है जब शहर पहले से ही नए क्षेत्रों के एकीकरण की चुनौतियों से जूझ रहा है।
आगे की राह
₹900 करोड़ की इस परियोजना के टेंडर जारी होने के बाद स्थायी जल निकासी ढाँचा तैयार होने में कुछ समय लगेगा। तब तक IMD के रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त संसाधन तैयार रखने का आश्वासन दिया है। नई निर्मित सड़कों पर धँसाव न हो, इसके लिए AMC अलग से निगरानी व्यवस्था कर रही है।