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अहमदाबाद में ₹900 करोड़ की जल निकासी परियोजना: रिकॉर्ड बारिश के बाद AMC ने कसी कमर

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अहमदाबाद में ₹900 करोड़ की जल निकासी परियोजना: रिकॉर्ड बारिश के बाद AMC ने कसी कमर

सारांश

रिकॉर्ड 18.42 इंच बारिश ने अहमदाबाद को हिला दिया — 126 सोसाइटियाँ जलमग्न, वासना बैराज के 22 गेट खुले। जवाब में AMC ने ₹900 करोड़ की स्थायी जल निकासी परियोजना का ऐलान किया, जो नए पंचायत क्षेत्रों और पश्चिमी उपनगरों को कवर करेगी।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने नवगठित पंचायत क्षेत्रों और पश्चिमी उपनगरों में जल निकासी के लिए ₹900 करोड़ के टेंडर जल्द जारी करने की घोषणा की।
प्रभारी मंत्री ऋषिकेश पटेल और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अंबली व घुमा सहित बाढ़-प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
अहमदाबाद में औसतन 18.42 इंच वर्षा दर्ज; वासना बैराज के सभी 22 गेट खोले गए।
शहर में 148 जलभराव स्थलों की पहचान; 52 स्थानों से पानी निकाला गया, शेष पर कार्य जारी।
126 आवासीय सोसाइटियों से जलभराव की शिकायतें; 550 से अधिक पंप पूरी क्षमता पर संचालित।
IMD के रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त जल निकासी व्यवस्था तैयार रखी।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 24 जुलाई 2026 को घोषणा की कि नवगठित पंचायत क्षेत्रों और शहर के पश्चिमी उपनगरों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए ₹900 करोड़ के टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे। रिकॉर्ड तोड़ वर्षा के बाद शहर में उत्पन्न जलभराव संकट ने इस बड़े ढाँचागत निर्णय की पृष्ठभूमि तैयार की।

घोषणा की पृष्ठभूमि

गुजरात सरकार में अहमदाबाद जिले के प्रभारी मंत्री ऋषिकेश पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अंबली और घुमा सहित बारिश-प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद यह जानकारी दी। दोनों नेताओं ने पिछले दो दिनों में हुई भारी वर्षा के प्रभाव का सीधे स्थल पर जाकर जायजा लिया।

मंत्री ने बताया कि शहर के दो क्षेत्रों में अत्यंत कम समय में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई, जिसके चलते मौजूदा बुनियादी ढाँचे के बावजूद जल निकासी में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

मुख्य घोषणाएँ और दायरा

मंत्री ऋषिकेश पटेल ने स्पष्ट किया कि बोपाल, घुमा और एसपी रिंग रोड से जुड़े नवगठित पंचायत क्षेत्रों तथा पश्चिमी इलाकों में स्थायी जल निकासी लाइनों के लिए ₹900 करोड़ के निविदा जल्द जारी किए जाएंगे। अहमदाबाद के विस्तार के साथ पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगरपालिका सीमा में शामिल किए जाने के कारण इन इलाकों में व्यापक जल निकासी ढाँचे की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले से चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर बाढ़ की समस्या पूर्व की तुलना में कम हुई है, परंतु नए शामिल हुए क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का अभाव स्पष्ट है। सड़क धँसने की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि ये तकनीकी प्रकृति की हैं और मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है।

मौजूदा राहत अभियान

AMC की स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने शुक्रवार की बैठक में बताया कि पिछले 36 घंटों में असाधारण रूप से भारी वर्षा हुई है और 126 आवासीय सोसाइटियों से जलभराव की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 52 सोसाइटियों से पानी निकाल दिया गया है, जबकि शेष में कार्य जारी है।

AMC ने शहर भर में जलभराव वाले 148 स्थानों की पहचान की है। 42 तूफानी जल निकासी केंद्रों पर 245 पंप और 83 जल निकासी केंद्रों पर 305 पंप पूरी क्षमता से संचालित किए जा रहे थे। प्रशासन ने शाम 6 बजे तक अधिकांश हिस्सों से पानी उतरने का लक्ष्य रखा।

वर्षा के आँकड़े

प्रशासन के अनुसार, अहमदाबाद में औसतन 18.42 इंच वर्षा दर्ज की गई — एक असाधारण आँकड़ा जिसके चलते वासना बैराज के सभी 22 गेट खोलने पड़े। यह ऐसे समय में आया है जब शहर पहले से ही नए क्षेत्रों के एकीकरण की चुनौतियों से जूझ रहा है।

आगे की राह

₹900 करोड़ की इस परियोजना के टेंडर जारी होने के बाद स्थायी जल निकासी ढाँचा तैयार होने में कुछ समय लगेगा। तब तक IMD के रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त संसाधन तैयार रखने का आश्वासन दिया है। नई निर्मित सड़कों पर धँसाव न हो, इसके लिए AMC अलग से निगरानी व्यवस्था कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 126 सोसाइटियों का एक साथ जलमग्न होना केवल मौसम की विफलता नहीं — यह दीर्घकालिक शहरी नियोजन की चूक भी है। टेंडर जारी होने और वास्तविक निर्माण पूरा होने के बीच की खाई पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में ₹900 करोड़ की जल निकासी परियोजना क्या है?
यह AMC द्वारा नवगठित पंचायत क्षेत्रों, बोपाल, घुमा और एसपी रिंग रोड से जुड़े पश्चिमी इलाकों में स्थायी जल निकासी लाइनें बिछाने की परियोजना है। इसके लिए ₹900 करोड़ के टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे।
अहमदाबाद में इस बार कितनी बारिश हुई और इसका क्या असर पड़ा?
प्रशासन के अनुसार अहमदाबाद में औसतन 18.42 इंच वर्षा दर्ज की गई, जो रिकॉर्ड स्तर पर है। इसके चलते वासना बैराज के सभी 22 गेट खोलने पड़े और 126 आवासीय सोसाइटियों में जलभराव की शिकायतें आईं।
AMC ने जलभराव से निपटने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए?
AMC ने 42 तूफानी जल निकासी केंद्रों पर 245 पंप और 83 जल निकासी केंद्रों पर 305 पंप तैनात किए। 148 चिन्हित जलभराव स्थलों में से 52 को पूरी तरह साफ किया जा चुका है और शेष पर कार्य जारी है।
नई परियोजना की जरूरत क्यों पड़ी?
अहमदाबाद के विस्तार के साथ पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगरपालिका सीमा में शामिल किया गया, लेकिन इन इलाकों में पर्याप्त जल निकासी ढाँचा नहीं था। रिकॉर्ड बारिश ने इस कमी को उजागर कर दिया।
क्या भविष्य में भी ऐसी समस्याएँ आ सकती हैं?
IMD का रेड अलर्ट अभी भी जारी है, इसलिए निकट भविष्य में और बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थायी जल निकासी परियोजना के टेंडर जारी होने और निर्माण पूरा होने में समय लगेगा, तब तक अतिरिक्त पंप और राहत दल तैनात रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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