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अहमदाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद रिकवरी: दक्षिण-पश्चिम में 625 मिमी वर्षा, अधिकांश सड़कें खुलीं

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अहमदाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद रिकवरी: दक्षिण-पश्चिम में 625 मिमी वर्षा, अधिकांश सड़कें खुलीं

सारांश

तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम अहमदाबाद में 625 मिमी बारिश — और फिर भी शहर ने तेज़ी से वापसी की। AMC ने 350 मीटर खाई, 1,200 मिमी पाइपलाइन और अतिरिक्त पंपों के ज़रिये बोपल जैसे कठिन इलाकों में जलनिकासी की। रानीप-चांदलोडिया अंडरपास को छोड़कर पूरा शहर फिर से चालू है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 25 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि तीन दिन की भारी वर्षा के बाद शहर की अधिकांश सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं।
दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में सर्वाधिक 625 मिमी और बोपल में अकेले 544 मिमी (करीब 22 इंच) बारिश दर्ज की गई।
रानीप-चांदलोडिया अंडरपास अस्थायी रूप से बंद; अन्य सभी अंडरपास चालू हो चुके हैं।
AMC ने बोपल में 350 मीटर खाई और 1,200 मिमी पाइपलाइन के ज़रिये पानी घुमा झील व गोटा-गोधावी नहर में मोड़ा।
पश्चिमी ट्रंक लाइन परियोजना ने साइंस सिटी, बोडकदेव और अप्पलुज में पिछले वर्षों की तुलना में जलभराव काफी कम किया।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 25 जुलाई 2026 को बताया कि तीन दिनों की असाधारण भारी वर्षा के बाद शहर की अधिकांश सड़कें यातायात के लिए बहाल कर दी गई हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों से जलनिकासी का कार्य अंतिम चरण में है। नगर आयुक्त बंछानिधि पाणी ने कहा कि विभिन्न नगर निगम विभागों के समन्वित प्रयासों से शहर तेज़ी से सामान्य स्थिति में लौट रहा है।

कितनी हुई बारिश — ज़ोनवार आँकड़े

नगर आयुक्त के अनुसार, पिछले तीन दिनों में अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई। दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में सर्वाधिक 625 मिमी बारिश हुई, इसके बाद उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में 585 मिमी, मध्य क्षेत्र में 498 मिमी और पश्चिम क्षेत्र में 494 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

बोपल में अकेले लगभग 544 मिमी (करीब 22 इंच) बारिश हुई, जबकि बकरोल, सरखेज और जोधपुर सहित कई इलाकों में 16 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

मुख्य घटनाक्रम: सड़कें और अंडरपास

अहमदाबाद की सभी प्रमुख सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं। एकमात्र अपवाद रानीप और चांदलोडिया को जोड़ने वाला अंडरपास है, जो पूरी तरह जलनिकासी होने तक अस्थायी रूप से बंद रहेगा। अन्य सभी अंडरपासों में परिचालन बहाल हो चुका है।

संतोष पार्क से पानी पूरी तरह निकाल दिया गया है, जबकि इस्कॉन ग्रीन और बोपल में जलस्तर में उल्लेखनीय कमी आई है।

बोपल में बाढ़ की समस्या और तकनीकी समाधान

पाणी ने बताया कि बोपल की तश्तरीनुमा स्थलाकृति के कारण यहाँ पानी जमा होने की पुरानी समस्या है। इसके समाधान के लिए AMC ने लगभग 350 मीटर लंबी खाई खोदी है और 1,200 मिमी पाइपलाइन के ज़रिये जल निकासी पंपों की सहायता से पानी को घुमा झील में मोड़ा जा रहा है, जहाँ से इसे गोटा-गोधावी नहर के माध्यम से आगे छोड़ा जाएगा।

करदाज क्षेत्र में तीन अतिरिक्त जल निकासी पंप लगाए गए हैं, और रतन झील में जलनिकासी में तेज़ी लाने के लिए पंपिंग कार्य जारी है।

बुनियादी ढाँचे की भूमिका

नगर आयुक्त ने बताया कि पश्चिमी ट्रंक लाइन परियोजना ने साइंस सिटी, बोडकदेव और अप्पलुज क्षेत्र के बीच पिछले वर्षों की तुलना में जलभराव को काफी हद तक कम किया है। यह इस बुनियादी ढाँचे की व्यावहारिक प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई अन्य ज़िले भी मानसून की अत्यधिक वर्षा से जूझ रहे हैं। अहमदाबाद के महापौर हितेश बरोट और स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल की उपस्थिति में मीडिया को दिए गए इस संबोधन में प्रशासन ने शेष प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्स्थापन कार्य जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बोपल में हर मानसून में बाढ़ की पुनरावृत्ति यह सवाल उठाती है कि तश्तरीनुमा भूगोल की जानकारी होने के बावजूद दीर्घकालिक संरचनात्मक समाधान क्यों नहीं किए गए। 350 मीटर खाई और पंपिंग व्यवस्था आपातकालीन उपाय हैं, स्थायी इलाज नहीं। पश्चिमी ट्रंक लाइन की सफलता बताती है कि जब बुनियादी ढाँचे में निवेश होता है तो नतीजे मिलते हैं — सवाल यह है कि यही दृष्टिकोण बोपल और करदाज जैसे बार-बार प्रभावित क्षेत्रों पर कब लागू होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में तीन दिनों में कितनी बारिश हुई?
नगर आयुक्त बंछानिधि पाणी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में सर्वाधिक 625 मिमी, उत्तर-पश्चिम में 585 मिमी, मध्य क्षेत्र में 498 मिमी और पश्चिम क्षेत्र में 494 मिमी बारिश दर्ज की गई। बोपल में अकेले करीब 544 मिमी (22 इंच) वर्षा हुई।
अहमदाबाद में कौन-सी सड़कें अभी भी बंद हैं?
AMC के अनुसार, रानीप और चांदलोडिया को जोड़ने वाला अंडरपास पूरी तरह जलनिकासी होने तक अस्थायी रूप से बंद है। शहर की अन्य सभी प्रमुख सड़कें और अंडरपास यातायात के लिए खोल दिए गए हैं।
बोपल में बार-बार बाढ़ क्यों आती है?
नगर आयुक्त ने बताया कि बोपल की तश्तरीनुमा (bowl-shaped) स्थलाकृति के कारण वहाँ पानी जमा होने की पुरानी समस्या है। इस बार AMC ने 350 मीटर खाई और 1,200 मिमी पाइपलाइन के ज़रिये पानी घुमा झील में मोड़ा है।
AMC ने जलनिकासी के लिए क्या कदम उठाए?
AMC ने बोपल में 350 मीटर लंबी खाई खोदकर 1,200 मिमी पाइपलाइन के माध्यम से पानी घुमा झील और गोटा-गोधावी नहर में मोड़ा। करदाज में तीन अतिरिक्त जल निकासी पंप लगाए गए और रतन झील में पंपिंग कार्य जारी है।
पश्चिमी ट्रंक लाइन परियोजना का इस बाढ़ में क्या योगदान रहा?
नगर आयुक्त के अनुसार, पश्चिमी ट्रंक लाइन परियोजना ने साइंस सिटी, बोडकदेव और अप्पलुज क्षेत्र में पिछले वर्षों की तुलना में जलभराव काफी कम किया, जो इस बुनियादी ढाँचे की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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