वलसाड बाढ़: शुक्रवार रात तक बिजली बहाली का लक्ष्य, उपमुख्यमंत्री संघवी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश और बाढ़ के बाद प्रभावित अधिकांश गाँवों में शुक्रवार रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। जिन क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है, वहाँ शनिवार तक बहाली का काम पूरा करने की योजना है।
युद्धस्तर पर बहाली का काम
बाढ़ का पानी उतरते ही बिजली वितरण कंपनियों और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों की मरम्मत का काम तेज़ गति से शुरू कर दिया है। राज्य सरकार के अनुसार, बहाली कार्य की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे मौके पर तैनात किया गया है।
आईएएस अधिकारी राज सुथार वलसाड जिले में राहत और बिजली बहाली कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, जबकि आईएएस अधिकारी केतन जोशी नवसारी में इसी ज़िम्मेदारी को संभाल रहे हैं। दोनों अधिकारी प्रगति की सीधी समीक्षा कर रहे हैं।
उमर्गम में एक दिन में रिकॉर्ड 42.56 इंच बारिश
राज्य सरकार के अनुसार, इस मानसून सीज़न में उमर्गम तालुका में एक ही दिन में 42.56 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिसे वलसाड जिले के इतिहास में एकल दिवसीय सर्वाधिक बारिश बताया जा रहा है। इस असाधारण वर्षा के कारण कई गाँवों में व्यापक तबाही हुई है।
उपमुख्यमंत्री संघवी का दौरा और निर्देश
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को वलसाड जिले के उमर्गम तालुका के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने उमर्गम, भीलड़, सतनाला और धोडीपाड़ा के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
संघवी ने प्रशासन को निर्देश दिए कि क्षति सर्वेक्षण शीघ्र पूरा किया जाए और प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता बिना किसी देरी के सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उमर्गम विधायक रमनलाल पाटकर और परदी के उपमंडल अधिकारी नीरव पटेल के साथ समग्र स्थिति की समीक्षा की और बाढ़ पीड़ितों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनीं।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राहत सामग्री और आवश्यक सेवाएँ हर प्रभावित परिवार तक पहुँचाना प्राथमिकता है। निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे अधिकारियों के साथ सहयोग करें और बहाली कार्य पूरा होने तक धैर्य बनाए रखें।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण गुजरात में मानसून की तीव्रता ने सामान्य जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में क्षति सर्वेक्षण के आधार पर मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।