वलसाड बाढ़: उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने देर रात किया दौरा, 12,376 लोग सुरक्षित निकाले
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के वलसाड जिले में भीषण बाढ़ से व्यापक तबाही के बाद, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी देर रात वलसाड पहुँचे और जिला प्रशासन द्वारा किए गए राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरे में राज्य के वित्त, नगर विकास एवं नगरीय आवास मंत्री कनुभाई देसाई भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
रिकॉर्ड वर्षा और बाढ़ का कहर
जिला कलेक्टर नितिन सांगवान ने बताया कि उमरगाम में एक ही दिन में 1,064 मिलीमीटर (42.56 इंच) वर्षा दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र के इतिहास में एकल दिन की सर्वाधिक बारिश है। इसके साथ ही कपराडा तालुका में इस मौसम की अब तक की सर्वाधिक 2,566 मिलीमीटर (102.64 इंच) संचयी वर्षा भी दर्ज की गई। भारी बारिश और मधुबन डैम से पानी छोड़े जाने के कारण नदियाँ दोनों किनारों पर उफान पर थीं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन ने एक ही दिन में 12,376 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में सफलता हासिल की। उपमुख्यमंत्री संघवी ने जिला कलेक्टर नितिन सांगवान और पूरी वलसाड टीम की सराहना करते हुए विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस पूरे अभियान में एक भी मौत नहीं हुई और सभी लोगों को बिना किसी बड़े हादसे के सुरक्षित निकाला गया।
सफाई और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब सबसे प्राथमिक कार्य सफाई अभियान और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। इसके लिए जेसीबी मशीनें, ट्रक और आवश्यक मैनशक्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नगरपालिका को अतिरिक्त अस्थायी कर्मचारी रोककर युद्धस्तर पर सफाई करने और कीचड़ की परतें हटाने के आदेश दिए गए। उमरगाम क्षेत्र में सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
संघवी ने निर्देश दिया कि नगरपालिका घर-घर जाकर कचरा एकत्र करे और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जाँच शिविर आयोजित किए जाएँ। बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए घरेलू सामान और सड़े हुए अनाज का उचित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
राहत एवं मुआवज़ा वितरण
प्रशासन को निर्देश दिया गया कि पानी कम होते ही बाढ़ प्रभावित परिवारों को नकद सहायता (कैश डॉल) और राशन किट तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि दूरदराज के गाँवों का कोई भी व्यक्ति राहत से वंचित न रहे। राज्य सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए वलसाड जिले में 17 वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है।
व्यापारियों के नुकसान पर भी ध्यान
बाढ़ में व्यापारियों और दुकानदारों को हुए नुकसान के मद्देनज़र उपमुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ बैठक कर लोगों के बीमा दावों को जल्द से जल्द स्वीकृत कराने के प्रयास करने का सुझाव दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती से वलसाड जिला शीघ्र सामान्य स्थिति में लौटेगा।