क्या रुद्रप्रयाग में बादल फटने से भारी तबाही हुई? एक महिला की मौत और राहत कार्य जारी

सारांश
Key Takeaways
- रुद्रप्रयाग में भारी बारिश ने तबाही मचाई है।
- एक महिला की मृत्यु की पुष्टि हुई है।
- 8 से 10 लोग मलबे में दबे होने की आशंका है।
- प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
- मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर राहत कार्यों की आवश्यकता बताई है।
रुद्रप्रयाग, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में रात भर हुई बारिश ने भारी तबाही का कारण बनी है। इस भारी बारिश ने सड़कें, पुल और रास्तों को ध्वस्त कर दिया है, जिससे जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग में हुई इस बारिश के चलते जान-माल को बड़ा नुकसान हुआ है। कई परिवार बेघर हो गए हैं, एक महिला की मृत्यु हुई है और 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
जिला मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन और पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने बताया कि प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों को घटनास्थलों पर भेजा है। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण राहत और बचाव कार्यों में काफी चुनौतियाँ आ रही हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जानकारी दी है कि सुबह करीब 5 बजे से बासुकेदार तहसील क्षेत्र में चिंता की स्थिति उत्पन्न हुई है, जहाँ कई ग्राम पंचायतों को नुकसान पहुँचा है। छेनागाड़ में भूस्खलन के कारण कई दुकानें और घर मलबे में दब गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया है कि लगभग 8 से 10 लोग मलबे में फंसे हैं। हमारी टीमें मौके पर अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने कहा, "गुरुवार से मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। हमें बासुकेदार क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिली है, लेकिन वहां का नुकसान महत्वपूर्ण नहीं है। हमारी राहत सामग्री तैयार है और कुछ लोगों को स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।"
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में बादल फटने की घटना पर दुःख व्यक्त किया है और राहत कार्यों को युद्धस्तर पर तेज करने की जानकारी दी।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बासुकेदार क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर कर रहा है।"