दानवी सोच को समाप्त करने के लिए मातृशक्ति के न्याय की आवश्यकता: तेजस्वी यादव
सारांश
Key Takeaways
- दानवी सोच को समाप्त करने की आवश्यकता है।
- माँ दुर्गा न्याय की प्रतीक हैं।
- बिहार की बेटियाँ संकट में हैं।
- भ्रष्टाचार और अन्याय का बढ़ता स्तर।
- विकास के लिए नई दिशा की आवश्यकता है।
पटना, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा सभी को धन, धान्य, सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सम्पन्नता का आशीर्वाद दें।
उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि माँ दुर्गा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक हैं। जब भी अहंकार, असत्य, अन्याय और अराजकता का दानव बलवान होता है, तब माँ दुर्गा न्याय के लिए प्रकट होती हैं। बिहार की स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है कि हमें दानवी सोच को समाप्त करने के लिए मातृशक्ति के न्याय की आवश्यकता है।
तेजस्वी यादव ने कहा, "बिहार के भोले-भाले लोगों का आज जिस तरीके से धोखा, छल, प्रपंच, अन्याय और असत्य द्वारा शोषण किया जा रहा है, वह अब सहन करने के योग्य नहीं है। दानवी सोच को लगता है कि वह अमर हो गई है, लेकिन माँ का आशीर्वाद इस सोच का अंत बिहार से करेगा और एक ऐसा बिहार बनाएगा जहाँ न्याय, सत्य, धर्म, अहिंसा और समानता का निवास होगा।"
राजद नेता ने यह भी बताया कि वर्तमान में बिहार की बेटियां संकट में हैं। यहाँ पर अराजकता का माहौल है, हर विभाग में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, और जिन लुभावने वादों का आश्वासन दिया गया था, वे कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। विकास के हर पैमाने पर बिहार सबसे पीछे है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हम सब मिलकर प्रार्थना करें कि हे माँ दुर्गा, बिहार को इस कठिनाई से निकालकर विकास का एक नया मार्ग दिखाएँ।