24 जुलाई 2026
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गुजरात बाढ़: NDRF ने 67 लोगों को बचाया, 10 जिलों में रेड अलर्ट; उमरगाम में 36 घंटे में 1,200 मिमी बारिश

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गुजरात बाढ़: NDRF ने 67 लोगों को बचाया, 10 जिलों में रेड अलर्ट; उमरगाम में 36 घंटे में 1,200 मिमी बारिश

सारांश

गुजरात में 36 घंटों में 1,200 मिमी बारिश — यह आँकड़ा ही तबाही की दास्तान बयाँ करता है। NDRF ने 67 लोगों को बचाया, 10 जिलों में रेड अलर्ट है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक बंद करना पड़ा। दक्षिण गुजरात में सामान्य से 62% अधिक बारिश — मानसून 2026 का सबसे गंभीर संकट।

मुख्य बातें

NDRF की छठी बटालियन ने सारिखुरद गाँव में अभियान चलाकर 67 लोगों को — जिनमें 22 बच्चे, 25 महिलाएँ, 20 पुरुष — सुरक्षित निकाला।
वलसाड में बाढ़ में फँसी बस से 35 यात्रियों को बचाया गया।
उमरगाम तालुका में 36 घंटों में 1,200 मिमी बारिश — हाल के वर्षों में असाधारण रिकॉर्ड।
IMD ने भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड सहित 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर से समीक्षा की; उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी दक्षिण गुजरात पहुँचे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ईएनए–खरेल खंड में वाहन आवाजाही अस्थायी रूप से बंद।

गुजरात में 24 जुलाई 2026 को भारी मानसूनी बारिश के चलते दक्षिण, उत्तर और मध्य गुजरात के दर्जनों इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की छठी बटालियन ने सारिखुरद गाँव में विशेष अभियान चलाकर अब तक 67 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें 25 महिलाएँ, 20 पुरुष और 22 बच्चे शामिल हैं। वलसाड में बाढ़ के पानी में घिरी एक बस से 35 यात्रियों को भी बचाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, डांग, खेड़ा और अहमदाबाद सहित कई जिलों में सड़कें, मकान और वाहन जलमग्न हो गए हैं। वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में 36 घंटों के भीतर 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में असाधारण मानी जा रही है। नवसारी के चिखली में 800 मिमी और खेरगाम में 650 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। आँकड़ों के अनुसार, दक्षिण गुजरात में अब तक सामान्य से 62 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है।

राहत एवं बचाव अभियान

NDRF के साथ-साथ SDRF, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। कई गाँवों का बाहरी संपर्क टूट जाने के कारण बचाव दल नाव और हेलीकॉप्टर के ज़रिए राहत सामग्री पहुँचाने में लगे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी स्वयं दक्षिण गुजरात पहुँचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा ले चुके हैं। प्रभावित जिलों में प्रशासनिक सहायता के लिए मंत्रियों की तैनाती भी की गई है।

मौसम चेतावनी और यातायात प्रभाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, आनंद और खेड़ा में ऑरेंज अलर्ट लागू है। सूरत में अंबिका नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। एहतियात के तौर पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात पहले ही इस मानसून सत्र में कई बार भारी वर्षा झेल चुका है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और IMD की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। बचाव अभियान जारी है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

200 मिमी बारिश कोई सामान्य मानसूनी घटना नहीं है — यह जलवायु चरम की बढ़ती आवृत्ति का संकेत है, जिसे गुजरात के आपदा प्रबंधन ढाँचे की असली परीक्षा के रूप में देखा जाना चाहिए। NDRF की त्वरित तैनाती सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि सारिखुरद जैसे गाँवों में पूर्व-चेतावनी तंत्र कितना प्रभावी था — क्योंकि लोग तब भी बाढ़ में फँसे मिले। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे का बाधित होना दर्शाता है कि शहरी ड्रेनेज और राजमार्ग नियोजन अभी भी चरम वर्षा की नई वास्तविकता के अनुकूल नहीं हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में NDRF ने कितने लोगों को बचाया और कहाँ से?
NDRF की छठी बटालियन ने सारिखुरद गाँव में विशेष अभियान के तहत 67 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें 25 महिलाएँ, 20 पुरुष और 22 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा वलसाड में बाढ़ में फँसी एक बस से 35 यात्रियों को भी बचाया गया।
गुजरात के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी है?
IMD ने भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद में रेड अलर्ट जारी किया है। अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, आनंद और खेड़ा में ऑरेंज अलर्ट लागू है।
उमरगाम में कितनी बारिश हुई और यह क्यों असाधारण है?
वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में 36 घंटों के भीतर 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में असाधारण मानी जा रही है। तुलना के लिए, नवसारी के चिखली में 800 मिमी और खेरगाम में 650 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। दक्षिण गुजरात में इस सीज़न में सामान्य से 62% अधिक बारिश हो चुकी है।
गुजरात सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी दक्षिण गुजरात पहुँचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और प्रभावित जिलों में मंत्रियों की तैनाती की गई है।
क्या गुजरात में यातायात प्रभावित हुआ है?
हाँ, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। सूरत में अंबिका नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है और कई गाँवों का बाहरी संपर्क भी टूट गया है।
राष्ट्र प्रेस
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