गुजरात में मूसलाधार मानसून: राजुला में 10 इंच बारिश, 777 लोग सुरक्षित, 35 आपदा टीमें मोर्चे पर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में 6 जुलाई को पिछले 24 घंटों में भारी मानसूनी बारिश ने व्यापक असर डाला। अमरेली जिले के राजुला तालुका में राज्य की सर्वाधिक 10 इंच वर्षा दर्ज की गई। प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों से 777 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया और बाढ़ में फँसे 60 लोगों को बचाया।
जिलेवार वर्षा का ब्यौरा
गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आँकड़ों के अनुसार, अमरेली के धारी तालुका में 9 इंच से अधिक, खंभा में 6 इंच से अधिक और सावरकुंडला में 5 इंच से ज़्यादा बारिश हुई। जाफराबाद, बगसरा और लिलिया तालुका में से प्रत्येक में 4 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
डांग जिले के सुबीर में 5 इंच से ज़्यादा और अहवा में 4 इंच से अधिक बारिश हुई। साबरकांठा के विजयनगर तालुका और गिर सोमनाथ के ऊना तालुका में 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। कुल मिलाकर, पिछले 24 घंटों में पूरे गुजरात के 164 तालुकाओं में बारिश दर्ज हुई — जिनमें से 32 तालुकाओं में एक इंच से अधिक और 105 तालुकाओं में एक इंच से कम वर्षा हुई।
मौसमी औसत से आगे निकला गुजरात
सोमवार सुबह 6 बजे IST तक गुजरात में 6 इंच से अधिक मौसमी वर्षा हो चुकी थी, जो दीर्घकालीन औसत से अधिक है। सौराष्ट्र में सर्वाधिक 23 प्रतिशत से अधिक मौसमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद दक्षिण गुजरात (20 प्रतिशत से अधिक), पूर्वी-मध्य गुजरात (12 प्रतिशत से अधिक) और उत्तर गुजरात (10 प्रतिशत से अधिक) का स्थान रहा। कच्छ में इस मौसम में अब तक सबसे कम — मात्र 0.42 प्रतिशत — वर्षा हुई है।
जलाशयों की स्थिति और बाँध अलर्ट
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार जल-प्रवाह के कारण सरदार सरोवर बाँध का जल-संग्रहण बढ़कर 2.15 लाख मिलियन क्यूबिक फीट (MCFT) हो गया है, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 65 प्रतिशत है। राज्य के अन्य 206 जलाशयों में संयुक्त रूप से 2.09 लाख MCFT जल संचित है।
ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 2 बाँध पूरी तरह भरे हुए हैं; 18 बाँधों में 70 प्रतिशत से अधिक, 20 बाँधों में 50 प्रतिशत से अधिक, 49 बाँधों में 25 प्रतिशत से अधिक और 117 बाँधों में 25 प्रतिशत से कम जल-स्तर है। 6 बाँधों को 'हाई अलर्ट', 7 को 'अलर्ट' और 7 को 'वॉर्निंग लेवल' पर रखा गया है।
बचाव अभियान और तैनाती
राज्य सरकार के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने नवसारी, जूनागढ़, तापी, डांग, गिर सोमनाथ, पोरबंदर और अमरेली जिलों से 777 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। बचाव दलों ने बाढ़ के पानी में फँसे 60 लोगों को भी निकाला। संवेदनशील जिलों में कुल 35 आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात हैं — जिनमें नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 10 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की 25 टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, NDRF की 4 और SDRF की 8 टीमें अपने मुख्यालयों पर स्टैंडबाय पर हैं।
बिजली बाधित, मछुआरों को चेतावनी
सरकार के बयान के अनुसार, भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण गुजरात के 2,804 गाँवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। ऊर्जा विभाग ने 2,738 गाँवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है, जबकि शेष 66 गाँवों में बहाली का काम जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और समुद्री स्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने सभी मछुआरों को 9 जुलाई तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के तटीय जिलों में अरब सागर से उठने वाली नमी भरी हवाएँ लगातार सक्रिय बनी हुई हैं।