गुजरात में 24 घंटे में 225 तालुकों में मानसून की बारिश, 11 बांध हाई अलर्ट पर; NDRF-SDRF की 36 टीमें तैनात
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में 7 जुलाई 2026 को मानसून ने व्यापक असर दिखाया — राज्य के 34 जिलों के 225 तालुकों में पिछले 24 घंटों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में सर्वाधिक वर्षा हुई, जबकि राज्य के जलाशय तेज़ी से भर रहे हैं और प्रशासन ने सतर्कता की स्थिति घोषित कर दी है।
सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्र
वलसाड जिले के वापी तालुका में राज्य में सबसे अधिक 8 इंच से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। इसी जिले के पारडी और उमरगाम तालुकों में 6-6 इंच से अधिक वर्षा हुई। सूरत जिले के कामरेज तालुका और भावनगर जिले के घोघा तालुका में भी 6 इंच से ज़्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
मानसून सीज़न की कुल वर्षा का आँकड़ा
7 जुलाई की सुबह 6 बजे तक गुजरात में इस मानसून सीज़न की संचयी वर्षा सामान्य औसत के 20.44 प्रतिशत तक पहुँच चुकी थी। सौराष्ट्र क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहाँ 26.79 प्रतिशत वर्षा हुई, जबकि दक्षिण गुजरात में 24.98 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। मध्य गुजरात में 15.20 प्रतिशत, उत्तर गुजरात में 11.99 प्रतिशत और कच्छ में सबसे कम 1.92 प्रतिशत वर्षा रही।
जलाशयों की स्थिति और बांधों पर अलर्ट
लगातार बारिश से राज्य के जलाशयों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक सरदार सरोवर बांध में 2.17 लाख मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी संग्रहित था, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 65 प्रतिशत है। राज्य के अन्य 206 जलाशयों में उनकी कुल भंडारण क्षमता का 40.01 प्रतिशत पानी भर चुका है। गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11 बांधों को 'हाई अलर्ट', 4 बांधों को 'अलर्ट' और 7 बांधों को 'वॉर्निंग' श्रेणी में रखा गया है।
राहत एवं बचाव अभियान
राज्य सरकार के अनुसार, 1 जून से मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है, जबकि बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 134 लोगों को बचाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कुल 36 टीमें राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में और भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। जलाशयों का जलस्तर यदि इसी गति से बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में कुछ बांधों के द्वार खोले जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।