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सूरत बाढ़ राहत: भारतीय सेना ने कडोदरा में 34 लोगों को बचाया, गुजरात में बहुआयामी अभियान जारी

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सूरत बाढ़ राहत: भारतीय सेना ने कडोदरा में 34 लोगों को बचाया, गुजरात में बहुआयामी अभियान जारी

सारांश

भारतीय सेना ने सूरत के कडोदरा में 34 लोगों को बचाया और 400 से अधिक को राहत दी। नर्मदा में 'ऑपरेशन सुरक्षित डिलीवरी' के तहत 25 सफल प्रसव हुए, वडोदरा में 730 से अधिक आपातकालीन मामले संभाले गए — गुजरात में बाढ़ के बीच बहु-विभागीय राहत तंत्र की असली परीक्षा।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने 1 अगस्त 2026 को सूरत जिले के कडोदरा गाँव में 34 नागरिकों को बाढ़ से बचाया।
400 से अधिक प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री वितरित की गई।
नर्मदा जिले में 'ऑपरेशन सुरक्षित डिलीवरी' के तहत 142 गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण, 101 को स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया और 25 सफल प्रसव हुए।
वडोदरा में 108 एम्बुलेंस सेवा ने तीन दिनों में 730+ आपातकालीन मामले संभाले, जिनमें 131 गर्भवती महिलाएँ शामिल थीं।
सुरेंद्रनगर के केराला गाँव में अग्निशमन दल ने एक परिवार के 3 सदस्यों को बाढ़ के पानी से निकाला।
भरूच जिले में जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से राहत और बचाव कार्यों में समन्वय जारी।

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की बाढ़ राहत टीमों ने 1 अगस्त 2026 को सूरत जिले के कडोदरा गाँव में 34 नागरिकों को सुरक्षित निकाला और 400 से अधिक प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री वितरित की। गुजरात के कई ज़िलों में लगातार भारी वर्षा के कारण बचाव, स्वास्थ्य और आपातकालीन राहत के समानांतर अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्य बचाव अभियान

जिला प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए सेना की टीमें नावों और जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होकर कडोदरा के जलमग्न क्षेत्रों में तैनात रहीं। अधिकारियों के अनुसार, बचाए गए 34 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया और राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया गया। सेना ने कहा कि उसके जवान 'सेवा पहले, खुद बाद में' के मूल मंत्र के अनुरूप किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब मौसम की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और कई नदियाँ खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।

ऑपरेशन सुरक्षित डिलीवरी: गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल

नर्मदा जिले के अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन सुरक्षित डिलीवरी' शुरू किया। 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच स्वास्थ्य टीमों ने उन 142 गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण किया जिनकी प्रसव की संभावित तिथि 15 अगस्त या उससे पहले थी। इनमें से 101 महिलाओं को एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया।

जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी जानखना वसावा ने बताया कि इस अग्रिम योजना के परिणामस्वरूप 25 सफल प्रसव हुए — गडुदेश्वर और नांदोद तालुका में 6-6, चिकदा में 5, सागबारा में 4, तिलकवाड़ा में 3 और डेडियापाड़ा में 1। उन्होंने कहा, 'सभी 25 माताएँ और उनके नवजात शिशु स्वस्थ और सुरक्षित हैं।'

वडोदरा में एम्बुलेंस सेवा पर दबाव

वडोदरा जिले में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद पिछले तीन दिनों में 730 से अधिक आपातकालीन मामलों को सफलतापूर्वक संभाला। अधिकारियों के अनुसार, इनमें 131 गर्भवती महिलाएँ, 84 सड़क दुर्घटनाएँ, 60 श्वसन रोग के मामले, 55 हृदय रोग के मामले और अनेक अन्य चिकित्सा आपातस्थितियाँ शामिल थीं।

सुरेंद्रनगर और भरूच में राहत कार्य

सुरेंद्रनगर जिले के वधवान तालुका के केराला गाँव में अग्निशमन दल ने बाढ़ के पानी में फँसे एक ही परिवार के तीन सदस्यों — एक पुरुष, एक महिला और एक छोटे बच्चे — को सुरक्षित निकाला। भरूच जिले में अधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से राहत और बचाव कार्यों में समन्वय बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि यह गुजरात में मानसून के दौरान बहु-ज़िला आपदा प्रतिक्रिया का एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ सेना, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। स्थिति अभी भी निगरानी में है और राहत अभियान जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वडोदरा में तीन दिनों में 730 से अधिक आपातकालीन मामले यह भी संकेत देते हैं कि बुनियादी ढाँचा अभी भी भारी दबाव में है। असली सवाल यह है कि क्या यह समन्वय स्थायी प्रणाली का हिस्सा बनेगा या केवल संकट-कालीन व्यवस्था बनकर रह जाएगा — क्योंकि गुजरात में मानसूनी बाढ़ कोई अपवाद नहीं, बल्कि वार्षिक वास्तविकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय सेना ने सूरत में कितने लोगों को बचाया?
भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की बाढ़ राहत टीमों ने सूरत जिले के कडोदरा गाँव में 34 नागरिकों को बचाया और 400 से अधिक लोगों को राहत सामग्री वितरित की। यह अभियान जिला प्रशासन के साथ समन्वय करके चलाया गया।
ऑपरेशन सुरक्षित डिलीवरी क्या है?
यह नर्मदा जिले के अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया विशेष अभियान है। 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 142 गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण किया गया, 101 को स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया और इस योजना के कारण 25 सफल प्रसव हुए।
गुजरात बाढ़ में वडोदरा की एम्बुलेंस सेवा पर क्या असर पड़ा?
वडोदरा में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा ने तीन दिनों में 730 से अधिक आपातकालीन मामले संभाले। इनमें 131 गर्भवती महिलाएँ, 84 सड़क दुर्घटनाएँ, 60 श्वसन रोग और 55 हृदय रोग के मामले शामिल थे।
सुरेंद्रनगर में बाढ़ बचाव अभियान कैसे चला?
सुरेंद्रनगर जिले के वधवान तालुका के केराला गाँव में अग्निशमन दल ने बाढ़ के पानी में फँसे एक परिवार के तीन सदस्यों — एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे — को सुरक्षित निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
गुजरात में बाढ़ राहत के लिए कौन-कौन सी एजेंसियाँ काम कर रही हैं?
गुजरात में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और 108 एम्बुलेंस सेवा मिलकर राहत और बचाव कार्य संचालित कर रही हैं। भरूच जिले में जिला नियंत्रण कक्ष समन्वय केंद्र के रूप में काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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