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सूरत बाढ़ राहत: गुजरात सरकार ने ₹550 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी, व्यापारियों को ब्याज सब्सिडी भी

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सूरत बाढ़ राहत: गुजरात सरकार ने ₹550 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी, व्यापारियों को ब्याज सब्सिडी भी

सारांश

सूरत में 6 जुलाई की विनाशकारी बाढ़ के एक हफ्ते बाद गुजरात सरकार ने ₹550 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दी। ठेलेवालों से लेकर जीएसटी-पंजीकृत दुकानदारों तक — सभी के लिए अलग-अलग सहायता राशि तय की गई है और तीन साल की ब्याज सब्सिडी भी घोषित की गई है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 15 जुलाई 2026 को ₹550 करोड़ के सूरत बाढ़ राहत पैकेज को मंजूरी दी।
यह राशि अगले तीन वर्षों में खर्च की जाएगी; पैकेज में नकद सहायता, घरेलू सामग्री और ब्याज सब्सिडी शामिल।
19,000 से अधिक नागरिकों को नकद व घरेलू सहायता और 36,000 ऊपरी मंजिल निवासियों को विशेष सहायता दी गई।
हाथगाड़ी मालिकों को ₹7,500 , छोटे केबिन मालिकों को ₹25,000 , बड़े केबिन मालिकों को ₹50,000 और स्थायी दुकानों को ₹1 लाख मिलेंगे।
जीएसटी-पंजीकृत व्यापारियों के लिए 3 साल तक व्यावसायिक ऋणों पर 7% ब्याज सब्सिडी की घोषणा।
करीब 9,000 सफाईकर्मी एक सप्ताह से चौबीसों घंटे सफाई अभियान में लगे हैं।

गुजरात सरकार ने बुधवार, 15 जुलाई को सूरत बाढ़ से प्रभावित निवासियों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹550 करोड़ के व्यापक राहत पैकेज को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, और यह राशि अगले तीन वर्षों में खर्च की जाएगी।

बाढ़ का मूल कारण और तबाही का पैमाना

6 जुलाई से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते सूरत के आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया था। शहर में मात्र दो दिनों के भीतर करीब 20 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने पड़े। हज़ारों लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित निकाला गया, स्कूल बंद रहे और राहत कार्य कई दिनों तक जारी रहा।

मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत कार्य

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सूरत दौरे के दौरान अधिकारियों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक नुकसान का तत्काल व्यापक सर्वेक्षण करने, नकद सहायता और घरेलू सामग्री का वितरण शुरू करने, सफाई कार्य में तेज़ी लाने, घर-घर स्वास्थ्य टीमें तैनात करने और चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए थे। गुजरात भर के नगर निगमों से भेजे गए कर्मियों सहित करीब 9,000 सफाईकर्मी पिछले एक सप्ताह से चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

प्रभावित नागरिकों को सहायता

संघवी के अनुसार, अब तक 19,000 से अधिक नागरिकों को नकद एवं घरेलू सहायता प्रदान की जा चुकी है। 19,800 से अधिक ऐसे लोगों को सहायता दी गई है जिनके भूतल वाले घर बाढ़ की चपेट में आए थे। इसके अलावा, ऊपरी मंजिलों में रहने वाले करीब 36,000 लोग, जो संपत्ति के नुकसान के बावजूद काम पर नहीं जा सके, उन्हें भी विशेष सहायता दी गई है।

व्यापारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए राहत

बाढ़ से क्षतिग्रस्त हाथगाड़ियों और ठेलागाड़ियों के मालिकों को ₹7,500 की सहायता मिलेगी। 40 वर्ग फुट तक के केबिनों के मालिकों को ₹25,000 और 40 वर्ग फुट से बड़े केबिनों के मालिकों को ₹50,000 दिए जाएंगे। स्थायी दुकानों को ₹1 लाख की सहायता मिलेगी। इसके साथ ही, स्थायी दुकान चलाने वाले जीएसटी-पंजीकृत व्यापारियों के लिए एक विशेष ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सरकार तीन साल तक व्यावसायिक ऋणों पर 7% ब्याज वहन करेगी।

आगे की राह

यह पैकेज ऐसे समय में आया है जब सूरत — देश के प्रमुख हीरा और कपड़ा व्यापार केंद्रों में से एक — में बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। राहत राशि का वितरण और सर्वेक्षण कार्य जारी है, और सरकार का लक्ष्य तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्माण पूरा करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा वितरण की गति और पारदर्शिता होगी — खासकर तब जब अब तक केवल 19,000 नागरिकों तक सहायता पहुंची है और बाढ़ प्रभावितों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। ब्याज सब्सिडी योजना रचनात्मक है, लेकिन इसका लाभ केवल जीएसटी-पंजीकृत व्यापारियों को मिलेगा — अनौपचारिक क्षेत्र के हज़ारों छोटे विक्रेता इससे बाहर रह सकते हैं। सूरत जैसे व्यापारिक शहर में, जहाँ हीरा और कपड़ा उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, तीन साल की समयसीमा पर्याप्त है या नहीं — यह सवाल अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात सरकार का सूरत बाढ़ राहत पैकेज क्या है?
गुजरात सरकार ने 15 जुलाई 2026 को ₹550 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दी है, जो सूरत बाढ़ से प्रभावित निवासियों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों के लिए है। यह राशि अगले तीन वर्षों में खर्च की जाएगी और इसमें नकद सहायता, घरेलू सामग्री और ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।
सूरत में बाढ़ कब और क्यों आई?
6 जुलाई 2026 से शुरू हुई भारी बारिश के कारण सूरत में बाढ़ आई, जिसमें मात्र दो दिनों में करीब 20 इंच वर्षा दर्ज की गई। इससे शहर के आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक जलभराव हुआ और हज़ारों लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा।
सूरत बाढ़ में व्यापारियों को कितनी सहायता मिलेगी?
हाथगाड़ी और ठेलागाड़ी मालिकों को ₹7,500, 40 वर्ग फुट तक के केबिन मालिकों को ₹25,000, बड़े केबिन मालिकों को ₹50,000 और स्थायी दुकानों को ₹1 लाख की सहायता मिलेगी। जीएसटी-पंजीकृत व्यापारियों के लिए तीन साल तक 7% ब्याज सब्सिडी भी घोषित की गई है।
सूरत बाढ़ राहत से कितने लोगों को फायदा मिला है?
अब तक 19,000 से अधिक नागरिकों को नकद व घरेलू सहायता दी जा चुकी है। 19,800 से अधिक भूतल निवासियों और करीब 36,000 ऊपरी मंजिल निवासियों को भी अलग-अलग सहायता प्रदान की गई है।
सूरत में सफाई और पुनर्निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा?
करीब 9,000 सफाईकर्मी बाढ़ के बाद से चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से राहत और पुनर्निर्माण पूरा करना है, हालांकि सफाई कार्य की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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