सूरत बाढ़ राहत: गुजरात सरकार ने ₹550 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी, व्यापारियों को ब्याज सब्सिडी भी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने बुधवार, 15 जुलाई को सूरत बाढ़ से प्रभावित निवासियों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹550 करोड़ के व्यापक राहत पैकेज को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, और यह राशि अगले तीन वर्षों में खर्च की जाएगी।
बाढ़ का मूल कारण और तबाही का पैमाना
6 जुलाई से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते सूरत के आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया था। शहर में मात्र दो दिनों के भीतर करीब 20 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने पड़े। हज़ारों लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित निकाला गया, स्कूल बंद रहे और राहत कार्य कई दिनों तक जारी रहा।
मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत कार्य
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सूरत दौरे के दौरान अधिकारियों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक नुकसान का तत्काल व्यापक सर्वेक्षण करने, नकद सहायता और घरेलू सामग्री का वितरण शुरू करने, सफाई कार्य में तेज़ी लाने, घर-घर स्वास्थ्य टीमें तैनात करने और चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए थे। गुजरात भर के नगर निगमों से भेजे गए कर्मियों सहित करीब 9,000 सफाईकर्मी पिछले एक सप्ताह से चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
प्रभावित नागरिकों को सहायता
संघवी के अनुसार, अब तक 19,000 से अधिक नागरिकों को नकद एवं घरेलू सहायता प्रदान की जा चुकी है। 19,800 से अधिक ऐसे लोगों को सहायता दी गई है जिनके भूतल वाले घर बाढ़ की चपेट में आए थे। इसके अलावा, ऊपरी मंजिलों में रहने वाले करीब 36,000 लोग, जो संपत्ति के नुकसान के बावजूद काम पर नहीं जा सके, उन्हें भी विशेष सहायता दी गई है।
व्यापारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए राहत
बाढ़ से क्षतिग्रस्त हाथगाड़ियों और ठेलागाड़ियों के मालिकों को ₹7,500 की सहायता मिलेगी। 40 वर्ग फुट तक के केबिनों के मालिकों को ₹25,000 और 40 वर्ग फुट से बड़े केबिनों के मालिकों को ₹50,000 दिए जाएंगे। स्थायी दुकानों को ₹1 लाख की सहायता मिलेगी। इसके साथ ही, स्थायी दुकान चलाने वाले जीएसटी-पंजीकृत व्यापारियों के लिए एक विशेष ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सरकार तीन साल तक व्यावसायिक ऋणों पर 7% ब्याज वहन करेगी।
आगे की राह
यह पैकेज ऐसे समय में आया है जब सूरत — देश के प्रमुख हीरा और कपड़ा व्यापार केंद्रों में से एक — में बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। राहत राशि का वितरण और सर्वेक्षण कार्य जारी है, और सरकार का लक्ष्य तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्माण पूरा करना है।