12 जुलाई 2026
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सूरत बाढ़ राहत: नुकसान सर्वेक्षण के लिए 65 अतिरिक्त टीमें तैनात, 2,877 परिवारों को ₹65 लाख से अधिक की सहायता

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सूरत बाढ़ राहत: नुकसान सर्वेक्षण के लिए 65 अतिरिक्त टीमें तैनात, 2,877 परिवारों को ₹65 लाख से अधिक की सहायता

सारांश

सूरत में बाढ़ के बाद राहत की रफ़्तार तेज़ — जिला प्रशासन ने 338 कर्मियों वाली 65 नई सर्वेक्षण टीमें मैदान में उतारीं। उधना और माजुरा सबसे अधिक प्रभावित। अब तक 2,877 परिवारों को ₹65.21 लाख से अधिक की सहायता मिल चुकी है।

मुख्य बातें

सूरत जिला प्रशासन ने बाढ़ नुकसान सर्वेक्षण के लिए 65 अतिरिक्त टीमें तैनात कीं, जिनमें 338 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
जिला कलेक्टर तेजस परमार की देखरेख में राज्य कर विभाग के 13 अधिकारियों को अभियान में लगाया गया।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र उधना और माजुरा में नई टीमें केंद्रित की गई हैं।
शनिवार शाम 6 बजे तक 2,877 लाभार्थियों को ₹65.21 लाख से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित हो चुकी है।
घरेलू सामान मुआवजे में उधना के 833 परिवारों को ₹41.65 लाख आवंटित किए गए।
सर्वेक्षण जारी है; आकलन पूरा होने पर और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलेगी।

सूरत जिला प्रशासन ने 12 जुलाई 2026 को भारी बारिश और ज्वारीय बाढ़ से प्रभावित इलाकों में नुकसान के त्वरित आकलन के लिए 65 अतिरिक्त सर्वेक्षण टीमें तैनात की हैं, जिनमें 338 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों तक सरकारी राहत सहायता शीघ्रता से पहुँचाना है।

सर्वेक्षण अभियान का विस्तार

जिला कलेक्टर तेजस परमार की देखरेख में यह निर्णय लिया गया। राज्य कर विभाग के 13 अधिकारियों और उनके कर्मचारियों को इस अभियान में शामिल किया गया है, जिससे 65 नई टीमें गठित हुई हैं। नव-तैनात कर्मियों को तत्काल क्षेत्रीय सर्वेक्षण शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

यह अतिरिक्त बल उन 50 से अधिक पूर्व-तैनात सर्वेक्षण टीमों के ऊपर है, जिनमें लगभग 250 अधिकारी और कर्मचारी पहले से कार्यरत थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर आने वाले दिनों में और अधिक कर्मियों को तैनात किया जा सकता है।

सबसे प्रभावित क्षेत्र

अतिरिक्त टीमों को मुख्य रूप से सूरत शहर के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों — उधना और माजुरा — में केंद्रित किया गया है। यह सर्वेक्षण हताहतों, घायलों, घरों, घरेलू सामानों तथा चल एवं अचल संपत्तियों को हुए नुकसान का समग्र आकलन करेगा, जो सरकारी राहत वितरण का आधार बनता है।

राहत वितरण के आंकड़े

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे तक प्रभावित छह तालुकों में कुल 2,877 लाभार्थियों को नकद सहायता और घरेलू क्षति के मुआवजे के रूप में ₹65.21 लाख से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है।

इनमें से 1,918 परिवारों को ₹17.26 लाख से अधिक की नकद सहायता मिली। उधना में सर्वाधिक 1,666 लाभार्थियों को ₹14.99 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई। कतरगाम में 84 लोगों को ₹75,600, माजुरा में 86 लाभार्थियों को ₹77,400 और अब्रामा में 82 लाभार्थियों को ₹73,800 की सहायता मिली।

क्षतिग्रस्त घरेलू सामानों के मुआवजे के रूप में कुल 959 लाभार्थियों को ₹47.95 लाख की राशि दी गई। इस मद में भी उधना सबसे आगे रहा, जहाँ 833 परिवारों को ₹41.65 लाख प्राप्त हुए। कतरगाम में 42 परिवारों को ₹2.10 लाख, माजुरा में 43 परिवारों को ₹2.15 लाख और अब्रामा में 41 परिवारों को ₹2.05 लाख की सहायता राशि मिली।

आगे की प्रक्रिया

अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य अभी जारी है और आकलन पूरा होने पर अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को भी सहायता प्राप्त होगी। विस्तारित कार्यबल से उम्मीद है कि सत्यापन प्रक्रिया में तेज़ी आएगी और राहत वितरण में देरी कम होगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई जिले मानसून की असामान्य तीव्रता से जूझ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि सर्वेक्षण से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया कितने दिनों में पूरी होती है। अब तक केवल 2,877 परिवारों को सहायता मिली है, जबकि छह तालुके प्रभावित बताए गए हैं — यह संख्या वास्तविक पैमाने के सापेक्ष सीमित लगती है। यह भी गौरतलब है कि मुआवजे की राशि प्रति परिवार औसतन बेहद कम है, जो बाढ़ में हुई वास्तविक क्षति की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में बाढ़ नुकसान सर्वेक्षण के लिए कितनी टीमें तैनात की गई हैं?
सूरत जिला प्रशासन ने 65 अतिरिक्त सर्वेक्षण टीमें तैनात की हैं, जिनमें 338 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। ये पहले से तैनात 50 से अधिक टीमों के अतिरिक्त हैं।
सूरत बाढ़ राहत में अब तक कितने परिवारों को सहायता मिली है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शनिवार शाम 6 बजे तक 2,877 लाभार्थियों को ₹65.21 लाख से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें नकद सहायता और घरेलू सामान मुआवजा दोनों शामिल हैं।
सूरत में सबसे अधिक प्रभावित इलाके कौन से हैं?
उधना और माजुरा सूरत के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र हैं। उधना में 1,666 लाभार्थियों को ₹14.99 लाख से अधिक की नकद सहायता और 833 परिवारों को ₹41.65 लाख का घरेलू सामान मुआवजा मिला।
सूरत बाढ़ राहत सर्वेक्षण का उद्देश्य क्या है?
यह सर्वेक्षण हताहतों, घायलों, घरों, घरेलू सामानों और संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करता है, जो सरकारी राहत एवं मुआवजा वितरण का आधार बनता है। जिला कलेक्टर तेजस परमार की देखरेख में यह कार्य किया जा रहा है।
क्या सूरत में और अधिक राहत सहायता मिलेगी?
जिला प्रशासन के अनुसार सर्वेक्षण कार्य अभी जारी है और आकलन पूरा होने पर अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को भी सहायता प्राप्त होगी। आवश्यकता पड़ने पर और अधिक कर्मियों की तैनाती भी की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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