बांग्लादेश में बाढ़-भूस्खलन से 51 की मौत, 10 लाख से अधिक प्रभावित; PM तारिक रहमान ने जारी किए अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में 12 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई है और 39 लोग घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, देशभर में 10,22,963 लोग इस आपदा से प्रभावित हो चुके हैं और 2,67,918 परिवार अभी भी जलभराव की स्थिति में फँसे हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सबसे अधिक जनहानि कॉक्स बाजार में हुई है, जहाँ 28 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इसके बाद चटगांव में 13, बंदरबन में 6, रंगामाटी में 3 और मौलवीबाजार में 1 व्यक्ति की जान गई है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में रंगामाटी, बंदरबन, हबीगंज, मौलवीबाजार, खगराछारी, कॉक्स बाजार और चटगांव शामिल हैं — ये सभी बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी और पहाड़ी इलाके हैं जो मानसून में भूस्खलन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ का प्रकोप 58 उपज़िलों, 386 यूनियनों और 12 नगरपालिकाओं तक फैल चुका है। राहत कार्यों के तहत अब तक 44,457 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और देशभर में 1,131 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार, 12 जुलाई को देश के सभी आठ डिवीजनों के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में डिवीजनल कमिश्नरों, पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), डिप्टी कमिश्नरों (डीसी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और सिविल सर्जनों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
रहमान ने कहा कि आपात स्थिति में लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक सूखा राशन, साफ पेयजल, बच्चों का भोजन, आवश्यक दवाइयाँ और स्वास्थ्य सेवाएँ बिना किसी देरी के पहुँचाई जाएँ।
प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि आपदा की आड़ में चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की हेराफेरी या किसी भी प्रकार के अपराध में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही आर्थिक दबाव और राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में कृषि भूमि, मकान और बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचने की आशंका है। गौरतलब है कि कॉक्स बाजार और चटगांव जैसे तटीय एवं पहाड़ी जिले हर वर्ष मानसून में भूस्खलन और बाढ़ की मार झेलते हैं, लेकिन इस वर्ष मृत्यु संख्या और प्रभावित परिवारों का आँकड़ा पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक गंभीर है।
2,67,918 परिवारों का जलमग्न रहना दीर्घकालिक विस्थापन और खाद्य सुरक्षा संकट की चेतावनी भी है। राहत शिविरों में स्थान की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और सरकार ने सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया आने वाले दिनों में शुरू होने की उम्मीद है।