12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एआईयूडीएफ का बड़ा आरोप: कांग्रेस विधायक बेबी बेगम ने वित्तीय सहायता लेकर पार्टी से विश्वासघात किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एआईयूडीएफ का बड़ा आरोप: कांग्रेस विधायक बेबी बेगम ने वित्तीय सहायता लेकर पार्टी से विश्वासघात किया

सारांश

एआईयूडीएफ ने धुबरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस विधायक बेबी बेगम पर वित्तीय सहायता लेकर विश्वासघात का आरोप लगाया। पार्टी ने व्हाट्सएप बातचीत और फोनपे रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में पेश करने का दावा किया — असम की क्षेत्रीय राजनीति में यह नया मोड़ है।

मुख्य बातें

एआईयूडीएफ ने 12 जुलाई को धुबरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस विधायक बेबी बेगम पर वित्तीय सहायता लेकर विश्वासघात का आरोप लगाया।
आरोप है कि बेबी बेगम ने जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में समर्थन के बदले एआईयूडीएफ से बड़ी रकम ली थी।
एआईयूडीएफ की बिलासिपारा कार्यकारी अध्यक्ष सबाना अख्तर ने व्हाट्सएप बातचीत और फोनपे लेनदेन रिकॉर्ड पेश करने का दावा किया।
बेबी बेगम के पति ऐनल हक और तत्कालीन एआईयूडीएफ विधायक नजरुल हक का भी नाम इस विवाद में आया है।
बेबी बेगम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 12 जुलाई को धुबरी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाए कि धुबरी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बेबी बेगम एआईयूडीएफ के कथित वित्तीय समर्थन से चुनाव जीती थीं और बाद में पार्टी के हितों के साथ विश्वासघात किया। पार्टी ने अपने दावों के समर्थन में व्हाट्सएप बातचीत और फोनपे लेनदेन रिकॉर्ड समेत दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा किया।

मुख्य आरोप क्या हैं

एआईयूडीएफ की बिलासिपारा कार्यकारी अध्यक्ष एवं महिला विंग की अध्यक्ष सबाना अख्तर ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि बेबी बेगम ने जिला परिषद सदस्य रहते हुए एआईयूडीएफ से बड़ी रकम की वित्तीय सहायता मांगी थी। यह सहायता कथित तौर पर जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में एआईयूडीएफ को समर्थन देने के बदले में ली गई थी।

सबाना अख्तर के अनुसार, बेबी बेगम ने जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव के संबंध में उनसे कई बार संपर्क किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे स्वयं बेबी बेगम और उनके पति ऐनल हक के साथ धुबरी से तत्कालीन एआईयूडीएफ विधायक नजरुल हक से मिलने गई थीं।

साक्ष्य का दावा

एआईयूडीएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्हाट्सएप संदेशों और फोनपे लेनदेन के रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने का दावा किया, जिन्हें पार्टी ने वित्तीय लेन-देन का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक न्यायिक जाँच के दायरे में नहीं आए हैं और बेबी बेगम की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब असम में एआईयूडीएफ और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संबंध पहले से ही जटिल रहे हैं। दोनों दल अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी रहे हैं, और इस तरह के आरोप गठबंधन की राजनीति में दरार की ओर इशारा करते हैं। धुबरी जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव इस विवाद का केंद्र बिंदु है।

आगे क्या होगा

एआईयूडीएफ ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को आगे उठाएगी। बेबी बेगम की प्रतिक्रिया और कांग्रेस का आधिकारिक रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा। यदि प्रस्तुत साक्ष्य सत्यापित होते हैं, तो यह मामला असम की क्षेत्रीय राजनीति में व्यापक हलचल पैदा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि असम में अल्पसंख्यक राजनीति की उस जटिल संरचना पर सवाल उठाते हैं जिसमें दल-बदल और वित्तीय सौदेबाज़ी की शिकायतें नई नहीं हैं। व्हाट्सएप और फोनपे रिकॉर्ड जैसे डिजिटल साक्ष्य का दावा इस मामले को गंभीर बनाता है, लेकिन बिना स्वतंत्र सत्यापन के ये आरोप राजनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकते हैं। कांग्रेस की चुप्पी और बेबी बेगम की अनुपस्थित प्रतिक्रिया इस विवाद को और उलझाती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये दस्तावेज़ किसी वैधानिक जाँच तक पहुँचते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईयूडीएफ ने बेबी बेगम पर क्या आरोप लगाए हैं?
एआईयूडीएफ का आरोप है कि धुबरी से कांग्रेस विधायक बेबी बेगम ने जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में समर्थन के बदले पार्टी से बड़ी रकम की वित्तीय सहायता ली और बाद में कांग्रेस में बनी रहकर पार्टी के हितों के साथ विश्वासघात किया। पार्टी ने व्हाट्सएप बातचीत और फोनपे लेनदेन रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में पेश करने का दावा किया है।
सबाना अख्तर कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
सबाना अख्तर एआईयूडीएफ की बिलासिपारा कार्यकारी अध्यक्ष और महिला विंग की अध्यक्ष हैं। उन्होंने धुबरी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेबी बेगम के खिलाफ दस्तावेज़ी साक्ष्य के साथ आरोप लगाए और दावा किया कि वे स्वयं बेबी बेगम व उनके पति ऐनल हक के साथ तत्कालीन एआईयूडीएफ विधायक नजरुल हक से मिलने गई थीं।
क्या बेबी बेगम ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एआईयूडीएफ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस विधायक बेबी बेगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
यह विवाद असम की राजनीति के लिए क्यों अहम है?
धुबरी जैसे अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्र में एआईयूडीएफ और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लंबे समय से जारी है। इस तरह के आरोप क्षेत्रीय गठबंधन की राजनीति में गहरी दरार को उजागर करते हैं और आगामी चुनावों में दोनों दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
एआईयूडीएफ ने किस तरह के साक्ष्य पेश किए?
एआईयूडीएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्हाट्सएप बातचीत के स्क्रीनशॉट और फोनपे लेनदेन के रिकॉर्ड पेश करने का दावा किया। हालाँकि, इन दस्तावेज़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामला किसी औपचारिक जाँच के दायरे में नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले