बदरुद्दीन अजमल का कांग्रेस पर प्रहार: 'एक और मुस्लिम लीग बन गई पार्टी', असम में विपक्ष की विफलता पर उठाए सवाल

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बदरुद्दीन अजमल का कांग्रेस पर प्रहार: 'एक और मुस्लिम लीग बन गई पार्टी', असम में विपक्ष की विफलता पर उठाए सवाल

सारांश

AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने बिनाकंडी से जीत के बाद कांग्रेस को 'एक और मुस्लिम लीग' करार दिया। उनका आरोप है कि पार्टी असम में अल्पसंख्यकों की आवाज़ उठाने में विफल रही और BJP को अप्रत्यक्ष राजनीतिक मदद मिली। AIUDF अब विधानसभा में प्रमुख विपक्षी आवाज़ बनने का दावा कर रही है।

मुख्य बातें

बदरुद्दीन अजमल ने 7 मई 2026 को कांग्रेस को 'एक और मुस्लिम लीग' बताया।
अजमल ने बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की।
AIUDF ने असम विधानसभा में BJP के खिलाफ प्रमुख विपक्षी भूमिका निभाने का दावा किया।
अजमल के अनुसार, गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता BJP का मुकाबला करने में विफल रहे।
AIUDF अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और BJP ने मिलकर उनकी पार्टी को कमज़ोर करने का प्रयास किया।
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर अजमल ने कहा कि उन्हें अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने 7 मई 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 'एक और मुस्लिम लीग' बन चुकी है और असम में प्रभावी विपक्षी भूमिका निभाने में पूरी तरह नाकाम रही है। बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने यह बयान दिया।

कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए

अजमल ने दावा किया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों को हाशिए पर छोड़ दिया है और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक लाभ पहुँचाया है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा विरोध करने के बजाय चुप्पी साधे रहा, जिससे अल्पसंख्यक मतदाता निराश हुए।

अजमल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अजमल का आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि वे विपक्षी शून्य में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना चाहते हैं। कांग्रेस और BJP दोनों पर एक साथ निशाना साधना AIUDF की रणनीतिक मजबूरी भी है — क्योंकि मुट्ठी भर सीटों के बावजूद वे बड़े मंच पर दिखना चाहते हैं। असली सवाल यह है कि क्या AIUDF विधानसभा में बेदखली, D-वोटर और नजरबंदी जैसे ठोस मुद्दों पर टिकी लड़ाई लड़ पाएगी, या यह बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस को 'मुस्लिम लीग' क्यों कहा?
अजमल का आरोप है कि कांग्रेस असम में अल्पसंख्यक समुदायों की आवाज़ उठाने में विफल रही और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करने के बजाय चुप रही। उनके अनुसार, इस निष्क्रियता से BJP को अप्रत्यक्ष राजनीतिक लाभ मिला।
AIUDF ने असम चुनाव 2026 में कितनी सीटें जीतीं?
अजमल के बयान के अनुसार AIUDF को 'मुट्ठी भर सीटें' मिली हैं, हालाँकि उन्होंने सटीक संख्या का उल्लेख नहीं किया। अजमल खुद बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए।
AIUDF विधानसभा में कौन से मुद्दे उठाएगी?
AIUDF के विधायक अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे, बेदखली अभियान, नजरबंदी केंद्र और D-वोटर प्रणाली जैसे विषयों को विधानसभा में उठाने का इरादा रखते हैं। अजमल ने कहा कि एक AIUDF विधायक भी सौ आवाजों के बराबर होगा।
क्या AIUDF में आंतरिक विभाजन हो रहा है?
अजमल ने पार्टी से नेताओं के अलग होने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो नेता पार्टी छोड़ गए, उन्हें संगठनात्मक मतभेद और अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया था।
अजमल ने किन कांग्रेस नेताओं की आलोचना की?
अजमल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई की आलोचना की, आरोप लगाते हुए कि वे BJP का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में विफल रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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