बिन्नाकंडी से AIUDF के बदरुद्दीन अजमल की जीत, 35,380 वोटों के अंतर से रेजाउल करीम चौधरी को हराया
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (AIUDF) के उम्मीदवार मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल ने 4 मई 2026 को असम की नवगठित बिन्नाकंडी विधानसभा सीट पर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने असम जातीय परिषद के प्रत्याशी रेजाउल करीम चौधरी को 35,380 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। अजमल को कुल 1,19,721 वोट प्राप्त हुए।
बिन्नाकंडी सीट की पृष्ठभूमि
बिन्नाकंडी मध्य असम के होजाई जिले में स्थित एक नवगठित सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र है। यह काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के 10 खंडों में से एक है। 2023 के परिसीमन के दौरान समाप्त किए गए जमुनामुख निर्वाचन क्षेत्र से इस सीट को पूरी तरह अलग किया गया था, जिसमें गोरोइमारी ब्लॉक के कुछ हिस्से और बोको के अन्य क्षेत्र भी शामिल थे। इस परिसीमन के परिणामस्वरूप नए निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं में व्यापक बदलाव आया और मतदाताओं का स्वरूप भी बदल गया।
मतदाता आँकड़े और जनसांख्यिकी
2026 के विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची में 2,69,001 पात्र मतदाता दर्ज थे, जो 2024 में 2,55,393 की तुलना में मामूली वृद्धि दर्शाता है। 2024 में इस क्षेत्र में मतदान प्रतिशत 81.65% रहा था, जो राज्य औसत से काफी अधिक था। इस सीट पर 80 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी है, साथ ही एक छोटी हिंदू आबादी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की नाममात्र उपस्थिति है। निर्वाचन क्षेत्र में असमिया और बंगाली भाषी समुदायों का मिश्रण है और यह मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है।
2024 लोकसभा चुनाव में संकेत
बिन्नाकंडी एक बिल्कुल नया निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण यहाँ विधानसभा चुनाव का कोई पूर्व इतिहास नहीं है। मतदाताओं की प्राथमिकता का एकमात्र संकेत 2024 के लोकसभा चुनावों से मिला था, जिसमें कांग्रेस ने इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 1,13,244 वोटों की भारी बढ़त दर्ज की थी। कांग्रेस उम्मीदवार को 1,54,164 वोट मिले थे, जबकि BJP उम्मीदवार को केवल 40,920 वोट प्राप्त हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य असम की कई सीटों पर AIUDF का प्रभाव लगातार बना हुआ है।
होजाई जिले का ऐतिहासिक संदर्भ
होजाई जिला, जिसका बिन्नाकंडी एक हिस्सा है, की जड़ें प्राचीन कामरूप साम्राज्य में हैं और बाद में यह दिमासा और कोच साम्राज्यों के अधीन आया। ब्रिटिश काल में यह क्षेत्र नौगोंग उपखंड के हिस्से के रूप में प्रसिद्ध हुआ, जो अपने उपजाऊ मैदानों और चाय बागानों के लिए जाना जाता था। स्वतंत्रता के बाद यह 2016 तक नागांव जिले का हिस्सा बना रहा, जब प्रशासनिक सुधार के तहत होजाई को एक अलग जिले के रूप में गठित किया गया।
क्षेत्र की आर्थिक स्थिति
बिन्नाकंडी निर्वाचन क्षेत्र ब्रह्मपुत्र घाटी के समतल जलोढ़ मैदानों और हल्की ऊबड़-खाबड़ भूमि को कवर करता है। यह भूभाग धान की खेती, सब्जी उत्पादन और बागवानी के लिए उपयुक्त है, लेकिन ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों से मौसमी बाढ़ का खतरा बना रहता है। क्षेत्र की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे व्यापार, कृषि संबंधी गतिविधियों और कस्बों में उभरती सेवाओं पर निर्भर है। गौरतलब है कि यह जीत AIUDF के लिए मध्य असम में अपनी पकड़ बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।