भांगड़ विधानसभा 2026: AISF उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने TMC को 32,088 वोटों से हराया, बड़ा उलटफेर
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट (AISF) के उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने 4 मई 2026 को घोषित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में दक्षिण 24 परगना जिले की भांगड़ विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार सौकत मुल्ला को 32,088 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। यह नतीजा इस सीट पर सत्तारूढ़ TMC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
मतगणना के आंकड़े
नवसाद सिद्दीकी को कुल 1,26,555 वोट मिले, जबकि TMC उम्मीदवार सौकत मुल्ला को 94,467 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार जयंता गायेन रहे, जिन्हें 30,177 वोट मिले। जीत का यह अंतर 2021 के विधानसभा चुनाव में सिद्दीकी की 26,151 वोटों की जीत से भी बड़ा है, जो AISF की इस क्षेत्र में बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
भांगड़ सीट का राजनीतिक इतिहास
भांगड़ विधानसभा क्षेत्र एक सामान्य (जनरल) सीट है, जो जादवपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह सीट 1951 में अस्तित्व में आई और तब से सभी विधानसभा चुनावों में हिस्सा ले चुकी है। 1952 के शुरुआती चुनाव में यह एक संयुक्त सीट थी, जहाँ कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया दोनों को विजेता घोषित किया गया था।
राजनीतिक रूप से यहाँ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) — CPI(M) — का लंबे समय तक दबदबा रहा, जिसने आठ बार जीत हासिल की और 1972 से 2001 तक लगातार सीट अपने पास रखी। 2006 में तृणमूल कांग्रेस ने मामूली अंतर से CPI(M) का वर्चस्व तोड़ा, लेकिन 2011 में वामपंथ ने सीट वापस जीत ली। 2016 में TMC ने फिर जीत दर्ज की। गौरतलब है कि 2021 में पहली बार AISF ने इस सीट पर कब्जा जमाया था।
क्षेत्र की भौगोलिक एवं जनसांख्यिकीय संरचना
इस विधानसभा क्षेत्र में भांगड़ द्वितीय ब्लॉक पूरा और भांगड़ प्रथम ब्लॉक की जगुलगाछी, नारायणपुर व प्राणगंज ग्राम पंचायतें शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर इसे भंगाओरे भी कहा जाता है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जहाँ केवल लगभग 6% शहरी मतदाता हैं।
मतदाता संरचना के अनुसार यहाँ मुस्लिम मतदाता लगभग 65.9% हैं, जबकि अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 18.57% है। मतदान प्रतिशत भी लगातार ऊँचा रहा है — 2021 में 89.07%, 2019 में 85.60% और 2016 में 88.02% मतदान दर्ज हुआ।
लोकसभा चुनावों में TMC की स्थिति
विधानसभा चुनावों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने इस क्षेत्र में लगातार बढ़त बनाए रखी है। 2019 में TMC 1.11 लाख वोटों से आगे रही, हालाँकि 2024 में यह बढ़त घटकर करीब 41 हजार वोट रह गई — जो TMC की पकड़ में धीरे-धीरे आ रही कमी का संकेत देती है।
आगे क्या
नवसाद सिद्दीकी की इस जीत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में AISF को एक मजबूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में स्थापित किया है। भांगड़ में TMC की लगातार दूसरी हार यह सवाल उठाती है कि क्या पार्टी मुस्लिम-बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में अपना पारंपरिक आधार बनाए रख पाएगी।