माल विधानसभा सीट: भाजपा के सुकरा मुंडा ने 15,492 वोटों से जीत दर्ज की, टीएमसी के बुलू चिक बराइक को हराया

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माल विधानसभा सीट: भाजपा के सुकरा मुंडा ने 15,492 वोटों से जीत दर्ज की, टीएमसी के बुलू चिक बराइक को हराया

सारांश

पश्चिम बंगाल की माल विधानसभा सीट पर भाजपा के सुकरा मुंडा ने 15,492 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। 2016 में महज 29,380 वोट से शुरुआत करने वाली भाजपा अब 1,12,095 वोट तक पहुँच गई — यह बदलाव आदिवासी बहुल उत्तर बंगाल में TMC के लिए गंभीर चेतावनी है।

मुख्य बातें

भाजपा के सुकरा मुंडा ने माल विधानसभा सीट पर 1,12,095 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
TMC के बुलू चिक बराइक को 96,603 वोट मिले; हार का अंतर 15,492 वोट रहा।
2021 में TMC ने यह सीट मात्र 5,465 वोटों के अंतर से जीती थी — इस बार पासा पलट गया।
भाजपा का वोट शेयर 2016 के 29,380 से बढ़कर 2026 में 1,12,095 हो गया।
यह सीट जलपाईगुड़ी जिले में स्थित है और 1951 से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
CPI(M) तीसरे और कांग्रेस चौथे स्थान पर रहे।

पश्चिम बंगाल की माल विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुकरा मुंडा ने 4 मई 2026 को जीत दर्ज की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशी बुलू चिक बराइक को 15,492 वोटों के अंतर से पराजित किया। यह जीत जलपाईगुड़ी जिले की इस अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा की पहली ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है।

मतगणना के आँकड़े

सुकरा मुंडा को कुल 1,12,095 वोट प्राप्त हुए, जबकि टीएमसी के बुलू चिक बराइक को 96,603 वोट मिले। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के उम्मीदवार रहे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन प्रत्याशी महेश बागी को 93,621 वोट मिले थे, जबकि बुलू चिक बराइक ने 99,086 वोट हासिल कर मात्र 5,465 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने उस अंतर को पाटते हुए सीट अपने नाम कर ली।

माल सीट का राजनीतिक इतिहास

माल विधानसभा सीट जलपाईगुड़ी जिले के उत्तरी भाग में स्थित है और जलपाईगुड़ी लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से एक है। यह सीट वर्ष 1951 में स्थापित की गई थी और तब से अब तक यहाँ 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

प्रारंभिक दौर में इस सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व था — 1951 से 1972 के बीच हुए सात चुनावों में कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की, जबकि 1957 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने एकमात्र बार यह सीट जीती। 1977 के बाद लेफ्ट फ्रंट ने यहाँ पकड़ बनानी शुरू की और CPI(M) ने 1977 से 2006 तक लगातार सात बार इस सीट पर विजय प्राप्त की।

बुलू चिक बराइक का राजनीतिक सफर

बुलू चिक बराइक ने 2011 में CPI(M) के उम्मीदवार के रूप में माल सीट जीती थी। इसके बाद वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए और 2011 तथा 2016 में TMC प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। हालाँकि, 2021 में उनकी जीत का अंतर घटकर 5,465 वोट रह गया था, जो इस सीट पर बदलते राजनीतिक समीकरण का संकेत था।

भाजपा की बढ़ती ताकत

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पश्चिम बंगाल में अपना जनाधार लगातार विस्तारित कर रही है। 2016 में भाजपा ने माल सीट पर 29,380 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। 2021 में यह संख्या बढ़कर 93,621 हो गई और अब 2026 में 1,12,095 वोटों के साथ भाजपा ने सीट पर कब्ज़ा कर लिया। यह क्रमिक वृद्धि दर्शाती है कि आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में भाजपा की पैठ तेज़ी से गहरी हो रही है।

इस जीत के साथ माल सीट का राजनीतिक परिदृश्य एक नए मोड़ पर है — अब देखना होगा कि टीएमसी इस झटके से उबरने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर बंगाल के आदिवासी मतदाताओं के बदलते राजनीतिक झुकाव की कहानी है। 2016 में 29,380 से शुरू होकर 2026 में 1,12,095 वोट तक की यात्रा बताती है कि भाजपा ने यहाँ व्यवस्थित संगठनात्मक काम किया है। TMC के लिए चिंता की बात यह है कि बुलू चिक बराइक जैसे अनुभवी नेता, जो तीन बार इस सीट से जीत चुके थे, इस बार 15,492 वोटों के बड़े अंतर से हारे। यह संकेत देता है कि TMC का आदिवासी वोट बैंक दरक रहा है — और 2026 के बाकी परिणामों पर इसकी गहरी छाया पड़ सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माल विधानसभा सीट पर 2026 में किसने जीत दर्ज की?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुकरा मुंडा ने माल विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। उन्होंने TMC के बुलू चिक बराइक को 15,492 वोटों के अंतर से पराजित किया।
सुकरा मुंडा को कितने वोट मिले?
सुकरा मुंडा को कुल 1,12,095 वोट मिले, जबकि TMC के बुलू चिक बराइक को 96,603 वोट प्राप्त हुए। जीत का अंतर 15,492 वोट रहा।
माल विधानसभा सीट का इतिहास क्या है?
माल विधानसभा सीट 1951 में स्थापित हुई और यह जलपाईगुड़ी जिले में स्थित अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। यहाँ पहले कांग्रेस, फिर CPI(M) और बाद में TMC का दबदबा रहा।
2021 की तुलना में इस बार चुनाव परिणाम कैसे बदले?
2021 में TMC के बुलू चिक बराइक ने भाजपा के महेश बागी को केवल 5,465 वोटों से हराया था। 2026 में स्थिति पूरी तरह पलट गई और भाजपा ने 15,492 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
माल सीट पर भाजपा का वोट शेयर कैसे बढ़ा?
2016 में भाजपा को माल सीट पर 29,380 वोट मिले थे। 2021 में यह बढ़कर 93,621 हो गए और 2026 में 1,12,095 वोटों तक पहुँच गए, जो एक दशक में चार गुना से अधिक की वृद्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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