माल विधानसभा सीट: भाजपा के सुकरा मुंडा ने 15,492 वोटों से जीत दर्ज की, टीएमसी के बुलू चिक बराइक को हराया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की माल विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुकरा मुंडा ने 4 मई 2026 को जीत दर्ज की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशी बुलू चिक बराइक को 15,492 वोटों के अंतर से पराजित किया। यह जीत जलपाईगुड़ी जिले की इस अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा की पहली ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है।
मतगणना के आँकड़े
सुकरा मुंडा को कुल 1,12,095 वोट प्राप्त हुए, जबकि टीएमसी के बुलू चिक बराइक को 96,603 वोट मिले। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के उम्मीदवार रहे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन प्रत्याशी महेश बागी को 93,621 वोट मिले थे, जबकि बुलू चिक बराइक ने 99,086 वोट हासिल कर मात्र 5,465 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने उस अंतर को पाटते हुए सीट अपने नाम कर ली।
माल सीट का राजनीतिक इतिहास
माल विधानसभा सीट जलपाईगुड़ी जिले के उत्तरी भाग में स्थित है और जलपाईगुड़ी लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से एक है। यह सीट वर्ष 1951 में स्थापित की गई थी और तब से अब तक यहाँ 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।
प्रारंभिक दौर में इस सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व था — 1951 से 1972 के बीच हुए सात चुनावों में कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की, जबकि 1957 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने एकमात्र बार यह सीट जीती। 1977 के बाद लेफ्ट फ्रंट ने यहाँ पकड़ बनानी शुरू की और CPI(M) ने 1977 से 2006 तक लगातार सात बार इस सीट पर विजय प्राप्त की।
बुलू चिक बराइक का राजनीतिक सफर
बुलू चिक बराइक ने 2011 में CPI(M) के उम्मीदवार के रूप में माल सीट जीती थी। इसके बाद वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए और 2011 तथा 2016 में TMC प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। हालाँकि, 2021 में उनकी जीत का अंतर घटकर 5,465 वोट रह गया था, जो इस सीट पर बदलते राजनीतिक समीकरण का संकेत था।
भाजपा की बढ़ती ताकत
यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पश्चिम बंगाल में अपना जनाधार लगातार विस्तारित कर रही है। 2016 में भाजपा ने माल सीट पर 29,380 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। 2021 में यह संख्या बढ़कर 93,621 हो गई और अब 2026 में 1,12,095 वोटों के साथ भाजपा ने सीट पर कब्ज़ा कर लिया। यह क्रमिक वृद्धि दर्शाती है कि आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में भाजपा की पैठ तेज़ी से गहरी हो रही है।
इस जीत के साथ माल सीट का राजनीतिक परिदृश्य एक नए मोड़ पर है — अब देखना होगा कि टीएमसी इस झटके से उबरने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।