बंगाल चुनाव 2026: 152 सीटों पर 92.88%25 रिकॉर्ड मतदान, क्या TMC का किला ढहाएगी BJP?

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बंगाल चुनाव 2026: 152 सीटों पर 92.88%25 रिकॉर्ड मतदान, क्या TMC का किला ढहाएगी BJP?

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर 92.88%25 ऐतिहासिक मतदान ने सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज कर दी हैं। 2021 में TMC ने इन्हीं सीटों पर 92 सीटें जीती थीं। 2011 का इतिहास दोहराएगा या ममता का किला अभेद्य रहेगा?

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर 92.88 प्रतिशत ऐतिहासिक मतदान दर्ज, जो राज्य का अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है।
  • 2021 के चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर TMC ने 92 और BJP ने 59 सीटें जीती थीं।
  • अलीपुरद्वार और दार्जिलिंग में 2021 में BJP का पूर्ण वर्चस्व रहा, जबकि झाड़ग्राम, मुर्शिदाबाद और बीरभूम में TMC ने एकतरफा जीत दर्ज की थी।
  • SIR के दौरान 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, फिर भी मतदान प्रतिशत में 2021 के मुकाबले 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
  • 2011 में 84.33 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान के बाद 34 साल पुरानी Left सरकार सत्ता से बाहर हुई थी — यही ऐतिहासिक पैटर्न इस बार भी चर्चा में है।
  • मतदान के दिन कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिनके लिए BJP ने TMC को जिम्मेदार ठहराया।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर 92.88 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है — जो राज्य के चुनावी इतिहास का सर्वोच्च आंकड़ा है। इस रिकॉर्ड मतदान के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों अपनी जीत के दावे ठोक रही हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर TMC ने 92 और BJP ने 59 सीटें जीती थीं।

पहले चरण में किन जिलों की सीटें शामिल थीं

पहले चरण के मतदान में उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिले शामिल रहे। इसके साथ ही दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धवान और बीरभूम की सीटें भी इस चरण में मतदान के लिए रखी गई थीं।

इन 16 जिलों में उत्तर और दक्षिण बंगाल का मिला-जुला राजनीतिक मिजाज देखने को मिलता है। उत्तर बंगाल में BJP पारंपरिक रूप से मजबूत है, जबकि दक्षिण बंगाल के कई जिले TMC के गढ़ माने जाते हैं।

2021 में जिलेवार सीटों का हिसाब-किताब

2021 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलीपुरद्वार की सभी 5 सीटें BJP के खाते में गई थीं, जबकि TMC का यहां खाता भी नहीं खुला। कूचबिहार की 9 सीटों में से BJP ने 7 और TMC ने 2 सीटें जीती थीं।

दार्जिलिंग की सभी सीटों पर BJP का परचम लहराया था। जलपाईगुड़ी में 7 सीटों में से BJP को 4 और TMC को 3 सीटें मिली थीं। कलिम्पोंग की एकमात्र सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुआ था। उत्तर दिनाजपुर की 9 सीटों में BJP को 2 और TMC को 7 सीटें मिली थीं।

दक्षिण दिनाजपुर की 6 सीटों पर दोनों दलों ने 3-3 सीटें बराबर-बराबर जीती थीं। पुरुलिया की 9 सीटों में BJP ने 6 और TMC ने 3 पर जीत दर्ज की। बांकुड़ा की 12 सीटों में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिली थीं।

पश्चिम बर्धवान की 9 सीटों में BJP को 3 और TMC को 6 सीटें मिलीं। पश्चिम मेदिनीपुर की 15 सीटों में BJP केवल 2 जीत पाई जबकि 13 सीटें TMC के पास गईं। पूर्व मेदिनीपुर की 16 सीटों में BJP को 7 और TMC को 9 सीटें हासिल हुई थीं।

झाड़ग्राम की सभी 4 सीटों पर TMC का दबदबा रहा और BJP शून्य पर सिमट गई। बीरभूम की 11 सीटों में TMC ने 10 और BJP ने केवल 1 सीट जीती। मुर्शिदाबाद की 22 सीटों में BJP केवल 2 पर सिमटी जबकि 20 सीटें TMC के पास गईं। मालदा की 12 सीटों में BJP को 4 और TMC को 8 सीटें मिली थीं।

रिकॉर्ड मतदान और सत्ता परिवर्तन का ऐतिहासिक संदर्भ

पश्चिम बंगाल में इस बार 92.88 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। 2021 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 81.56 प्रतिशत था, यानी इस बार करीब 11 प्रतिशत अधिक मतदाता बूथों तक पहुंचे।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अधिक मतदान को अक्सर एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर यानी सत्ताधारी दल के विरुद्ध जनाक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 91 लाख के करीब नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, इसके बावजूद मतदान प्रतिशत में यह उछाल राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि 2011 के विधानसभा चुनाव में भी जब 84.33 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान हुआ था, तब 34 वर्षों से सत्तारूढ़ वामपंथी मोर्चा (Left Front) सत्ता से बाहर हो गया था और ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC पहली बार राज्य की सत्ता में आई थी। इतिहास का यह पैटर्न इस बार के चुनाव परिणामों को और अधिक अनिश्चित बना देता है।

मतदान के दिन हिंसा और राजनीतिक दावे

मतदान के दिन पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हिंसा की खबरें सामने आईं, फिर भी मतदाताओं ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। BJP ने हिंसा के लिए TMC को जिम्मेदार ठहराया, जबकि TMC ने इन आरोपों को खारिज किया।

दोनों दल अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। BJP का दावा है कि उच्च मतदान प्रतिशत TMC के खिलाफ जनाक्रोश को दर्शाता है, जबकि TMC का तर्क है कि उसका संगठनात्मक आधार और ममता बनर्जी की लोकप्रियता उसे फिर से सत्ता में लाएगी।

आगे क्या होगा

पश्चिम बंगाल में शेष चरणों के मतदान और अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि 2026 में राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है या ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी सरकार बनाने में सफल होती हैं। 2011 के ऐतिहासिक चुनाव का दोहराव होगा या नहीं — यह सवाल अब बंगाल की राजनीति के केंद्र में है और पूरे देश की नजरें इस पर टिकी हैं।

Point of View

फिर भी मतदान प्रतिशत उछल गया — यह दर्शाता है कि बचे हुए मतदाता असाधारण रूप से सक्रिय थे। 2011 का इतिहास TMC के लिए चेतावनी है, क्योंकि उसी रिकॉर्ड मतदान ने Left को हटाया था और ममता को लाया था। मुख्यधारा की मीडिया जहां सिर्फ सीटों की गिनती कर रही है, वहीं असली सवाल यह है कि क्या बंगाल की जनता ने इस बार 'परिवर्तन का मन' बना लिया है — और यही सवाल 2026 के नतीजों की कुंजी है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। इन सीटों पर 92.88 प्रतिशत ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास का सर्वोच्च आंकड़ा है।
2021 में इन 152 सीटों पर TMC और BJP को कितनी-कितनी सीटें मिली थीं?
2021 के विधानसभा चुनाव में इन 152 सीटों पर TMC ने 92 और BJP ने 59 सीटें जीती थीं। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुआ था।
क्या बंगाल में रिकॉर्ड मतदान सत्ता परिवर्तन का संकेत है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अधिक मतदान प्रायः एंटी-इनकंबेंसी यानी सत्ताधारी दल के विरुद्ध जनाक्रोश का संकेत होता है। 2011 में भी 84.33 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान के बाद 34 साल पुरानी Left सरकार सत्ता से बाहर हुई थी।
पश्चिम बंगाल में 2026 चुनाव के पहले चरण में किन जिलों की सीटें शामिल थीं?
पहले चरण में उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा तथा दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धवान और बीरभूम जिले शामिल थे।
SIR में 91 लाख नाम कटने के बाद भी इतनी भारी वोटिंग कैसे हुई?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान पश्चिम बंगाल में 91 लाख के करीब नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। इसके बावजूद शेष मतदाताओं की असाधारण भागीदारी के कारण 92.88 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ, जो राजनीतिक जागरूकता और संभावित बदलाव की मंशा को दर्शाता है।
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