बैरकपुर सीट पर BJP के कौस्तभ बागची की बड़ी जीत, TMC के राज चक्रवर्ती को 15,822 वोटों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार कौस्तभ बागची ने उत्तर 24 परगना जिले की बैरकपुर विधानसभा सीट पर 78,466 वोट हासिल कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक राज चक्रवर्ती को 15,822 मतों के अंतर से पराजित किया। 4 मई 2026 को घोषित इस परिणाम में राज चक्रवर्ती को कुल 62,644 वोट मिले। इस सीट पर संभु दास (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) और सुमन रंजन बंद्योपाध्याय (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी/CPI-M) सहित कुल 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।
मुख्य चुनावी परिणाम
BJP उम्मीदवार कौस्तभ बागची की यह जीत बैरकपुर में भगवा पार्टी की बढ़ती पैठ को रेखांकित करती है। TMC के राज चक्रवर्ती, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से निर्वाचित हुए थे, इस बार अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। गौरतलब है कि 2024 तक BJP का वोट शेयर इस क्षेत्र में 41 फीसदी से अधिक पहुँच चुका था, जिसने इस जीत की ज़मीन पहले से तैयार कर दी थी।
बैरकपुर सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि
बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद गठित हुआ था। 2011 से यह सीट विधानसभा चुनावों में सक्रिय है और इसमें बैरकपुर तथा टीटागढ़ नगरपालिकाएँ शामिल हैं — दोनों पूरी तरह शहरी क्षेत्र हैं।
शुरुआत से TMC का यहाँ वर्चस्व रहा है। 2011 में शैलभद्र दत्ता ने CPI-M उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराकर पहली जीत दर्ज की, और 2016 में भी सीट बरकरार रखी। बाद में उनके BJP में शामिल होने के बाद 2021 में TMC ने राज चक्रवर्ती को प्रत्याशी बनाया, जिन्होंने BJP उम्मीदवार को पराजित किया था।
वोट शेयर में बदलाव का रुझान
विपक्षी राजनीति में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। CPI-M का वोट शेयर 2016 के लगभग 35 फीसदी से घटकर 2021 में करीब 11 फीसदी रह गया। इसके विपरीत, BJP का समर्थन तेज़ी से बढ़ा और 2024 तक उसका वोट शेयर 41 फीसदी से अधिक हो गया, जिससे यह क्षेत्र त्रिकोणीय मुकाबले की दिशा में आगे बढ़ा।
मतदाता संरचना और मतदान प्रतिशत
2021 के आँकड़ों के अनुसार, बैरकपुर सीट पर लगभग 2.15 लाख मतदाता थे। इनमें मुस्लिम मतदाता लगभग 17.8 फीसदी और अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 7.45 फीसदी हैं। यह सीट पूरी तरह शहरी है — यहाँ ग्रामीण मतदाता नहीं हैं। मतदान प्रतिशत में लगातार गिरावट दर्ज हुई है: 2011 में 77.82 फीसदी से घटकर 2021 में 68.85 फीसदी, जो शहरी मतदाता उदासीनता का संकेत है।
ऐतिहासिक महत्व
बैरकपुर ब्रिटिश काल का प्रमुख छावनी क्षेत्र रहा है। 1857 के विद्रोह की शुरुआती घटनाएँ यहीं से जुड़ी हैं, जिसमें मंगल पांडे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। कालांतर में यह क्षेत्र जूट मिलों, रेलवे और रक्षा उद्योगों के कारण एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। यह ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान आज भी इस सीट की राजनीतिक चेतना को प्रभावित करती है।
BJP की इस जीत के साथ बैरकपुर में सत्ता समीकरण बदल गए हैं — अब देखना होगा कि TMC इस झटके से उबरने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।