असम चुनाव: ओवैसी का बदरुद्दीन अजमल के लिए प्रचार अभियान, 8 जनसभाएं करेंगे

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असम चुनाव: ओवैसी का बदरुद्दीन अजमल के लिए प्रचार अभियान, 8 जनसभाएं करेंगे

सारांश

असम विधानसभा चुनावों में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के लिए असदुद्दीन ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को प्रचार करेंगे। इस महत्वपूर्ण दौरे में ओवैसी आठ जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसमें भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधने का अनुमान है।

Key Takeaways

  • असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे।
  • ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को प्रचार करेंगे।
  • बदरुद्दीन अजमल बिन्नाकंडी से चुनाव लड़ रहे हैं।
  • एआईयूडीएफ ने 2016 में 13 सीटें जीती थीं।
  • ओवैसी का अभियान अल्पसंख्यक मतदाताओं पर असर डाल सकता है।

गुवाहाटी, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एआईयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के लिए असदुद्दीन ओवैसी प्रचार करेंगे।

पार्टी के एक सीनियर नेता ने शुक्रवार को बताया कि ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को असम का दौरा करेंगे, जहां वे विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में कम से कम आठ जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

इस चुनाव प्रचार का मुख्य उद्देश्य अजमल के लिए समर्थन जुटाना है, जो बिन्नाकंडी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं।

ओवैसी की भागीदारी से चुनाव प्रचार को खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में गति मिलने की उम्मीद है, जहां एआईयूडीएफ का पारंपरिक प्रभाव रहा है। उनके भाषणों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाना बनाए जाने की संभावना है, जिससे एआईयूडीएफ को एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके।

असम की राजनीति में एक प्रमुख हस्ती बदरुद्दीन अजमल बदलते चुनावी परिदृश्य में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। एआईयूडीएफ अपने मूल समर्थक आधार पर भरोसा करते हुए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

2016 के विधानसभा चुनावों में एआईयूडीएफ ने 13 सीटें जीतकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अल्पसंख्यक मतदाताओं के प्रभुत्व वाले कई क्षेत्रों में खुद को मुख्य विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित किया था।

2021 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'महाजोत' के साथ गठबंधन करके पार्टी की सीटों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। हालांकि इस गठबंधन ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः वह असफल रहा क्योंकि भाजपा का गठबंधन स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापस आ गया।

एआईयूडीएफ के प्रदर्शन से उसकी निरंतर प्रासंगिकता और अपने पारंपरिक मतदाता आधार से परे विस्तार करने में आने वाली चुनौतियों दोनों का पता चलता है। चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस ने एआईयूडीएफ से गठबंधन तोड़ दिया और दोनों पार्टियों ने 2024 के लोकसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़े। एआईयूडीएफ लोकसभा चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई।

ओवैसी का अभियान चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर प्रभाव डाल सकता है। हालांकि चुनावी परिणाम पर इसका समग्र प्रभाव अभी देखा जाना बाकी है।

126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा और मतगणना 4 मई को निर्धारित है।

Point of View

जहां असदुद्दीन ओवैसी का प्रचार अभियान एआईयूडीएफ के लिए समर्थन जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ओवैसी की भागीदारी अल्पसंख्यक मतदाता आधार को कैसे प्रभावित करती है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

असम विधानसभा चुनाव कब हैं?
असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे।
ओवैसी असम में कब प्रचार करेंगे?
ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को असम का दौरा करेंगे।
बदरुद्दीन अजमल किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं?
बदरुद्दीन अजमल बिन्नाकंडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
एआईयूडीएफ ने 2016 में कितनी सीटें जीती थीं?
एआईयूडीएफ ने 2016 के विधानसभा चुनावों में 13 सीटें जीती थीं।
ओवैसी के भाषणों में किस पार्टी को निशाना बनाया जा सकता है?
ओवैसी के भाषणों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाना बनाए जाने की संभावना है।
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