क्या एआईएमआईएम 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर लड़ेगी?

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क्या एआईएमआईएम 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर लड़ेगी?

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एआईएमआईएम की एंट्री हो रही है। पार्टी ने मालदा और मुर्शिदाबाद में अपनी स्थिति मजबूत करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। क्या यह चुनावी दौड़ में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी?

मुख्य बातें

एआईएमआईएम ने मालदा और मुर्शिदाबाद में संगठनात्मक आधार मजबूत किया है।
पार्टी का लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनाव में सभी विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारना है।
तृणमूल कांग्रेस ने एआईएमआईएम पर आरोप लगाया है कि वह भाजपा की कठपुतली बनकर काम कर रही है।
राज्य नेतृत्व को विश्वास है कि पार्टी के मुद्दे मतदाताओं को आकर्षित करेंगे।

कोलकाता, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की भागीदारी होगी। एआईएमआईएम ने बंगाल के दो अल्पसंख्यक बहुल जिलों मालदा और मुर्शिदाबाद में अपने संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करना आरंभ कर दिया है।

मालदा पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का विशेष ध्यान है। एआईएमआईएम की बंगाल इकाई ने प्रचार कार्य आरम्भ करने के लिए मालदा में पार्टी के ब्लॉक अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के नामों की घोषणा की है। इसे अगले वर्ष होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों में राज्य के चुनिंदा अल्पसंख्यक बहुल निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवारों को उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एआईएमआईएम के मालदा जिला अध्यक्ष रेजायुल करीम के अनुसार, पार्टी का राज्य नेतृत्व जिले के सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवार उभारने के प्रति आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि 2026 के चुनावों के प्रचार के दौरान पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे राज्य और जिला स्तर से संबंधित होंगे।

करीम ने कहा कि राज्य स्तर पर जहां पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को प्रमुखता दी जाएगी, वहीं मालदा जिले में सामाजिक बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि मालदा में अन्य दलों के मतदाता एआईएमआईएम की ओर आकर्षित होंगे।

इस बीच, पार्टी के एक राज्य नेता ने कहा कि मालदा के अलावा, पार्टी की योजना मुर्शिदाबाद जिले के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों से भी उम्मीदवार उतारने की है। हालांकि, मुर्शिदाबाद में 2026 में एआईएमआईएम कितने विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारेगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने एआईएमआईएम पर हमला करते हुए उसे अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करने की आरोपित किया था।

हालांकि, पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम के राज्य नेता नबीउल अंसारी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में पार्टी उन निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारती है जहां जीत की संभावनाएं होती हैं और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी यही सिद्धांत लागू होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएमआईएम का मालदा में क्या लक्ष्य है?
एआईएमआईएम का लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनाव में मालदा के सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारना है।
क्या एआईएमआईएम मुर्शिदाबाद में भी चुनाव लड़ेगी?
जी हां, एआईएमआईएम की योजना मुर्शिदाबाद से भी उम्मीदवार उतारने की है, लेकिन यह अभी तय नहीं हुआ है कि कितने क्षेत्रों में उम्मीदवार होंगे।
तृणमूल कांग्रेस ने एआईएमआईएम पर क्या आरोप लगाया है?
तृणमूल कांग्रेस ने एआईएमआईएम पर अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करके भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगाया है।
एआईएमआईएम का राज्य नेतृत्व क्या कहता है?
एआईएमआईएम का राज्य नेतृत्व मानता है कि वे मालदा में अन्य दलों के मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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