क्या मुंबई के गोरेगांव पश्चिम में आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई?
सारांश
Key Takeaways
- अग्निकांड में तीन लोगों की जान गई।
- आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट है।
- स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के प्रयास किए।
- फायर ब्रिगेड ने समय पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
- हादसा एक आवासीय क्षेत्र में हुआ था।
मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के गोरेगांव पश्चिम स्थित भगत सिंह नगर में एक दुःखद अग्निकांड के चलते तीन लोगों की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना देर रात एक आवासीय घर में हुई, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य सो रहे थे। जैसे ही आग लगी, पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
मुंबई फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन इस दुर्घटना में तीन लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक पुरुष और एक महिला की मौत की पुष्टि की गई थी, लेकिन बाद में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा जारी आधिकारिक बयान में तीनों मृतकों का विवरण सामने आया।
बीएमसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, आग ग्राउंड प्लस एक मंजिला वाले मकान में लगी थी। आग मुख्य रूप से ग्राउंड फ्लोर पर बिजली की वायरिंग और घरेलू सामान तक सीमित रही, जबकि पहली मंजिल के एक कमरे में मौजूद तीन लोगों के कपड़े आग की चपेट में आ गए। कमरे का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका है। बीएमसी ने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने पानी की बाल्टियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद बिजली की सप्लाई काटकर फायर ब्रिगेड कर्मियों ने भी पानी की बाल्टियों से आग को पूरी तरह बुझाया।
आग में झुलसे तीनों लोगों को फायर ब्रिगेड के जवानों ने बाहर निकाला और ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रॉमा केयर अस्पताल के आरएमओ डॉ. मोइन ने बताया कि आग में झुलसे तीनों लोग अस्पताल लाए जाने से पहले ही दम तोड़ चुके थे। मृतकों की पहचान हर्षदा पावसकर (19), कुशल पावसकर (12) और संजोग पावसकर (48) के रूप में हुई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
मुंबई फायर ब्रिगेड ने कहा कि आग अब पूरी तरह बुझा दी गई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।