क्या बीआरओ ने अरुणाचल के पासीघाट में सियांग रिवर फ्रंट पर सफाई अभियान चलाया?

Click to start listening
क्या बीआरओ ने अरुणाचल के पासीघाट में सियांग रिवर फ्रंट पर सफाई अभियान चलाया?

सारांश

बीआरओ ने अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग नदी के किनारे सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई। यह पहल 'स्वच्छ भारत मिशन' के सिद्धांतों के अनुरूप है। जानें इस अभियान का महत्व और भविष्य की योजनाएँ।

Key Takeaways

  • बीआरओ की स्वच्छता पहल से स्थानीय समुदाय को जागरूक किया जा रहा है।
  • सियांग नदी के किनारे को प्लास्टिक-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
  • इस अभियान में विभिन्न संगठनों और स्वैच्छिक समूहों का सहयोग है।
  • यह पहल 'स्वच्छ भारत मिशन' के सिद्धांतों के अनुरूप है।
  • स्थानीय प्रशासन का समर्थन इस अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

इटानगर, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अधिकारियों के अनुसार, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने विभिन्न संगठनों और स्वैच्छिक समूहों के साथ मिलकर शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट में सियांग नदी के किनारे एक सफाई अभियान आयोजित किया।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि बीआरओ हमेशा सिविल प्रशासन और स्थानीय जनसंख्या के साथ संवाद स्थापित करने के लिए अग्रणी रहा है।

इस पहल के तहत, बीआरओ प्रोजेक्ट 'ब्रह्मांक' ने कुछ महीने पहले एक आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया था, जिसमें मासिक आधार पर विभिन्न थीम के तहत कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि पासीघाट में कुछ विशेष एजेंसियों और संस्थानों के साथ सहयोग को और बढ़ाया जा सके।

इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, बीआरओ प्रोजेक्ट 'ब्रह्मांक' ने पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में विभिन्न संगठनों और स्वैच्छिक समूहों के साथ मिलकर एक सफाई अभियान का आयोजन किया।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि यह पहल 'स्वच्छ भारत मिशन' के सिद्धांतों के अनुरूप थी और इसका मुख्य उद्देश्य बीआरओ के कर्मियों में इस मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महात्मा गांधी द्वारा परिकल्पित 'स्वच्छ भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप एक स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त नदी किनारे का माहौल सुनिश्चित करना है।

यह प्रोजेक्ट 'ब्रह्मांक' नए साल 2026 की एक शानदार शुरुआत थी, क्योंकि अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों ने मिलकर इस नेक कार्य में भाग लिया और स्थानीय प्रशासन तथा जनसंख्या को अपना समर्थन दिया।

प्रवक्ता ने कहा कि इस कार्यक्रम को पासीघाट के कई शैक्षणिक संस्थानों, छात्र संगठनों और युवा विंग्स का समर्थन प्राप्त हुआ, जो 'सियांग नदी के किनारे को उसकी पुरानी शान वापस दिलाने' के उद्देश्य से कार्य कर रहे थे।

अनुशासन, सामूहिक जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी के मूल्यों को मजबूत करके, बीआरओ स्वच्छता और टिकाऊ तरीकों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रतिबद्धता को फिर से स्थापित करता है।

मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जिम्मेदारियों के अलावा, प्रोजेक्ट 'ब्रह्मांक' नियमित रूप से स्थानीय जनसंख्या के लाभ के लिए विभिन्न कल्याणकारी पहलें भी करता है, जिनमें मेडिकल कैंप, सफाई अभियान, कौशल विकास जागरूकता और प्रेरणादायक सत्र शामिल हैं।

प्रोजेक्ट 'ब्रह्मांक' के मुख्य अभियंता एस.सी. लूनिया ने कहा कि उनका मानना है कि ऐसे सहयोगी प्रयास न केवल बीआरओ और स्थानीय समुदायों के बीच संबंध को मजबूत करेंगे, बल्कि सभी सियांग जिलों के युवाओं के लिए नए अवसर भी प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा, "हम इस महत्वपूर्ण प्रयास में सिविल संगठनों के साथ निरंतर समर्थन और फलदायी साझेदारी की अपेक्षा करते हैं।"

Point of View

स्वच्छता हमारे समाज की नींव है। बीआरओ की इस पहल से न केवल पर्यावरण की रक्षा हो रही है, बल्कि समुदाय के लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। यह कदम सभी के लिए प्रेरणादायक है और हमें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

बीआरओ क्या है?
बीआरओ का मतलब बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन है, जो भारतीय सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माण और रखरखाव का कार्य करता है।
यह सफाई अभियान कब हुआ?
यह सफाई अभियान 10 जनवरी को आयोजित किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सियांग नदी के किनारे एक प्लास्टिक-मुक्त माहौल सुनिश्चित करना था।
Nation Press