गर्मियों में टैनिंग से परेशान नहीं होंगे, घर पर बनाएं ये प्राकृतिक उबटन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे गर्मियां शुरू होती हैं, टैनिंग की समस्या का डर हर किसी को परेशान करने लगता है। तेज धूप में चेहरे, पैर, गर्दन और हाथ पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।
गर्मी और पसीने के कारण त्वचा का रंग केवल गहरा नहीं होता, बल्कि चेहरे पर दाने भी निकलने लगते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में एक ऐसा उबटन का उल्लेख है, जो गर्मियों में टैनिंग से राहत दिलाएगा और चेहरे पर निखार लाएगा। पहले हम जानते हैं कि टैनिंग क्यों होती है।
गर्मियों में होने वाली टैनिंग एक आम समस्या है, जिससे त्वचा का रंग गहरा हो जाता है। धूप की किरणों से बचने के लिए त्वचा मेलेनिन नामक हार्मोन का निर्माण करती है, और समय के साथ रंग असमान हो जाता है। यदि उचित देखभाल की जाए तो टैनिंग से छुटकारा पाया जा सकता है। टैनिंग हटाने के लिए केवल अस्थायी निखार पर्याप्त नहीं है। त्वचा को सही संतुलन और पोषण की आवश्यकता होती है। ऐसे में आयुर्वेद में त्वचा को सुधारने के कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिनमें से एक है प्राकृतिक उबटन।
प्राकृतिक उबटन बनाना आसान है। इसके लिए संतरे के छिलके का पाउडर, थोड़ी मात्रा में केसर, मुलेठी पाउडर, और चंदन पाउडर को एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें। यदि पेस्ट गाढ़ा लगे, तो आप इसमें गुलाब जल या कच्चा दूध भी मिला सकते हैं। इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
इस प्राकृतिक उबटन की खासियत यह है कि यह मृत कोशिकाओं को हटाकर त्वचा को साफ करता है। यह रंग में समानता लाने में मदद करता है और त्वचा को गहराई से पोषण देता है। मुलेठी मेलेनिन के स्तर को संतुलित करती है और केसर त्वचा के रंग को उजला करने में सहायक होता है। वहीं, मिश्रण में मौजूद एलोवेरा गर्मी से राहत प्रदान करता है और त्वचा की जलन को कम कर गहराई से ठंडक देता है। संतरे के छिलके के पाउडर में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो त्वचा की नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है। यह स्किन को निखारने में भी सहायक है।