क्या एनडीए नेताओं ने ओवैसी को दिया जवाब? जनता का पीएम मोदी पर अटूट भरोसा है
सारांश
Key Takeaways
- सपने देखने से कुछ नहीं होता है, जनता का पीएम मोदी पर विश्वास गहरा है।
- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है।
- ओवैसी का बयान राजनीतिक विवाद को जन्म देता है।
नई दिल्ली, १० जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एनडीए नेताओं ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिजाब पहने वाली महिला भी एक दिन प्रधानमंत्री बन सकती है। एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि सपने देखने से कुछ नहीं होता, जनता का पीएम मोदी पर अटूट भरोसा है।
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। देश की जनता ने पीएम मोदी को प्रधानमंत्री चुना है, और वह निरंतर जनता की सेवा कर रहे हैं। आज पीएम मोदी के कार्यों की चर्चा विश्ववैश्विक नेता के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अखंड भारत का हमारा लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए हम पीएम मोदी के नेतृत्व में कार्य कर रहे हैं। किसी के कहने से कोई पीएम और सीएम नहीं बनता है। सपने देखना आसान है, लेकिन वास्तविकता जनता के हाथ में होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि जो लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, वे केवल सपने देखेंगे। अब सनातन समुदाय जागरूक हो गया है, और लोगों को बाकी सब भूल जाना चाहिए। अब से देश पर हमेशा सनातन तरीके से ही शासन होगा।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने ओवैसी के बयान का विरोध करते हुए कहा कि ओवैसी के कहने से कुछ नहीं होता। उनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। ओवैसी अगर हमारे हिंदू राष्ट्र में रहकर हिंदुओं को धमकी देते हैं, तो हमें यह तय करना होगा कि उन्हें यहाँ रहना चाहिए या नहीं।