इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर महत्वपूर्ण सुनवाई

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इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर महत्वपूर्ण सुनवाई

सारांश

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन उत्पीड़न के मामले में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। सुनवाई शुक्रवार को होगी। क्या उन्हें जमानत मिलेगी या गिरफ्तारी का सामना करना पड़ेगा?

Key Takeaways

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
  • सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी।
  • आरोप गंभीर हैं, जिसमें नाबालिगों का यौन शोषण शामिल है।
  • अगर जमानत नहीं मिली, तो गिरफ्तारी का जोखिम है।
  • यह मामला समाज में एक गंभीर मुद्दा है।

प्रयागराज, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। यौन उत्पीड़न से संबंधित एक मामले में दर्ज एफआईआर और संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पेश की है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को उच्च न्यायालय में होगी। यदि उन्हें जमानत नहीं मिलती, तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार, जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में इस मामले की सुनवाई होने वाली है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पांच पक्षकार बनाए गए हैं। हाई कोर्ट की फ्रेश कॉज लिस्ट में इस मामले को 142 नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वकीलों राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार, और श्री प्रकाश के माध्यम से यह याचिका दायर की है, जबकि शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय, आरोपित दोनों नाबालिग पीड़ित, हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को भी पक्षकार बनाया गया है।

यह महत्वपूर्ण है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ झूंसी थाने में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की धारा 351(3) के तहत और अन्य 6 लैंगिक अपराध धाराओं में भी दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता तुलसी कुंज के आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में 14 और 17 वर्ष के दो नाबालिग लड़कों का एक साल से अधिक समय तक यौन शोषण किया गया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब दोनों पीड़ित माघ मेले के दौरान शिकायतकर्ता के पास गए और अपनी आपबीती सुनाई, साथ ही पुलिस सुरक्षा की भी मांग की।

एफआईआर में शिकायतकर्ता ने कहा, "अविमुक्तेश्वरानंद के दोनों शिष्यों ने बताया कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान भी उनके साथ यौन शोषण हुआ था। उनसे कहा गया था कि इसे 'गुरु सेवा' के रूप में लिया जाए और भविष्य में इसका लाभ मिलेगा।"

आरोप है कि दोनों नाबालिगों को आश्रम में अकेले या एक साथ बिना कपड़ों के सोने के लिए मजबूर किया गया, और धमकी देकर उनका यौन शोषण किया गया। एफआईआर में कहा गया है कि हाल ही में माघ मेले के दौरान भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिग पीड़ितों का खड़ी कार के अंदर और एक अस्थायी कैंप के अंदर भी यौन शोषण किया।

Point of View

जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिगों के खिलाफ गंभीर अपराध का आरोप है। अदालत की कार्यवाही और संभावित गिरफ्तारी से जुड़ी सभी जानकारी महत्वपूर्ण है। यह समाज में एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है, जो सभी को प्रभावित करता है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्यों जमानत याचिका दायर की?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत याचिका दायर की है।
हाईकोर्ट में सुनवाई कब होगी?
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।
क्या गिरफ्तारी का खतरा है?
यदि जमानत नहीं मिलती है, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
क्या आरोप हैं?
आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिगों का यौन शोषण किया है।
एफआईआर में क्या बताया गया है?
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने कहा है कि नाबालिगों को गुरु सेवा के नाम पर यौन शोषण के लिए मजबूर किया गया।
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