भारत की जीडीपी वृद्धि दर नए बेस वर्ष के साथ बने रहने की उम्मीद

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भारत की जीडीपी वृद्धि दर नए बेस वर्ष के साथ बने रहने की उम्मीद

सारांश

नई जीडीपी श्रृंखला शुक्रवार को जारी की जाएगी जिसमें जीएसटी डेटा के अधिक उपयोग की सिफारिश की गई है। इस अपडेट से भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत हो सकती है।

Key Takeaways

  • नई जीडीपी श्रृंखला 2022-23 से लागू होगी।
  • जीएसटी डेटा का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
  • भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना।
  • ई-वाहन और प्राकृतिक गैस के आंकड़े शामिल होंगे।
  • आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी रहेगी।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नई जीडीपी श्रृंखला (बेस वर्ष 2022-23) शुक्रवार को जारी की जाएगी। इसके पूर्व, सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा स्थापित एक उप-समिति ने जीडीपी अनुमानों के लिए नई श्रृंखला में जीएसटी डेटा के अधिकतम उपयोग की सिफारिश की है।

यह उप-समिति की रिपोर्ट देश के राष्ट्रीय खातों के बेस वर्ष को वित्त वर्ष 2022-23 में अपडेट करने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे एमओएसपीआई ने आरंभ किया है।

2011-12 सीरीज में जीएसटी डेटा का उपयोग कुछ तिमाही और वार्षिक राष्ट्रीय खातों में किया गया था।

अब भारत जीडीपी का बेस वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर रहा है। इसके साथ ही, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का बेस वर्ष भी 2024 में अपडेट किया जाएगा। इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना को और अधिक सटीकता से दर्शाना है, जिसमें डिजिटल व्यापार और सेवा क्षेत्र की बढ़ती हिस्सेदारी शामिल है।

इस परिवर्तन में असंगठित क्षेत्र के बेहतर मूल्यांकन और जीएसटी जैसे नए डेटा स्रोतों का उपयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त, ई-वाहन (वाहन पंजीकरण) और प्राकृतिक गैस की खपत से संबंधित आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा। नई पद्धति से भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकता है।

पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें मुख्य योगदान घरेलू मांग का होगा।

एसबीआई रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, घरेलू अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती बनाए रखी है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 (चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही) के उच्च-आवृत्ति आंकड़े भी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि दर्शाते हैं।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में प्रतिकूल बेस इफेक्ट के बावजूद जीडीपी वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत तक रह सकती है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दूसरे अग्रिम जीडीपी अनुमान, पिछले तीन वित्त वर्षों के जीडीपी आंकड़े और नए बेस 2022-23 के अनुसार त्रैमासिक जीडीपी आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे।

Point of View

यह रिपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। नए बेस वर्ष के साथ जीडीपी में सुधार संभावित है, जो विकास और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

जीडीपी का नया बेस वर्ष कब से लागू होगा?
जीडीपी का नया बेस वर्ष 2022-23 से लागू होगा।
जीएसटी डेटा का उपयोग क्यों किया जा रहा है?
जीएसटी डेटा का उपयोग अर्थव्यवस्था की सटीकता को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्या रहेगी?
वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है।
ई-वाहन और प्राकृतिक गैस के आंकड़ों का क्या महत्व है?
ये आंकड़े अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना को दर्शाने में मदद करेंगे।
क्या मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आएगी?
नहीं, रिपोर्टों के अनुसार जीडीपी वृद्धि दर में सुधार की उम्मीद है।
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