क्या एनसीआर में एक्यूआई 400 के पार; कड़ाके की ठंड और कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं?
सारांश
Key Takeaways
- एनसीआर में एक्यूआई 400 के पार पहुँच गया है।
- ठंड और कोहरे ने जीवन को और कठिन बना दिया है।
- विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
- मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान में गिरावट की चेतावनी दी है।
- प्रदूषण की स्थिति को सुधारने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को हुई हल्की बारिश के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण की स्थिति में कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं आया। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अनेक क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया, जहाँ कई स्थानों पर यह 400 के ऊपर दर्ज किया गया।
प्रदूषण के साथ-साथ कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की आशंका है, जिससे ठिठुरन भरी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक खराब रहा।
नरेला में एक्यूआई 343, नेहरू नगर में 428, पंजाबी बाग में 373, पूसा में 383, और आरके पुरम में 392 दर्ज किया गया। आनंद विहार में स्थिति और गंभीर रही, जहाँ एक्यूआई 425 तक पहुँच गया। अशोक विहार में 369, बवाना में 354, चांदनी चौक में 408, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 390 और डीटीयू क्षेत्र में 339 एक्यूआई दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि राजधानी की हवा अब भी 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है।
नोएडा की स्थिति भी चिंताजनक रही। सेक्टर-125 में एक्यूआई 358, सेक्टर-62 में 364, सेक्टर-1 में 397 और सेक्टर-116 में 365 दर्ज किया गया। वहीं, गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई 348, लोनी में 368, संजय नगर में 307 और वसुंधरा में सबसे अधिक 432 रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर श्रेणी को दर्शाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जनवरी को सुबह के समय कोहरा छाया रहा। अधिकतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। नमी का स्तर भी काफी अधिक रहा, जिससे कोहरे और प्रदूषण का प्रभाव और बढ़ गया। 11 जनवरी को न्यूनतम तापमान के 5 डिग्री तक गिरने की उम्मीद है, जबकि 12 जनवरी को भी ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, 11 और 12 जनवरी के लिए 'कोई चेतावनी नहीं' जारी की गई है, लेकिन सुबह-शाम कोहरा और ठंड लोगों को परेशान करती रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की मात्रा कम रहने और हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रह गए हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। फिलहाल एनसीआर में प्रदूषण, ठंड और कोहरे का यह दोहरा प्रकोप लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है और आने वाले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।